मुंबई| सोशल मीडिया पर फ़िल्मकार अनुराग कश्यप की आलोचना तेज़ हो गयी है| अनुराग ने पिछले साल पाकिस्तान का अचानक दौरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से देश से माफ़ी मांगने की नसीहत दे बैठे थे| इस लोगों ने ऐतराज जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर अनुराग की आलोचना करनी शुरू कर दी है| लोगों की प्रतिक्रिया के बाद अनुराग का कहना है कि देश के प्रधानमंत्री से सवाल करना उनका अधिकार है| मसलन मुद्दा या है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के कारण भारत में पाकिस्तानी कलाकारों वाली फिल्मों की रिलीज के विरोध की वजह से निर्माताओं को परेशानी हो रही है| इस बात को लेकर अनुराग कश्यप ने ऐतराज जताया था| हाल ही में सिनेमा ओनर्स एंड एक्जिबिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोओईएआई) ने फिल्मकार करण जौहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को महाराष्ट्र, गोवा व गुजरात के सिंगल स्क्रीन थियेटरों में रिलीज नहीं करने का निर्णय लिया है| फिल्म में ऐश्वर्या राय बच्चन, रणबीर कपूर, अनुष्का शर्मा के साथ पाकिस्तानी अभिनेता फवाद खान भी प्रमुख भूमिका में हैं| फिल्मकार ने फिर ट्वीट किया, “मोदी जी आपको पाकिस्तान दौरे के लिए माफी मांगनी चाहिए, जब आपने पाकिस्तानी के वजीरेआला नवाज शरीफ से मिलने गए थे| वह 25 दिसंबर की तारीख थी| उसी समय ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की शूटिंग चल रही थी| फिर फिल्म पर प्रतिबंध क्यों?” लोगों को अनुराग द्वारा इस तरह प्रधानमंत्री से सवाल किया जाना अच्छा नहीं लगा और वे उनकी आलोचना करने लगे| अपने ट्वीट को तर्कसंगत साबित करने के लिए फिल्मकार ने कहा, “मैं इस बात को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मैं इसलिए शिकायत कर रहा हूं, क्योंकि मैं अपनी सरकार से अपनी सुरक्षा की उम्मीद करता हूं| मैं प्रधानमंत्री से इसलिए सवाल कर रहा हूं, क्योंकि मुझे इसका अधिकार है|”
एकेटीयू में सीबीसीएस का स्ट्रक्चर हो रहा है तैयार
लखनऊ| डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ़ स्टडीज की बैठक आज सोमवार से शुरू हुई है जो दिनांक 08 नवम्बर, 2016 तक चलेंगी| इस दौरान बीटेक के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष एवं एमबीए के प्रथम और अंतिम वर्ष के विभिन्न विषय क्षेत्र में लागू हुए सीबीसीएस (चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) का स्ट्रक्चर निर्धारित किया जाएगा| सोमवार को पहले दिन बीटेक सिविल इंजीनियरिंग विषय क्षेत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष का सीबीसीएस का स्ट्रक्चर निर्धारित किया गया है| इस दौरान सिविल इंजीनियरिंग के बीओएस के कन्वीनर एनबी सिंह सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे| मंगलवार को होटल मैनेजमेंट की बीओएस होगी, जिसमें होटल मैनेजमेंट सीबीसीएस (चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) का स्ट्रक्चर निर्धारित किया जाएगा|
आतंकवाद को समाप्त करने के लिए ब्रिक्स में दिखी प्रतिबद्धता
गोवा में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने आए देशों से आह्वान किया गया कि वह सुनिश्चित करें की उनके क्षेत्र का आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है| ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सचिव अमर सिन्हा ने समाधान’ तलाशे जाने का आह्वान किया था, जिसे भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता की ज़रूरत से जोड़कर देखा कहा कि घोषणापत्र में ‘विचारों पर फोकस’ किया गया है| उन्होंने कहा कि वे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे ‘पाकिस्तान-स्थित गुटों को आतंकवादी घोषित करने को लेकर सर्वसम्मति हासिल नहीं कर सके,’ क्योंकि वह सिर्फ भारत और पाकिस्तान से जुड़ा मामला हो जाता (हालांकि चीन भी पूर्व में लश्कर को खतरा मानता रहा है)| पर एक सफलता या मिली है कि घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी घोषित किए जा चुके संगठनों से निपटने की ज़रूरत पर बल दिया गया है| अमर सिन्हा ने बताया कि अधिकारी इससे भी ‘काफी संतुष्ट’ हैं| वैसे, घोषणापत्र में आईएसआईएस, अलकायदा और जुबहात-उल-नुसरा का ज़िक्र किया गया है| प्राथमिक सत्र के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ‘क्षेत्रीय समस्याओं के राजनैतिक जा रहा है| सितंबर में हुए उरी हमले के बाद से भारत ने राजनयिक स्तर पर पाकिस्तान को आतंकवाद के प्रायोजक के रूप में पेश करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर देने की कोशिशें काफी तेज़ कर दी थीं| अब ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ क्षेत्रीय स्तर पर भी प्रधानमंत्री ने इसी रुख के साथ पहुंच बनाई है| गोवा घोषणापत्र में सीमापार से आतंकवाद के मुद्दे को जगह नहीं दी गई लेकिन ब्रिक्स के चार अन्य सदस्य देशों रूस, दक्षिण अफ्रीका, चीन और ब्राजील ने उरी हमले की निंदा की| इन देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने पर सहमति जताई|
कोंग्रेस का चुनावी बेड़ा हो सकता है कमजोर!
उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका दे सकती हैं| अटकलें तेज हैं कि बहुगुणा बीजेपी में शामिल हो सकती हैं| ज्ञात हो कि हाल ही में उत्तरखंड में कांग्रेस से बगावत कर रीता बहुगुणा जोशी के भाई विजय बहुगुणा बीजेपी में शामिल हो गये थे| अगर ऐसा होता है तो उत्तर प्रदेश में कांगेस को बड़ा झटक लगेगा| क्योंकि 67 वर्षीय रीता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हेमवती नदंन बहुगुणा की बेटी और कांग्रेस की यूपी प्रदेश अध्यक्ष और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं| साथ ही पिछले विधानसभा चुनाव में लखनऊ के कैंट से और 2014 में लखनऊ लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं, जिसमें वे चुनाव हार गई थीं| राजनीति में आने से पूर्व शिक्षक के तौर पर इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में हिस्ट्री पढ़ाती थीं| रीता बहुगुणा जोशी बसपा अध्यक्ष मायावती के खिलाफ विवादित बयान देने के लिए जेल भी जा चुकी हैं| प्रदेश में वे कांग्रेस का बड़ा चेहरा मानी जाती हैं, यदि वो पार्टी छोड़ कर बीजेपी से साथ जाती हैं तो कांग्रेस का चुनावी बेड़ा कमजोर नजर आने लगेगा| हांलाकि उनके भाई विजय बहुगुणा इन खबरों को गलत बता रहे है|
क्या आज भी बरक़रार है पुरुष-आश्रिता का अभिशाप !
दुनिया चाँद पर पहुँच गई है। पुरुषों के साथ महिलाएं भी चाँद और अंतरिक्ष में अपनी पहुंच दर्ज करा चुकी हैं। मगर समाज में अभी भी कई जगहों पर पुरुष की प्रधानता नजर आती है। भारत में राजा राम मोहन रॉय की स्त्री विमर्श को प्रधानता दिलाने की सोच ने सती प्रथा जैसे अपराध को तो नियंत्रित किया है। इसके बाद स्वतंत्रता के पूर्व और पश्चात महिलाओं के अधिकारों के पैरोकारों की सूची लम्बी होती चली गई है और महिलाओं के अधिकारों को लेकर बहुत से कानूनों का निर्माण किया गया है लेकिन पुरुष आश्रिता के अभिशाप से आज भी स्त्री को बाहर नहीं निकला जा सका है।
स्मार्ट फ़ोन के दौर में जब दुनिया ग्लोबल विलेज में तब्दील हो रही है। इतने उत्तम परिवेश में भी मुस्लिम समाज में महिलाओं के वैवाहिक जीवन की डोर पुरुष आश्रित नजर आती है। बात तीन तलाक की है जो पल भर में किसी भी मुस्लिम विवाहिता को बेसहारा कर देती है। हाल ही में केंद्रीय सरकार ने पर्सनल लॉ के इस कानून में परिवर्तन की पैरवी की है। केंद्रीय सरकार ने तीन तलाक को महिलाओं के अधिकार का हनन मानते हुए इसमें परिवर्तन के लिए कानून बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। इस पहल को समर्थन देने और तीन तलाक की व्यवस्था को खत्म करने के लिए एक ऑनलाइन याचिका पर 50 हजार से ज्यादा मुस्लिम महिलाओं ने अपनी सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए हैं।
भारत की कुल आबादी का 14.2 प्रतिशत भाग मुस्लिम आबादी का है। इसमें यदि बात करें तो लगभग साढ़े सात करोड़ महिलाएं हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में मुस्लिम महिलाओं को दिए जाने वाले तलाकों में 80 फीसदी ‘तलाक मौखिक तलाक’ हैं| स्वाभिमान से अपने आप को स्वतंत्र और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा मानने वाली भारत की ये महिलाएं निकाह की डोर में बंधने के बाद पुरुष के रहमों करम तक सीमित नजर आने लगाती हैं। यहां ये एक बड़ा सवाल है कि क्या सिर्फ पुरुष के तीन बार तलाक कह देने मात्र से सम्बंध को खत्म माना जा सकता है। दूसरा सवाल यह है कि क्या महिला को पुरुष बिना किसी कारण के सिर्फ तीन बार तलाक कह कर छोड़ सकता है। साथ ही क्या महिलाओं को सिर्फ कुबूल कहने का हक मात्र है।
तीन तलाक पर विश्व के लगभग 12 इस्लामिक देश विनियमन कर चुके हैं जिसमें पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान भी शामिल है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा तीन तलाक के विनियमन पर कानून बनाने की प्रक्रिया पर विरोध दर्ज कराया गया है और विधि आयोग के समान नागरिक संहिता कानून के प्रस्ताव को शरियत के खिलाफ बताया जा रहा है। इस पर मुस्लिम महिलाओं का यह कहना है कि जब विश्व में बड़े इस्लामिक मुल्क इस पर कानून का विनियमन कर सकते हैं और उसे शरियत के विरुद्ध नहीं पाया गया है तो भारत में भी इस पर कानून बनाया जा सकता है। केंद्रीय सरकार भी कुछ इस तरह ही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के विरोध का जवाब दे रही है।
वर्तमान में जेंडर जस्टिस भी एक बड़ा मुद्दा है। जोकि वैश्वीकरण के दौर में सामजिक संतुलन का विकास रथ माना जा रहा है। विधि आयोग ने समान नागरिक संहिता पर वेबसाइट के जरिए 16 सवालों के माध्यम से लोगों की राय मांगी है। यदि एक बार देश में समान नागरिक संहिता कानून लागू हो जाता है तो तीन तलाक का विनियमन होना तय है।
सुशोभिता शर्मा
शोध छात्रा, पत्रकारिता एवं जनसंचार
देश के सबसे सम्मानित व्यक्तित्व के किस राज़ को खोल दिया कुलपति प्रो पाठक ने
लखनऊ। मिसाइल मैन और पीपुल्स प्रेसिडेंट के नाम से हर भारतीय के दिल में धड़कने वाले पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम को सार्थक करने में हर पल प्रगति के पथ पर एकेटीयू में शनिवार को विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में भारत के रत्न की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। कुलपति प्रो. पाठक ने कलाम साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया| उन्होंने ने कहा कि मिसाइल मैन शून्य से शिखर तक की एक मिसाल हैं, जिन्होंने देश के नागरिकों में यह सोच पैदा की है कि व्यक्तित्व के विकास के लिए पैसे कि नहीं बल्कि हिम्मत, हौसले और अनुशासन की जरूरत होती है कलाम साहब का व्यक्तित्व देश की सरहदों के पार भी लोगों को प्रेरणा देता है| आखिरी वक्त तक कार्य करने का जुनून उनकी इच्छा शक्ति का एक नायाब उदाहरण है| इन गुणों को आज का युवा आत्मसात कर समाज के सकारात्मक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विवि के डीन, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
समारोह के दौरान प्रो. पाठक के विशेष प्रयासों से बनवाई गई 15 मिनट की एक ऑडियो डाक्यूमेंट्री भी प्ले गयी जिसमें कलाम साहब के 84 वर्षों के जीवनकाल के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताया गया।
गुणवत्तापरक शोध व्यवस्थाओं के लिए प्रतिबद्ध है एकेटीयू: प्रो. पाठक
प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका स्प्रिंगर नेचर एकेटीयू को देगा दो माह फ्री एस्सेस
एकेटीयू में स्प्रिंगर नेचर ने किया शुरू किया ट्रायल प्रोजेक्ट
लखनऊ| डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के सभागार में विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में विधिवत रूप से प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका स्प्रिंगर के साथ ट्रायल प्रोजेक्ट की शुरुआत की गयी है| इस ट्रायल प्रोजेक्ट के तहत एकेटीयू के 40 सम्बद्ध संस्थानों में स्प्रिंगर ने आज से 2 माह के लिए मुफ्त एस्सेस देनी शुरू कर दी है| इस एस्सेस के अंतर्गत 200 शोध जर्नल्स को फ्रीली उपलब्ध करवा दिया गया है| इस अवसर पर विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि मेरा यह उद्देश्य है कि विवि में गुणवत्तापरक शोध कार्यों को बढ़ावा मिले साथ ही हमारे छात्रों को शोध कार्यों के लिए विश्वस्तर के रिसोर्सेस मिल सकें| उन्होंने कह कि वर्तमान में शोध को बढ़ावा देने के लिए एक एको सिस्टम डेवेलोप करने की जरूरत है, स्प्रिंगर के साथ फ्री एक्सेस ट्रायल प्रोजेक्ट इसी क्रम में शुरुआत मात्र है| ट्रायल प्रोजेक्ट की शुरुआत के बाद अब विवि के सम्बद्ध संस्थानों में शिक्षण कार्य कर रहे हजारों शिक्षक एवं लाखों छात्र-छात्राएं स्प्रिंगर पर मुफ्त अपने विषय से सम्बंधित शोध पत्र प्राप्त कर सकेंगे| कार्यक्रम के दौरान विवि के कुलसचिव पवन कुमार गंगवार ने कहा कि विवि प्रशासन ने गुणवत्तापरक शोध वातावरण की अपनी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए स्प्रिंगर के साथ ट्रायल प्रोजेक्ट शुरू करने का फैसला लिया है| उन्होंने ने कहा कि विवि कुलपति प्रो. पाठक की अगुवाई में गुणवत्तापरक तकनीकी शिक्षा की सुनिश्चितता के लिए अग्रणी कार्य कर रहा है| कार्यक्रम के संयोजक प्रो. मनीष गौड़ ने कहा कि आज जब लगभग 25 करोड़ स्मार्टफ़ोन यूजर्स भारत में मौजूद ऐसे में शोध की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्प्रिंगर जैसे जर्नल की एस्सेस अपने छात्र-छात्राओं को मुहैया करना एक सकारात्मक पहल है| कार्यक्रम में उपस्थित स्प्रिंगर नेचर के एसोसिएट डायरेक्टर आशीष सूद ने एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम स्प्रिंगर नेचर पर उपलब्ध विभिन्न विषयों के शोध पत्रों एवं उन्हें सब्सक्राईब करने के बारे में जानकारी दी, साथ ही उन्होंने कहा कि पहले जिन 40 संस्थानों ने अपने स्टैटिक आईपी (इन्टरनेट प्रोटोकॉल) उपलब्ध करवा दी थी उनको एक्सेस मुहैया करवा दी गयी है और जो भी सम्बद्ध संस्थान स्टैटिक आईपी उपलब्ध करवा देगा उसे एक्सेस प्रदान कर दी जाएगी| विवि के एसो-डीन पीजीएसआर प्रो. वीरेंद्र पाठक ने कहा कि पीएचडी एवं एमटेक के छात्रों के लिए स्प्रिंगर जैसे अंतर्राष्ट्रीय जर्नल की एक्सेस संजीवनी का कार्य करेगी| इस अवसर पर विवि के 40 सम्बद्ध संस्थानों के प्रतिनिधि एवं स्प्रिंगर टीम के लोग उपस्थित रहे| कार्यक्रम का संचालन आईईटी की शोध छात्रा एनी इरफ़ान ने किया|
स्प्रिंगर नेचर
स्प्रिंगर नेचर एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका है| जोकि रिकॉर्ड हर वर्ष लगभग 7500 पुस्तकें एवं हजारों की संख्या में शोध पत्र ऑनलाइन पब्लिश करती है| साथ ही लगभग प्रत्येक विषय चाहे वह साइंस का हो या सोशल साइंस का सभी विषय के शोध पत्र इसमें प्रकाशित होते हैं|
स्टेनफोर्ड विवि के इनोवेशन प्रोग्राम के लिए चयनित किए गये एकेटीयू के छात्र
लखनऊ| डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के तीन छात्र स्टेनफोर्ड विवि के यूनिवर्सिटी इनोवेशन फेलोज प्रोग्राम इन इंडिया के लिए चयनित किए गये गये हैं| हासो प्लेटनर इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन ऐट स्टेनफोर्ड के यूनिवर्सिटी इनोवेशन फेलोज प्रोग्राम इन इंडिया के तहत भारत में 4 इंजीनिरिंग विधा के छात्रों का चयन किया जाता है| इस प्रोग्राम में स्टेनफोर्ड विवि और गूगल मिलकर एक छात्र की ट्रेनिंग पर 4 हजार डालर खर्च करते हैं| प्रोग्राम के अंतर्गत ऑनलाइन ट्रेनिंग के बाद 4 दिवसीय स्टेनफोर्ड विवि में लर्निंग एंड प्रेसेंटेशन वर्कशॉप में चयनित छात्रों को शामिल होने का मौका मिलता है| प्रोग्राम का उद्देश्य छात्रों में नवाचार (इनोवेशन) को बढ़ावा देने के साथ ही साथ इंटरप्योर्नशिप डेवेलोप करना है|
विवि के उक्त प्रोग्राम के समन्वयक प्रो. गिरीश चंद्रा ने बताया कि विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में विवि के सम्बद्ध संस्थानों के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनिरिंग के छह छात्रों ने एप्लीकेशन फॉर्म भरा था| इस प्रक्रिया के लिए विवि ने सम्बद्ध संस्थानों में टॉपर्स के नाम मगवाए गए थे| जिनमें से मेरिटोरियस छह छात्रों को आवेदन के लिए चयनित किया गया था| इसके बाद इन छात्रों का ऑनलाइन इंटरव्यू विवि के समन्वयन में स्टेनफोर्ड विवि द्वारा करवाया गया था जिसमें से तीन छात्रों का चयन स्टेनफोर्ड विवि ने यूनिवर्सिटी इनोवेशन फेलोज प्रोग्राम इन इंडिया के लिए किया है|
दालचीनी, पेट को ठंडा रखने में करती है मदद
एक रिसर्च से यह बात सामने आई है कि दालचीनी सिर्फ आपका टेस्ट ही नहींबढ़ाती, बल्कि यह आपकी बॉडी के तापमान को दो डिग्री ऊपर करके ठंडा करने औरहेल्थ को सुधारने में भी मदद करती है।
यह रिसर्च जरनल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित हुई है। इस दौरानशोधकर्ताओं ने सुअर पर यह अध्ययन किया और पाया कि दालचीनी स्टमक की वॉल कोसाफ करने में मदद करती है।
आरएमआईटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर कोरोश कालंतर-ज़ादेह का कहनाहै कि यह रिसर्च पिग पर की गईं। जब उन्हें कमरे के तापमान पर खिलाया गया, तो उनके पेट में कार्बन डाई ऑक्साइड गैस बढ़ गई। उनके खाने में मौजूददालचीनी ने गैस्ट्रिक एसिड के स्राव और स्टमक वॉल से पेप्सिन (पाचक रस) कोकम कर गैस को कम करने में मदद की। यही नहीं, पाचन प्रक्रीया के दौरान सुअरके पेट को ठंडा करने में भी सहयोग दिया।
शोधकर्ताओं ने एक स्वैलोएबल (निगलने योग्य) गैस सेंसर कैप्सूल औरस्मार्ट पिल्स का निर्माण किया है, जो कि पाचन का उपोत्पाद (बाइप्राडक्ट)है और प्रक्रीया को बहुमुल्य इन्साइट प्रदान करता है। यही नहीं, यह पेट कोज्यादा स्वस्थ बनाने में भी मददगार है।
कालंतर-जादेह ने आगे बताया कि, “पिग और दालचीनी पर किए गए हमारे परीक्षणसे पता लगता है कि कैसे नए निगलने योग्य गैस सेंसर कैप्सुल नई शारीरिकजानकारी देने में मदद करते हैं, जो कि हमारी डाइट और मेडिसन की समझ मेंसुधार स जुड़ी है। ये जांच करने और गैस्ट्रोइंटेस्टनल डिसॉर्डर का पतालगाने के लिए एक बहुत ही विश्वसनीय डिवाइस है।
5 समस्याओं को दूर करता है काला नमक
काला नमक का प्रयोग अक्सर लोग स्वाद को दुगुना करने के लिए खाद्यपदार्थों में करते हैं। इस नमक को रोजाना सेवन करने वाले कई बीमारियों सेदूर भी रहते हैं। हालांकि काला नमक का नाम सुनते ही यह जरूर लोग समझ जातेहैं कि पेट की समस्या दूर करने में बेहद कारगर है। यदि आप इसको अपने भोजनमें शामिल करते हैं तो पेट की तमाम बीमारियों सहित कई अन्य समस्या से भीदूर रहते हैं, जैसे कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, डिप्रेशन आदि। आज हम आपको बतारहे हैं कि पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए काला नमक कितना फायदेमंद है।
- पाचन दुरुस्त रखने में सहायक
यदि आपको पेट की समस्या अक्सर बनी रहती है या पेटदर्द से परेशान हैं तोकाला नमक आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। काला नमक को पानी में मिलाकरपीने से मुंह में लार वाली ग्रंथी को सक्रिय करने में तो मदद करता ही हैसाथ ही अपच होने पर जल्द आराम पहुंचाता है। पेट के भीतर यह काला नमकहाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले एन्जाइम को उत्तेजित करनेमें सहायक होता है। काला नमक का घोल बनाकर नींबू के साथ पीने से पाचन तंत्रको मजबूत करने में भी बेहद कारगर है। - सलाद के साथ जरूर ले ये नमक
खाना खाते वक्त सलाद खाना पसंद करते हैं तो सलाद में काला नमक का सेवन करनाचाहिए। यदि आप सलाद में खीरा, गाजर, चुकंदर, कच्चा प्याज या फिर टमाटरखाते हैं तो काला नमक आपके लिए और भी फायदेमंद हो सकता है। सलाद तो आपकोहेल्दी बनाता है लेकिन काला नमक आपके पाचन तंत्र को सक्रिय भी रखता है।इसके अलावा ऐसा करने से मोटापा को भी कंट्रोल करने में मदद करता है। - जोड़ों का दर्द
यदि आपके शरीर की मासपेशियों में अक्सर दर्द या फिर जोड़ों में दर्द बनारहता है तो काला नमक आपको जल्द आराम दिला सकता है। जोड़ों के दर्द सेछुटकारा पाने के लिए कपड़े में एक कप काला नमक डाल कर उसे बांध कर पोटलीबनानी है। इसके बाद उसे किसी पैन में गरम करें और उससे जोड़ों की सिकाईकरें। इसे दिन में 2 से 3 बार गरम करके सिकाई करना चाहिए। - गैस से छुटकारा
अगर गैस से छुटकारा पाना है तो एक कॉपर का बर्तन को गैस पर चढाएं, फिरउसमें काला नमक डाल कर थोड़ी देर चलाएं और जब उसका रंग बदल जाए तब गैस बंदकर दें। फिर इसका आधा चम्मच लेकर एक गिलास पानी में मिक्स कर के पिए।इससे आप गैस की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। - वजन करता है कम
काला नमक स्वाद को बढ़ाने के अलावा मोटापा कम करने में भी सहायक होता है।काला नमक को एक कप या गिलास में पानी का घोल बनाएं, फिर एक चम्मच नींबू केरस को मिलाएं। प्यास लगने पर दिन में कई बार इसका घोल पिएं, ऐसा करने सेआपके पेट में वसा एकत्रित नहीं होने देगा और न सिर्फ मोटापा रोकता है बल्किवजन भी कम करता है। इतना ही नहीं, बल्कि पाचन को दुरुस्त कर शरीर कीकोशिकाओं को पोषक तत्व पहुंचाता है। यदि आप साधारण नमक यूज करते है तो साथही इस नमक का भी यूज करना चाहिए।



















