रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व कुलपति प्रो देवेंद्र शर्मा के नाम पर दो स्वर्ण पदक देगा विश्वविद्यालय

पुरातन छात्र  किसी संस्थान की आधारशिला को मजबूत करने में सहयोगी होते हैं। ये एक सुनहरा अवसर है, हमारे जो भी पुरातन छात्र इस कार्यक्रम से जोड़ना चाहते हैं वो https://alumni.ddunaac.com/ पर पंजीकरण कराकर इसमें शामिल हो सकते हैं

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लखनऊ / गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने पुरातन छात्रों को विश्वविद्यालय से जोड़ने के लिए अनूठी पहल की। इसके अंतर्गत भौतिकी विभाग के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. देवेंद्र शर्मा और अति विशिष्ट पूर्व छात्र रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर दो स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा। राजनाथ सिंह के नाम पर दिया जाने वाला पदक विज्ञान संकाय के टॉपर को प्रदान किया जाएगा। प्रो. देवेंद्र शर्मा के यादगार में दिया जाने वाला स्वर्ण पदक भौतिकी विज्ञान के टॉपर को दिया जाएगा।

ये बातें कुलपति प्रो राजेश सिंह ने विश्वविद्यालय में 30 अप्रैल से 2 मई तक आयोजित पहले राष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के मुख्य अतिथि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विशिष्ट अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व गहमंत्री कृपा शंकर सिंह, सचिव केमिकल एंड फर्टिलाइजर आर के चतुर्वेदी, सांसद जगदंबिका पाल, हाईकोर्ट के जस्टिस सलील कुमार राय होंगे।

कुलपति ने कहा कि पुरातन छात्र विश्वविद्यालय के ब्रांड आंबेसडर होते है। ये छात्र वर्तमान छात्रों के लिए रोड मॉडल होते हैं। इनकी उपलब्धियां हमारे छात्रों का उत्साहवर्धन करने के साथ संस्थान को भी नई ऊंचाईयों पर ले जाती है। इस आयोजन के माध्यम से दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने पूरी दुनिया में फैले अपने पुरातन छात्रों को जोड़ने की पहल की है।

उन्होंने कहा पुरातन छात्र  किसी संस्थान की आधारशिला को मजबूत करने में सहयोगी होते हैं। ये एक सुनहरा अवसर है, हमारे जो भी पुरातन छात्र इस कार्यक्रम से जोड़ना चाहते हैं वो https://alumni.ddunaac.com/ पर पंजीकरण कराकर इसमें शामिल हो सकते हैं। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पहले राष्ट्रीय पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन 30 अप्रैल से 2 मई तक होगा।

तीन दिवसीय सम्मेलन में विश्वविद्यालय में दीक्षा लिए हुए मंत्रीगण, पूर्व मंत्रीगण, प्रशासनिक अधिकारी, कुलपतिगण तथा शिक्षाविद एवं समाज में अपना अद्वितीय स्थान बनाने वाले पुरातन छात्र शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ख्यातिलब्ध पुरातन छात्रों को डिस्टिंगविश एल्युमिनाई अवार्ड से सम्मानित करेगा। विश्वविद्यालय कार्यक्रम से ऑफलाइन मोड में एक हजार और ऑनलाइन मोड में 22 हजार पुरातन एवं वर्तमान छात्रों, संबद्ध महाविद्यालयों को जोड़ेगा।

पुरातन छात्र सम्मेलन में 1987 बैच केे भूगोल विभाग से स्नात्तकोत्तर उत्तीर्ण आरके चतुर्वेदी को स्वर्ण पद क भी प्रदान किया गया जाएगा। उन्होंने डिग्री हासिल कर ली थी, मगर किन्हीं कारणों से उन्हें उस समय उन्हें स्वर्ण पदक नहीं दिया जा सका था।

पुरातन छात्र सम्मेलन में शामिल होने के लिए एक वर्षीय सदस्यता शुल्क 250 रूपया निर्धारित है। लाइफ टाइम मेंबरशिप शुल्क 1100 रूपया है। इसके साथ ही 30-2 मई तक आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन में शामिल होने का शुल्क 2000 रूपया निर्धारित किया गया है। कुलपति प्रो राजेश सिंह ने स्वयं विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र के रूप में अपना पंजीकरण कराया है।

आपको बताते चलें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृपा शंकर सिंह पूर्व गृहमंत्री महाराष्ट्र, आके चतुर्वेदी सचिव केमिकल एंड फर्टिलाइजर, इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस राहुल चतुर्वेदी, जस्टिस सलिल कुमार राय, जस्टिस उमेश चंद्र शर्मा, राज्य सभा सांसद शिव प्रताप शुक्ला, कुंवर ब्रजेश सिंह पूर्व डीजी पुलिस ओड़िसा विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र रहे हैं।

केंद्रीय विश्वविद्यालय दक्षिणी बिहार के कुलपति प्रो केएन सिंह, अमरकंटक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति मुरली मनोहर पाठक, राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्रशेखर, गुरू घासी दास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आलोक चक्रवाल, पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बंश गोपाल सिंह, राज्यमंत्री वित्त पंकज चौधरी, बीएसएफ के कीर्ति चक्र विजेता एनएनडी दुबे, सांसद जगदंबिका पाल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की है।

पदमश्री डॉ ज्ञान चंद्र मिश्रा, प्रो मीनाक्षी नारायण, चित्रा त्रिपाठी एंकर आजतक, पूर्व राज्यमंत्री बेसिक शिक्षा डॉ सतीश चंद्र द्विवेदी, पूर्व कुलपति प्रो जीसीआर जायसवाल, प्रबल प्रताप सिंह एक्जीक्यूटिव एडिटर टीवी 18, कुलपति प्रो एसएम पाल खुराना, जयंत मिश्रा प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स, डॉ जावेद रिजवी, प्रो श्याम पुंढीर,, डॉ सुनील शुक्ला डायरेक्टर जनरल, पूर्व कुलपति प्रो राकेश कुमार पांडेय, प्रो जीएनआर त्रिपाठी, पूर्व कुलपति प्रो राम अचल सिंह इस विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं।

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