लखनऊ (राज्य मुख्यालय)। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 की लिखित परीक्षा प्रदेशभर में शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो गई। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रदेश के 75 जिलों में बनाए गए 1183 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई। भर्ती बोर्ड ने आधुनिक तकनीक, ई-केवाईसी, बायोमेट्रिक सत्यापन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाए रखा।
भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा के लिए कुल 28,86,798 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया था। इनमें 19,62,561 पुरुष और 9,24,237 महिला अभ्यर्थी शामिल थे। तीन दिवसीय परीक्षा में कुल 21,92,236 अभ्यर्थियों ने भाग लिया, जो कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों का 75.94 प्रतिशत है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की परीक्षा का सफल आयोजन प्रशासनिक क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 के दौरान फर्जी अभ्यर्थियों और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। गौतमबुद्ध नगर के मिहिर भोज पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी अंकित कुमार की ई-केवाईसी में गड़बड़ी पाए जाने पर जांच की गई। जांच में सामने आया कि वह कूटरचित आधार कार्ड के जरिए परीक्षा देने पहुंचा था। इस मामले में थाना दादरी में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसी प्रकार अलीगढ़ के डीएवी बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक युवक दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। बायोमेट्रिक मिलान में गड़बड़ी सामने आने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सोशल मीडिया पर सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 से संबंधित भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी कार्रवाई की। बोर्ड के व्हाट्सएप नंबर पर मिली शिकायतों के आधार पर यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर गलत जानकारी फैलाने वाले कई अकाउंट्स के खिलाफ लखनऊ के थाना हुसैनगंज में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें यूट्यूब चैनल “Shubham Mittal” सहित कई इंस्टाग्राम यूजर्स शामिल हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। दिलचस्प रिपोर्ट “खाकी से यारी लेकिन फिटनेस पर तोंद भारी” के लिए यहाँ क्लिक करें।

इसके अलावा कानपुर नगर के एक परीक्षा केंद्र पर भी एक संदिग्ध अभ्यर्थी को पूछताछ के लिए रोका गया, जिसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। भर्ती बोर्ड के अनुसार अब तक परीक्षा से जुड़े कुल 12 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े, प्रतिरूपण और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। बोर्ड ने सिपाही भर्ती परीक्षा 2025 के सफल आयोजन में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, परीक्षा केंद्रों और तकनीकी टीमों के सहयोग की भी सराहना की। For more updates follow on X




































