Chief Justice of India के कमेंट और NEET पेपर लीक विवाद ने युवाओं को आक्रोशित कर दिया है इसी आक्रोश ने कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन खड़ा करने में मुख्य भूमिका निभाई है।
लखनऊ /नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को “कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party)” के बैनर तले सैकड़ों युवाओं ने प्रदर्शन किया। यह संगठन का पहला बड़ा सड़क आंदोलन माना जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में Gen Z युवा शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने किया, जो हाल ही में अमेरिका से लौटे हैं और सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुए हैं।
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा NEET-UG परीक्षा से जुड़े पेपर लीक विवाद, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी रहा। प्रदर्शनकारियों ने CBSE के On-Screen Marking सिस्टम की खामियों को भी उठाया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग की। युवाओं का कहना था कि लगातार हो रहे परीक्षा घोटालों ने छात्रों का भविष्य और भरोसा दोनों कमजोर कर दिया है।
जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन की खास बात इसका व्यंग्यात्मक और डिजिटल शैली में संगठित होना रहा।बता दें कि Cockroach Janta Party की शुरुआत 16 मई 2026 को हुई थी। यह नाम सुप्रीम कोर्ट के एक कथित बयान के विरोध में सामने आया, जिसमें युवाओं को “cockroach/parasite” जैसे शब्दों से जोड़कर चर्चा हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह आंदोलन तेजी से वायरल हो गया। संगठन खुद को “Voice of the Lazy & Unemployed” बताता है और बेरोजगारी, शिक्षा संकट तथा व्यवस्था के खिलाफ युवाओं की नाराजगी को व्यंग्य के माध्यम से सामने लाता है।
प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन के सूत्रधार अभिजीत दिपके ने भावुक संबोधन में कहा कि आज के दौर में सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं की मांएं डर के माहौल में जी रही हैं। उनके इस बयान पर भीड़ ने जोरदार प्रतिक्रिया दी।उधर लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पहुंच गए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता और Innovator सोनम वांगचुक
हालांकि Cockroach Janta Party का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन इसने एक बड़े सामाजिक संकेत को सामने रखा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित युवा राजनीति अब सड़क पर उतरने लगी है। NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों ने युवाओं के भीतर बढ़ती बेचैनी और सिस्टम के प्रति अविश्वास को नई दिशा दी है। जंतर-मंतर का यह प्रदर्शन आने वाले समय में युवा राजनीति के बदलते स्वरूप का संकेत माना जा रहा है। For more updates follow on X