लखनऊ (राज्य मुख्यालय)। विभिन्न जनपदों के ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ ODOP तथा प्रदेश की समृद्ध परंपरागत कला एवं क्राफ्ट्स को राजभवन में प्रदर्शित किए जाने हेतु तैयार प्रस्तुतीकरण की समीक्षा की गई। इस दौरान कहा गया कि उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं के लिए देश-दुनिया में विशेष पहचान रखता है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद की विशिष्ट कला, शिल्प एवं उत्पाद न केवल स्थानीय पहचान को मजबूत करते हैं, बल्कि लाखों कारीगरों एवं शिल्पकारों की आजीविका का भी प्रमुख आधार हैं।
निर्देश दिए गए कि राजभवन के विभिन्न कक्षों, दीर्घाओं एवं आगंतुक स्थलों पर ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ के अंतर्गत आने वाले उत्पादों तथा पारंपरिक कला एवं क्राफ्ट्स का आकर्षक प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही राजभवन में प्रस्तावित संग्रहालय में भी इन विशिष्ट उत्पादों एवं कलाकृतियों को स्थान दिए जाने की बात कही गई, ताकि आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और समृद्ध परंपराओं से परिचित कराया जा सके।

सूबे की गवर्नर ने कहा कि विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन बेहतर तरीके से हो। परंपरागत क्राफ्ट/कला निर्माण के वीडियो भी बनाए जाएं और प्रदर्शन में उसे भी दर्शाया जाए। उन्होंने कहा कि ODOP में लकड़ी, पत्थर, टेक्सटाइल, लेदर से संबंधित विभिन्न परंपरागत उत्पाद सामग्रियों का प्रदर्शन किया जाए।
ज्ञातव्य है कि राजभवन में आने वाले अतिथिगण व विजिटर्स हेतु उत्तर प्रदेश के विभिन्न परंपरागत कला/क्राफ्ट्स सामग्री व ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ के अन्तर्गत शामिल उत्पादों का राजभवन में विभिन्न कक्षों में डिस्पले किया जायेगा, जिससे आगन्तुक उत्तर प्रदेश की प्राचीन व समृद्ध कला से अवगत हो पायेंगे। इस क्रम में विभिन्न उत्पादों के बेहतर प्रस्तुतीकरण हेतु संबंधित उत्पाद पर फोकस करने हेतु प्रकाश व्यवस्था की भी चर्चा की गयी। राजभवन की अन्य खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें।

































