UP विधानसभा के प्रमुख सचिव जांच के घेरे में,थाने में FIR की तहरीर

पूर्व सूचना अधिकारी करमेश प्रताप सिंह ने UP विधानसभा के प्रमुख सचिव के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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Ex Information Officer of UP Vidhansabha Karmesh Pratap Singh handed over an application to the SHO for lodging FIR against Principal Secretary of Vidhansabha Pradeep kumar Dubey
उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव के खिलाफ FIR की तहरीर देते करमेश प्रताप सिंह

लखनऊ (संपादकीय डेस्क)। UP विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री प्रदीप कुमार दुबे एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी नियुक्ति, सेवा विस्तार और कार्यप्रणाली को लेकर पहले से चल रहे विवादों के बीच अब उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर तहरीर दी गई है। यह तहरीर विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी कर्मेश प्रताप सिंह द्वारा दी गई है, जिसमें भ्रष्टाचार, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, पद के दुरुपयोग और प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।आपको बता दें कि प्रदीप कुमार दुबे उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा (PCS J) से जुड़े रहे हैं।

UP विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे का जन्म 15 अप्रैल 1957 को हुआ था। उन्होंने वर्ष 1987 में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा जॉइन की थी और जनवरी 2009 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली थी। इसके बाद उसी दिन उनकी नियुक्ति संसदीय कार्य विभाग में होने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत हैं और 30 मार्च 2021 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

श्री दुबे की नियुक्ति और सेवा विस्तार को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में “क्वो वारंटो” याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नियमों की अनदेखी कर उन्हें UP विधानसभा के प्रमुख सचिव पद पर बनाए रखा गया तथा सेवानिवृत्ति आयु पूरी होने के बावजूद सेवा विस्तार दिया गया। मामले में हाल ही में 5 जून 2026 को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई, जिसके बाद यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार, विधानसभा सचिवालय और विधानसभा अध्यक्ष से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।

Principal Secretary to UP Vidhansabha Pradeep Kumar Debey
UP विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे

इसी बीच पूर्व सूचना अधिकारी कर्मेश प्रताप सिंह की नई तहरीर ने विवाद को और बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि UP विधानसभा के भीतर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को संरक्षण दिया गया। तहरीर में दावा किया गया है कि फर्जी शपथ पत्र और गलत अभिलेख तैयार कर नियमों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। साथ ही कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग की गई है।

कर्मेश प्रताप सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट में दायर याचिका मुख्य रूप से प्रदीप दुबे की नियुक्ति की वैधता को चुनौती देती है, जबकि पुलिस को दी गई तहरीर भ्रष्टाचार और कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़ी है। उन्होंने UP विधानसभा के प्रमुख सचिव के खिलाफ प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Ex Information Officer of UP Vidhansabha Karmesh Pratap Singh handed over an application to the SHO for lodging FIR against Principal Secretary of Vidhansabha Pradeep kumar Dubey
उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव के खिलाफ FIR की तहरीर देते करमेश प्रताप सिंह

हालांकि, अभी तक इन आरोपों पर UP विधानसभा (संबधित खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें) के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे या विधानसभा सचिवालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है, क्योंकि यह मामला केवल एक अधिकारी की नियुक्ति तक सीमित नहीं बल्कि विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता से भी जुड़ा माना जा रहा है। For more updates follow on X 

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