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प्रेग्नेंसी में कम पानी पीना हो सकता है खतरनाक

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आपने सुना होगा कि लोग गभर्वती स्त्री को ज्यादा से ज्यादा पानी पीनेके लिए कहते हैं. यहां तक कि डॉक्टर भी उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानीपीने की सलाह देते है. पर क्या आपने कभी ये सोचा है कि ऐसा क्यों कहा जाताहै?

दरअसल, पेट में पल रहे बच्चे को मां से ही पोषण मिलता है. ऐसे में कमपानी पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है. कम पानी पीने वाली गर्भवती महिलाओं को कब्ज की तकलीफ हो सकती है. पानी पीते रहने से एनर्जी बनी रहती है.

पानी पीना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि पानी के माध्यम से हमारेशरीर के विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं. गर्भवती महिलाओं को अक्सर शरीरमें सूजन की शि‍कायत होती है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने से सूजनमें कमी आती है.

ऐसी महिलाओं को अक्सर शरीर में दर्द की शि‍कायत रहती है. पानी पीते रहने से उन्हें दर्द में भी आराम मिलता है.

इसके अलावा ये भी माना जाता है कि गर्भवती महिला के कम पानी पीने से बच्चे की त्वचा को पूरी नमी नहीं मिल पाती है. जिससे बच्चे की त्वचा सिकुड़ जाती है.

गिलोय के फायदे

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आपको किसी और आयुर्वेदिक औषधि के बारे में पता हो न हो लेकिन आपने अपनी दादी या मां से गिलोय के बारे में तो जरूर सुना होगा. हो सकता है बीमार पड़ने पर आपकी मां या दादी ने आपको गिलोय का काढ़ा या फिर गिलोय कीगोली बनाकर भी खिलाई हो.

अगर घर पर नहीं सुना होगा तो बाबा रामदेव से तो जरूर सुना होगा. योग गुरूबाबा रामदेव तो गिलोय को अमृत बताते हैं. जिससे बहुत सी बीमारियों का इलाज संभव है.

गिलोय एक बेहतरीन और कारगर आयुर्वेदिक दवा है. अच्छी बात ये है कि इसका सेवन करना जितना आसान है, उतना ही आसान है इसे उगाना. गिलोय की बेल कहीं भी बहुत आसानी से उग जाती है.

गिलोय के स्वास्थ्य लाभ:

  1. गिलोय में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जोकि फ्री रेडिकल्स डैमेज से सुरक्षित रखने और इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट करने में मददगार हैं.
  2. बुखार हो जाने पर गिलोय लेना बहुत फायदेमंद है.
  3. ये ब्लड प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाने में भी मददगार होता है.

राहुल ने कहा पहली बार हुआ अच्छा काम

लखनऊ ।देवरिया से दिल्ली तक किसान महायात्रा के तीसरे चरण में आज कांग्रेसउपाध्यक्ष राहुल गांधी बुलंदशहर में हैं। यहां पर राहुल गांधी ने कहा किढाई साल में मोदी ने पहली बार अच्छा काम किया है । इस तरह से राहुल ने पहलीबार मोदी की प्रशंसा की और सैन्य कार्रवाई को सही बताया।

राहुल बुलंदशहर के काला आम चौक से किसान यात्रा के तहत रोड शो कर रहे हैं।राहुल गांधी ने पीएम मोदी को थैंक्यू कहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदीद्वारा सर्जिकल स्ट्राइक को इजाजत देना एक सही फैसला था।

 

पीयूके में पाक की नापाक मोवमेंट नज़र आई

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भारतीय सेना ने कहा हर चुनौती के लिए तैयार हैं हम

रक्षा सूत्रों के मुताबिक पीओके में आतंकवादी ठिकानों परभारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने अपनी स्ट्राइक कोर कोशकरगढ़ बल्ज की तरफ मूव कर दिया है। सैटेलाईट इमेजरी और इंटेलीजेस के जरिएहिंदुस्तान को पाकिस्तान की तरफ से होने वाली इस नापाक हरकत की जानकारीमिली है।

पाकिस्तान आर्मी की दस कोर में से एक 1 स्ट्राइक कोर का हैडक्वार्टरपीओके के मंगला में है। अब सवाल उठता है कि आखिर क्यों पाकिस्तान अपनीस्ट्राइक कोर को शकरगढ़ बल्ज की तरफ भेज रहा है। क्या पाकिस्तान हिंदुस्तानको ड़राने की कोशिश कर रहा है? शकरगढ़ बल्ज बार्डर का पाकिस्तान की तरफ सेहिंदुस्तान में इंडस रिवर बेल्ट का वो सामरिक महत्व का उभरा हुआ हिस्साहै, जहां से पाकिस्तान हिंदुस्तान पर हमला कर सकता है। पाकिस्तान हमला करजम्मू–पंजाब रोड़ लिंक को काट सकता है।

सूत्रों की माने तो पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की है कि ये पाकिस्तानआर्मी की स्ट्राइक कोर का मूवमेंट गुप्त हो, लेकिन हिंदुस्तान कीसैटेलाईट्स ने पाकिस्तान के इस मिलिट्री मूवमेंट को पकड़ लिया है। दरअसलपाकिस्तान की स्ट्राइक कोर की 6 आर्मर्ड डिवीजन खारिया में जहां तक पहुंचनेके लिए एलेक्जेंड्रा ब्रिज क्रॉस करना पड़ाता है। और यही ब्रिज क्रॉस करतेहुए खुफिया एजेंसियों को पाकिस्तानी सेना के मूवमेंट का पता चला।

सूत्रों का कहना है कि हिंदुस्तान की सेना पाकिस्तान की तरफ से होनेवाली हर हरकत पर नजर बनाए हुए है औऱ उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। शकरगढ़बल्ज में भारतीय सेना की तीन आर्मर्ड ब्रिगेड हैं जो पाकिस्तान की किसीभारत पर हमले की किसी भी कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दे सकती है।

बाहुबली की जेल वापसी

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नई दिल्ली: बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के बाहुबली नेता मोहम्मदशहाबुद्दीन को वापस जेल जाना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दीहै.

सुप्रीम कोर्ट ने यह जमानत राजीव रोशन केस में रद्द की है, जबकि उसके दोभाइयों की हत्या के केस में सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन को नोटिस जारीकिया है. राजीव अपने भाइयों की हत्या का मुख्य गवाह था.

सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही बिहार सरकार को शहाबुद्दीन को तुरंत हिरासत मेंलेने के आदेश दिया है. कोर्ट ने निचली अदालत से शहाबुद्दीन की कथितसंलिप्तता वाले राजीव रोशन हत्या मामले का जल्द निपटान करने को कहा है.

बिहार में मारे गए तीन भाइयों के पिता चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदाबाबूकी तरफ से मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने शहाबुद्दीन की जमानत के खिलाफयाचिका दायर की थी. चंदाबाबू ने याचिका में कहा था कि शहाबुद्दीन के जेल सेबाहर आने के बाद क्षेत्र में सनसनी और डर का माहौल बन गया है.

इससे पहले याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा था कि पटना हाईकोर्ट का जमानतदेने का आदेश कानून का मजाक उड़ाना है, क्योंकि हत्या के केस में अभी तकगवाहों के बयान भी दर्ज नहीं हुए हैं. साथ ही हाईकोर्ट ने इस तथ्य को भीअनदेखा कर दिया कि शहाबुद्दीन पर 13 मई 2016 को सिवान में पत्रकार राजदेवरंजन की हत्या का भी आरोप है.

बिहार के सिवान से आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के खिलाफ हत्या, अपहरण और जबरन वसूली के 40 से अधिक मामले दर्ज हैं. शहाबुद्दीन को जमानतमिलने पर विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अपने गठबंधन साझेदारलालू प्रसाद यादव के दबाव में झुकने का आरोप लगाया था. तब बिहार सरकार नेइन आरोपों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर शहाबुद्दीनकी जमानत रद्द करने की मांग की थी. हालांकि मामले की सुनवाई के दौरानसुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की कई बार खिंचाई की थी और पूछा था कि ‘जबउन्हें जमानत मिली थी, तब क्या आप सो रहे थे?’

वहीं शहाबुद्दीन की जमानत का बचाव करते हुए उनके वकील ने कहा था किशहाबुद्दीन जमानत पर बिहार से बाहर रहने को भी तैयार हैं. हालांकि कोर्ट नेउनका यह प्रस्ताव कर दिया.

छत्तीसगढ़: रियल स्टेट कारोबारियों के घर-दफ्तर में इनकम टैक्स का छापा

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लखनऊ /रायपुर। छत्तीसगढ़ में रियल स्टेट से जुड़े आधा दर्जन बड़े कारोबारियों के 14 ठिकानों पर आयकर विभाग ने दबिश दी है. छापेमारी सुबह तड़के लगभग साढ़े चारबजे की गई. इस वक्त तमामठिकानों पर निजी सुरक्षा गार्ड पहरा दे रहे थे. 30 सितंबर के पहले हुई आयकरकी इस छापेमारी से हड़कंप मच गया है. काले धन व अघोषित आय को लेकर आयकरघोषणा योजना के तहत अंतिम तिथि 30 सितंबर 2016 है.

यहां पड़ा छापा
जिन बड़े कारोबारियों के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा उनमें वीआईपी ग्रुप के राकेश पांडे, लालगंगा ग्रुप के ललितपटवा, पार्थवी ग्रुप के शैलेश वर्मा, ऐश्वर्या ग्रुप के निखिल धगट, कोरब्रिज टावर ग्रुप और संजय बघेल ग्रुप शामिल हैं. 200 से ज्यादा आयकरअधिकारियों ने रायपुर, दुर्ग, भिलाई, पाटन, बिलासपुर, रायगढ़ और अंबिकापुरमें इन तमाम कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ धावा बोला. आयकर की इस दबिशमें रायपुर के अलावा नागपुर, भोपाल, इंदौर और दिल्ली के अधिकारी शामिल हुए.बताया जा रहा है कि कुल मिलाकर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की अघोषित संपत्ति प्राप्त हुई है.

300 कारोबारियों पर है नजर
छत्तीसगढ़ के मुख्य आयकर आयुक्त के.सी. घुमरिया के मुताबिक, उनके पास बिल्डर, स्टील कारोबारी,कपड़ा, सर्राफा और बड़े हॉस्पिटल के संचालकों की पूरी फेहरिश्त है. इनमेंसे कई को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है. जिन संस्थाओं, कंपनियों औरव्यक्तियों के बारे में विभाग के पास पुख्ता सबूत हैं, उन्ही के यहां 30 सितंबर के पहले छापे मारे जा रहे हैं.अब तक विभाग ने लगभग 500 करोड़ अघोषितआय सरेंडर करवाई है। For more updates follow on X

उत्तराखंड : कदम से कदम मिला कर बीजेपी के साथ के साथ चल रहे हैं बागी विधायक

राजनीती में सब कुछ संभव होता है. शायद यही वजह है कि कल तक जोबागी विधायक बीजेपी के साथ कदम दर कदम मिला कर चल रहे थे आज वो सभीउत्तराखंड बीजेपी की आंखों की किरकिरी बनते नजर आ रहे हैं. उत्तराखंड कीराजनीती में हलचल मचाने वाले 9 बागी विधायक जिस बीजेपी के सहारे अपनीनैय्या पार लगाने की उम्मीद पाले हुए थे, उन्हें झटका लग सकता है.

दरअसल बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक मेंबेहद कड़े शब्दों में ये कहकर उन्हें झटका दे दिया है कि व्यक्तिगत आचरण औरबीजेपी के प्रति कटिबद्धता ही प्रदेश में होने वाले अगले चुनाव में उनकीटिकट की आधारशिला होगी.

बीजेपी की मजबूरी नहीं
सभी 9 बागी विधायक कांग्रेस की नीतियों की वजह से पार्टी छोड़कर आए हैं. सभीआहत नेताओं को टिकट देना ये किसी भी तरह से बीजेपी की मजबूरी नहीं है औरना ही बीजेपी के पास उत्तराखंड में खुद अपने उम्मीदवारों की कमी है. पार्टीमें शामिल होना अलग बात है और टिकट देना अलग बात है. हमारा संगठन शर्तोंपर काम नहीं करता. जाजू के इस बयान से उत्तराखंड बीजेपी संगठन में बिखराव की उम्मीद जताई जा रही हैं.

पार्टी में आपसी खींचतान
गौरतलब है कि इससे पहले भी पार्टी के अंदर खुद पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरीप्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की ओर इशारा करके अपनी नाराजगी जता चुके हैं तोवहीं दूसरी और भगत सिंह कोशियारी ने भी कई सभाओं से अपने आपको दूर रखा है.

 

मध्य प्रदेश: राज्यसभा का उपचुनाव 17 अक्टूबर को

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मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव 17 अक्टूबर कोहोगा. मध्य प्रदेश से नजमा हेपतुल्ला के इस्तीफे से खाली हुई सीट परउपचुनाव होगा. इस चुनाव में जो भी जीतेंगे उनका कार्यकाल हेपतुल्ला के बचेहुए कार्यकाल तक यानी 2 अप्रैल 2018 तक के लिए होगा.

शाम को ही आ जाएंगे नतीजे
चुनाव आयोग की विज्ञप्ति के मुताबिक 26 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी और 3 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे. 17 अक्टूबर को जरूरी होने परमतदान होगा और उसी दिन शाम पांच बजे के बाद मतों की गिनती होकर नतीजे आजाएंगे. यानी 20 अक्तूबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

तेलंगाना विधानपरिषद की सीट पर भी चुनाव
इसी उपचुनाव के साथ आयोग लगे हाथ तेलंगाना की विधान परिषद की एक सीट पर भी उपचुनाव कराएगा. विधान परिषद के सदस्य टी नागेश्वर रावविधानसभा के सदस्य चुन लिए गए हैं, लिहाजा उनके जाने के बाद सीट खाली हो गई थी.

हरियाणा का 22वां जिला बना चरखी दादरी, सीएम ने किया ऐलान

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दादरी विकास रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के सबसेबड़े उपमंडल चरखी दादरी को जिला घोषित कर दिया. यह हरियाणा प्रदेश का 22 वांजिला होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ ही दिनों में यहां जिले कीव्यवस्थाएं शुरू हो जाएंगी. मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया किविकास के कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी.

मनोहर ने कहा कि संघ ने वर्ष 1992 में दादरी को संगठनात्मक रूप से जिला बना दिया था. दादरी क्षेत्रफल और जनसंख्या कीदृष्टि से जिले की पूर्ण योग्यता रखता है. पिछली सरकारों ने इस बड़े उपमंडलको जनभावना के अनुरूप जिले का दर्जा नहीं दिया गया. बीजेपी की सरकार आज सेदादरी को प्रदेश का 22वां जिला घोषित करती है.

उन्होंने कहा कि आज से 23 महीने पहले जिन आशाओं व अपेक्षाओं के साथलोगों ने बीजेपी की सरकार बनाई है और उसी के अनुरूप भ्रष्टाचार पर जीरोटोलरेन्स के कार्य कर रहे हैं.भ्रष्टाचार रूपी कैंसर की बीमारी को खत्म करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक सेअधिक उपयोग कर व्यवस्था को ऑनलाइन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भर्ती वतबादलों को लोगों ने भ्रष्टाचार का धंधा बना लिया था, यहां तक कि कुछ नेताभी इसमें शामिल हो सकते थे. अब उन्होंने ने केवल लोगों की सुनी है औरऑनलाइन अध्यापक स्थानातरण नीति लागू की है.

इसी प्रकार हरियाणा लोकसेवा आयोग द्वारा हाल ही में हरियाणा सिविल सेवा के साक्षात्कार वाले दिन ही देररात घोषित ऑनलाइन परिणामों से लोग पूरी तरह संतुष्ट हैं, जबकि पहले कीसरकारों में एचसीएस के लिए लाखों रुपये की घूस चला करती थी.

 

उत्तरी नगर निगम ने दक्षिणी दिल्ली नगर के कमिश्नर ऑफिस को किया सील

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उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मुख्यालयमें अजीबोगरीब स्थिति बन गई, जब उत्तरी नगर निगम ने दक्षिणी नगर निगम केकमिश्नर के पीएस का ऑफिस ही सील कर दिया. दक्षिणी दिल्ली नगर निगम केकमिश्नर का ऑफिस सिविक सेंटर के नौवीं मंजिल पर है, लेकिन बाद में साउथएमसीडी ने खुद ही सील खोल दी. इससे पहले ही नोटिस में नॉर्थ ने साउथ कोचेताया था कि शुरुआत कमिश्नर ऑफिस से करेंगे. हैरानी तो तब है जब दोनों हीनगर निगम में बीजेपी का शासन है, लेकिन इसके बावजूद दोनों ही नगर निगम मेंइसके लेकर जबरदस्त खींचतान शुरू हो चुकी है.

दरअसल, सिविक सेंटर में उतरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिणी दिल्ली नगरनिगम का मुख्यालय है, लेकिन दिल्ली नगर निगम इसे अपना हिस्सा बताती है.वही, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम इसमें किराएदार है, इसी मुद्दे को लेकर उतरी नगर निगम ने नोटिस जारी कियाथा कि किराए के रूप में दक्षिणी नगर निगम उन्हें पैसा दे. नोटिस में साफये कहा गया था कि अगर सात दिनों के अंदर किराए का पैसा नहीं दिया गया तोउनके दफ्तरों के ऑफिस को सील कर दिए जाएंगे और इसकी शुरुआत कमिश्नर ऑफिस सेहोगी.

उत्तरी नगर निगम के मुताबिक, दक्षिणी दिल्ली ने जब से यहां उनके दफ्तरबने हैं तब से एक रुपये भी नहीं दिया है. साल 2012 से लेकर 2016 तक कुल 810 करोड़ रुपये किराया बनता है, लेकिन कई बार नोटिस देने के बाद भी दक्षिणीदिल्ली नगर निगम इस मामले से पल्ला झाड़ते नजर आया है.

एमसीडी के विभाजन के बाद सिविक सेंटर का 40 फीसदी हिस्सा दक्षिणी दिल्ली को 40 फीसदी हिस्सा उत्तरी दिल्ली को और 20 फीसदी हिस्सा पूर्वी दिल्लीनगर निगम को मिला, जबकि पूर्वी दिल्ली नगर निगम को जो मुख्यालय दिया गयाहै, जो दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने दिया है. इस हिसाब से दक्षिणी दिल्ली केपास 60 फीसदी हिस्सा है, लिहाजा किराएदार तो उत्तरी दिल्ली है.