लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें थाईलैंड से आए शिष्टमंडल (Thi Delegation) और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विभिन्न अकादमिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच भविष्य में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों और शोध सहयोग की संभावनाओं को तलाशना था।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं अंतरराष्ट्रीय छात्र सलाहकार प्रोफेसर पूनम टंडन, निदेशक अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रोफेसर आर.पी. सिंह तथा व्यवसाय प्रबंधन एवं प्रशासन विभाग की प्रमुख प्रोफेसर संगीता साहू उपस्थित रहीं। इस दौरान दोनों पक्षों ने संयुक्त अकादमिक कार्यक्रमों, संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों तथा छात्र एवं शिक्षक विनिमय योजनाओं पर विचार-विमर्श किया।
थाई प्रतिनिधिमंडल (Thi Delegation) ने लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण भी किया। प्रतिनिधिमंडल विशेष रूप से विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक टैगोर पुस्तकालय की समृद्ध शैक्षणिक सामग्री और वहां उपलब्ध शोध संसाधनों से काफी प्रभावित नजर आया। उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, शोध संस्कृति और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी सराहना की।
बैठक में व्यावसायिक प्रशासन, फार्मास्यूटिकल विज्ञान, संस्कृति, साहित्य तथा अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों (Thi Delegation and Lucknow University) ने इस बात पर सहमति जताई कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से शोध, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा दी जा सकती है। (शिक्षा से संबंधित खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें)
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय अपने अंतरराष्ट्रीयकरण प्रयासों में क्षेत्रीय सहयोग और वैश्विक साझेदारी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं प्रोफेसर पूनम टंडन ने बताया कि विश्वविद्यालय की नई नीतियां, जैसे युगल डिग्री कार्यक्रम और ट्विनिंग पहल, विभिन्न देशों के शैक्षणिक संस्थानों को आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने भविष्य में और अधिक प्रभावी एवं फलदायी शैक्षणिक सहयोग की उम्मीद जताई। For more updates follow on X






































