फुटाने! चीज़ कौड़ी भर की काम करोड़ों की

वजन पर लगाम नहीं लगा पा रहे? बार बार भूख लगती है? डायबिटीज काबू में नहीं है? स्किन और बालों के रूखेपन से त्रस्त हैं ? खाना पचाने में दिक्कत होती है? हार्ट के पेशेंट हो? कोलेस्ट्रॉल के स्तर ने दिमाग हिला के रखा है? कमजोरी इतनी कि उठने बैठने में आलस आता है? हड्डियाँ बजती हैं? IBS का प्रॉब्लम है? इसके अलावा और क्या दिक्कत है? बोलिये! तो सुन लीजिये और गांठ बांध लीजिये, सबका बस एक ही इलाज है, फुटाने। 

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लखनऊ / पटना। फुटाने यानि रोस्टेड या भुना हुआ चना तो सभी खाते हैं या खाए होंगे लेकिन न्यूज डॉन रिपोर्टर ज़ीनत वारसी की इस स्टोरी को पढ़ने के बाद आप इसकी खपत बढ़ा देंगे, फुटाना ऐसा तीर है जो एक वार से कई शिकार करता है और हर शिकार एकदम परफेक्ट।

वजन पर लगाम नहीं लगा पा रहे? बार बार भूख लगती है? डायबिटीज काबू में नहीं है? स्किन और बालों के रूखेपन से त्रस्त हैं ? खाना पचाने में दिक्कत होती है? हार्ट के पेशेंट हो? कोलेस्ट्रॉल के स्तर ने दिमाग हिला के रखा है? कमजोरी इतनी कि उठने बैठने में आलस आता है? हड्डियाँ बजती हैं? IBS का प्रॉब्लम है? इसके अलावा और क्या दिक्कत है? बोलिये! तो सुन लीजिये और गांठ बांध लीजिये, सबका बस एक ही इलाज है, फुटाने।

फुटाने में वो सब है जिसकी खोज आप यहाँ वहाँ करते फिर रहे हैं, अनाप शनाप तरीके खोज रहे हैं। फाइबर्स, प्रोटीन्स, विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीइंफ्लेमेटरी कंपाउंड्स, पोटेशियम, मैग्नीशियम, सैपोनिन्स, ये सब हैं भुने हुए चने यानी फुटाने में। जितनी समस्याओं का जिक्र किया गया है, हर एक समस्या पर ये ताबड़तोड़ असर करता है।

हर असर को क्लिनिकली प्रमाणित किया जा चुका है हर एक स्टडी का जिक्र यहाँ संभव नहीं है लेकिन अगर आप अपने जड़ों की ओर लौटने की इच्छा रखते तो इन बातों पर भरोसा कर सकते हैं। यकीन मानिये इन तमाम समस्याओं को आप टाटा बाय-बाय कर सकते हैं।

करना इतना ही है कि रोज 100 ग्राम फुटाने खाना शुरू करें, 100 ग्राम यानी करीब 2 कप। जरूरी नहीं है कि एक झटके में सारा दबा जाएं, पूरे दिन भर में इतना जरूर खा लें, एक साथ खा लिए तो भी दिक्कत नहीं। एक बात ध्यान रखनी है फुटाना खाकर तुरंत पानी नहीं पीना है या तो 10 मिनिट पहले पानी पी लीजिये या फुटाना खाने के आधे घंटे बाद। हर दिन, नियमित तौर से ये काम कीजिये निश्चित ही एक महीने के अंदर आपको बेहतर रिजल्ट्स दिखने शुरू हो जायेंगे।

जिन्हें डायबिटीज नहीं है, देसी गुड़ भी खाएं फुटाने के साथ इसके फायदे दोहरी रफ्तार से मिलेंगे। आदिवासी इलाकों में तो पारंपरिक तौर से शारीरिक दुर्बलता, हड्डियों में कमजोरी, अपचन जैसी कई समस्याओं के निपटारे के लिए गुड़ के साथ फुटाने दिए जाते हैं। देश के कई हिस्सों में चने पर सोंठ, हल्दी और नमक का पानी छिड़ककर भी फुटाना बनाया जाता है। इस तरह के फुटाने भी उतने ही असरकारक होते हैं।

बचपन से हमें बताया गया है कि घोड़ों में ज्यादा ताक़त लाने के लिए उन्हें चने फुटाने खिलाते हैं हम घोड़ों को फुटाने खिला खिलाकर उन्हें तो ताकतवर बना देते हैं लेकिन खुद पिज्जा चाउमीन और मोमोज खाकर गधे बन हुए हैं।

ये अजीब सी बात है कि चने फुटाने को हमने हमेशा तुच्छ नज़रों से देखा है, रोज 2 बादाम चबाने वालों को तो याद भी नहीं होगा कि उन्होंने आखरी बार फुटाने कब चबाये थे। रोज 2 नहीं 10 बादाम रोज खा लीजिये लेकिन सेहत के लिए  फुटाने के हिसाब से उन्नीस ही रहेगा। बहुत जिम्मेदारी और रिसर्च के बाद बोल रही हूँ।  समझ सको तो समझ लो , वरना अपना क्या, चल दूंगी न्यूज डॉन आईडी लेकर,  एक और स्टोरी के लिए।

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