लखनऊ / कुशीनगर। एक किमी दौड़ लगानी पड़ जाये तो सांस उखड़ जाये, जिस्म बेडौल, सीने से आगे निकली तोंद। दौड़ना भागना तो दूर ठीक से तेज चला भी ना जाये! हाथों की पकड़ ऐसी कि अपराधी उसे झटक कर भाग जायें। उत्तर प्रदेश पुलिस के जिलों तैनात 50 फीसदी से ज्यादा सिपाहियों और दरोगाओं का यही हाल है ।आखिर इसकी वजह क्या है इसी सवाल का जवाब तलाश करने की कोशिश News DON ने की।
कहते हैं कि सही सेहत हजार नैमत के बराबर है लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस के महकमे में ऐसा नहीं है। खाकी वर्दी वाले इस कहावत को सही नहीं मानते हैं। शायद यही वजह है कि जिन पुलिस कर्मियों को हर वक्त चुस्त-दुरुस्त रहना चाहिए, वह उतने ही थकाऊ होते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे के ज्यादातर सिपाही /दारोगा की फिटनेस की रिपोर्ट बेहद खराब है।
ऐसा देखने में आ रहा है कि उत्तर प्रदेश पुलिस manual को तमाम सिपाही व दरोगा धता बताते हुए अपनी फिटनेस पर ध्यान नहीं दे रहे। जिसकी वजह से उनकी तोंद उनके शरीर से बाहर निकल आई है। तोंद भी ऐसी निकली है कि अगर एक बार बैठ गए तो बैठ गए फिर खड़ा होना दूभर है और खड़े हो गए तो खड़े हो गए फिर बैठना मुश्किल। दौड़ना तो उनके लिए लोहे के चने चबाने जैसा है।हमारी पड़ताल में इसकी सबसे बड़ी वजह थानों में नियमित परेड का न होना है।
एक किमी. की दौड़ लगाने में होश उड़ जाएंगे। सांस उखड़ना तो लाजमी है। जिले में भी तैनात 50 फीसदी पुलिस कर्मी ऐसे हैं जिनका शरीर फिटनेस के लिहाज से उनका साथ नहीं दे रहा। कई तो एसओ, दरोगा ऐसे हैं जिनकी तोंद उनके लिए परेशानी का सबब बन रही है। अगर विभाग के दफ्तरों में नजर दौड़ाएं तो सुबह से शाम तक कुर्सी पर बैठने वाले दरोगा व सिपाही भी तोंदू हो गए हैं।
प्रत्येक थाने में लगातार बैठ कर काम करने वाले पुलिस कर्मियों की सेहत भी फिटनेस के मामले में साथ नहीं दे रही। इसकी प्रमुख वजह थानों में नियमित परेड न होना है। विभागीय सूत्र बताते है कि थानों में तो नहीं लेकिन पुलिस लाइन में नियमित परेड होती है, लेकिन कई बार पुलिस कर्मी परेड में शामिल होने से कतराते हैं। यही वजह है कि दरोगा व सिपाही बेडौल हो रहे हैं।
कुछ समय पहले तक तो थानों व पुलिस विभाग के सभी दफ्तरों में बेडौल शरीर वाले पुलिस कर्मी ही देखने को मिलते थे लेकिन नए बैच के आने से छरहरे सिपाहियों व दरोगाओं की फौज जरूर दिखाई देने लगी। इतना ही नहीं नए सिपाही फिटनेस पर भी ध्यान दे रहे हैं।
बेडौल शरीर यानि शरीर में अत चर्बी का बढ़ना है जो हेल्थ और फिटनेस के लिए खतरनाक है। इससे उत्तर प्रदेश पुलिस कर्मी ना सिर्फ सुस्त हो रहे हैं बल्कि बीमार भी हो रहे हैं।उनमें डायबिटीज होना तो आम बात है लेकिन सांस फूलने की भी समस्या है, अधिकांश पुलिस कर्मियों की स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दिक्कत है। न्यूज DON की पड़ताल में सामने आया है कि वर्तमान में जिलों में तैनात अधिकांश पुलिसकर्मियों की हेल्थ फिटनेस ठीक नहीं है।



































