लखनऊ। सूदूर पूर्व के राज्य Manipur (मणिपुर) में एक बार फिर हिंसा भड़कने से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। वर्ष 2023 से जारी जातीय संघर्ष अब नए मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। (News DON की विस्तृत रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें) पहले जहां संघर्ष मुख्य रूप से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच सीमित था, वहीं अब कई इलाकों में नागा और कुकी समुदायों के बीच भी तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ताजा घटना शुक्रवार की है, जब कांगपोकपी जिले के लोइबोल खुल्लेन (सैतु-गाम्फाजोल) इलाके में सुबह अचानक गोलीबारी और आगजनी की घटना हुई।

इस हिंसा में तीन नागरिकों, लेटखोंगम हाओकिप, टिनमेरी हाओकिप और जांगमिनलाल हाओकिप की मौत हो गई। कई घरों में आग लगा दी गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। कुकी इनपी संगठन ने इस हमले के लिए NSCN-IM और ZUF (कामसन गुट) को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक हमलावरों की आधिकारिक पहचान नहीं की है और उन्हें “अज्ञात” बताया है। सुरक्षा बलों को इलाके में तैनात कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
Manipur (मणिपुर) के मुख्यमंत्री Yumnam Khemchand Singh ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर नागा-कुकी हॉस्टेज विवाद ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। छह नागा पुरुषों के लापता होने और 14 कुकी लोगों को कथित तौर पर नागा गुटों द्वारा कैद में रखने के मामले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। नागा संगठन ANSAM इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

Manipur (मणिपुर) में हाईवे पर हमले, ट्रक ड्राइवरों की हत्या, वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर विरोध और ड्रग्स तस्करी से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वर्ष 2023 से अब तक हिंसा में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 60 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में भय और अविश्वास का माहौल बना हुआ है। For more updates follow on X

































