लखनऊ (राज्य मुख्यालय)। गर्मी की छुट्टियों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने एक्स हैंडल पर बच्चों और अभिभावकों के नाम एक पत्र लिखा है जिसे News DON ने “बाबा की चिट्ठी” का नाम दिया है। यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। बाबा की चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने बच्चों को नई भाषा, नया कौशल और नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टियां केवल आराम का समय नहीं बल्कि सीखने और परिवार के करीब आने का अवसर भी हैं।
बाबा की चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को ननिहाल और ददिहाल जरूर लेकर जाएं ताकि बच्चे अपने रिश्तों, संस्कारों और पारिवारिक परंपराओं को समझ सकें। उन्होंने बच्चों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। मुख्यमंत्री ने अपील की कि सभी लोग इस बार छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लें। उनके अनुसार छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बनते हैं।
हालांकि बाबा की चिट्ठी पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। सोशल मीडिया यूजर तुषार पाल ने सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने लिखा कि छात्र कई वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षाओं के पेपर लीक होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले का संज्ञान लेकर सख्त जांच कराने की मांग की।

वहीं दीपक सेठ नामक यूजर ने बढ़ती महंगाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि आम परिवार के लिए बच्चों को ननिहाल-ददिहाल ले जाना भी मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण करने की अपील की और सवाल उठाया कि आखिर बढ़ती कीमतों के बीच विकसित भारत 2047 का सपना कैसे पूरा होगा।
सोशल मीडिया पर बाबा की चिट्ठी को लेकर समर्थन और सवाल दोनों देखने को मिल रहे हैं। कुछ लोग इसे बच्चों के लिए प्रेरणादायक संदेश बता रहे हैं, तो कुछ लोग शिक्षा व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं।


































