लखनऊ /दिल्ली। भारत में डिजिटल क्रांति के एक नए अध्याय की शुरुआत 1 अक्टूबर 2022 से हुई, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश में 5G सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ किया। यह लॉन्च राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ कार्यक्रम के दौरान किया गया, जो 4 अक्टूबर तक चला। इस आयोजन में देश-विदेश की प्रमुख टेलीकॉम और तकनीकी कंपनियों ने भाग लिया तथा भारत के डिजिटल भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
5G तकनीक को इंटरनेट और संचार क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी छलांग माना जा रहा है। यह सेवा 4G की तुलना में कई गुना तेज इंटरनेट स्पीड, कम लेटेंसी और बेहतर नेटवर्क क्षमता प्रदान करती है। इसके माध्यम से हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग, स्मार्ट सिटी, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्राइवरलेस व्हीकल और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई।
सरकार और टेलीकॉम कंपनियों ने पहले चरण में देश के 13 प्रमुख शहरों में 5G सेवाएं शुरू करने की योजना बनाई थी। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, गुरुग्राम, हैदराबाद, लखनऊ, पुणे, गांधीनगर, अहमदाबाद और जामनगर जैसे शहर शामिल थे। इन महानगरों को इसलिए चुना गया क्योंकि यहां डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या अधिक थी। बाद में चरणबद्ध तरीके से 5G नेटवर्क को पूरे देश में विस्तार देने की रणनीति बनाई गई।
5G स्पेक्ट्रम नीलामी में देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio ने सबसे ऊंची बोली लगाकर सबसे अधिक स्पेक्ट्रम हासिल किया। इसके अलावा Bharti Airtel और Vodafone Idea ने भी 5G सेवाओं के विस्तार की दिशा में निवेश किया। सरकार का मानना था कि 5G तकनीक देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, 5G केवल तेज इंटरनेट सेवा नहीं बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल दूरी कम करने, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई थी। For more updates follow on X


































