PCS Transfer…UP की ब्यूरोक्रेसी में ठहरी SDM तबादला एक्सप्रेस

योगी सरकार को चाहिए कि वह PCS अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति यानी PCS Transfer and Promotion संबंधी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाए।

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Symbolic LOGO of transfer
Symbolic icon of transfer

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ज़मीनी स्तर पर सरकार की योजनाओं को लागू करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा राजस्व और विकास कार्यों को गति देने में SDM रैंक के अधिकारी रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करते हैं। लेकिन वर्तमान समय में प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी एक गंभीर प्रशासनिक असंतुलन का सामना कर रही है। वर्षों से एक ही ज़िले में कार्यरत सैकड़ों PCS अधिकारी अपने तबादलों PCS Transfer की प्रतीक्षा करते-करते निराश और मानसिक रूप से थक चुके हैं।

स्थिति यह है कि तीन वर्ष या उससे अधिक समय पूरा कर चुके अनेक SDM स्तर के अधिकारी नए ज़िलों में स्थानांतरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पारिवारिक और सामाजिक दृष्टि से भी यह देरी उनके लिए चिंता का विषय बन चुकी है। बच्चों की शिक्षा, आवास और नई तैनाती की अनिश्चितता के कारण उनका मन कार्य में पूरी तरह नहीं लग पा रहा है। कई अधिकारियों ने अपने जिलाधिकारियों तक को यह कह दिया है कि उनका तबादला कभी भी हो सकता है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में अस्थिरता की स्थिति बन रही है।

LOGO of transfer in the context of PCS Transfer
Symbolic picture of transfer

दूसरी ओर जिलाधिकारी भी परेशान हैं क्योंकि उन्हें नई तैनाती वाले SDM का इंतजार है ताकि तहसीलों में कार्यों का उचित बंटवारा हो सके और विकास योजनाओं को गति दी जा सके। जब तक PCS Transfer यानी तबादले नहीं होते, प्रशासनिक मशीनरी आधी-अधूरी स्थिति में काम करती रहती है। (UP ब्यूरोक्रेसी की संबंधित खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें) यह देरी केवल अधिकारियों की व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यक्षमता पर भी सीधा प्रभाव डाल रही है।

इस पूरे मामले का सबसे गंभीर पक्ष PCS अधिकारियों के प्रमोशन और उच्च वेतनमान वाले पदों का लंबे समय से खाली पड़े रहना है। 12000 ग्रेड पे के सभी 10 पद खाली हैं, 10000 ग्रेड पे के 65 में से केवल 5 पद भरे हैं, जबकि 8900 और 8700 ग्रेड पे के अधिकांश पद भी रिक्त पड़े हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि पदोन्नति प्रक्रिया में भारी सुस्ती है। जब अधिकारियों को समय पर प्रमोशन नहीं मिलता, तो उनके मनोबल और कार्यक्षमता दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

सरकार को चाहिए कि वह PCS अधिकारियों के तबादले और पदोन्नति PCS Transfer and Promotion संबंधी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाए। प्रशासनिक व्यवस्था तभी मजबूत होगी जब अधिकारियों को स्थिरता, सम्मान और कैरियर उन्नति का भरोसा मिलेगा। अन्यथा ‘SDM तबादला एक्सप्रेस’ का आउटर पर खड़ा रहना प्रदेश की नौकरशाही के लिए लगातार चिंता का विषय बना रहेगा। देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें। 

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