दमा, अस्थमा, हार्ट अटैक और मोतियाबिन्द का समुच्चय है ब्लैक फंगस

साथ ही इसमें, यह भी कहा गया है कि ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आने पर तुरंत ईएनटी(ENT) स्पेशलिस्ट यानी आंख चेस्ट या प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ को दिखाएं। इसके अलावा बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी प्रकार के स्टेरॉइड का उपयोग ना करें।

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लखनऊ । कोरोना महामारी ने देश-विदेश सभी जगह बहुत ही भारी हड़कंप मचाया हुआ है। इसकी दूसरी लहर भी आई, जिसमें काफी लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे। ना सिर्फ मामूली इंसान, बल्कि कई बड़ी हस्तियां भी हमने खोई है। यह बीमारी लोगों के मन में बहुत ही बड़ा घर बना चुकी है। स्थिति काफी गंभीर नजर आ रही है। अब बात सामने आ रही है ब्लैक फंगस की जिसे हम म्यूकरमाइकोसिस के नाम से भी जानते हैं।

कोरोना के जैसे ही ब्लैक फंगस ने भी अपने महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा पांव पसारे हैं। अब महाराष्ट्र के बाद ब्लैक फंगस ने अन्य देशों जैसे दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व मध्य प्रदेश में भारी संख्या में केस सामने आ रहे हैं। राजस्थान सरकार ने लोगों में नजर आ रही ब्लैक फंगस नामक बीमारी को महामारी घोषित कर दिया है।

राजस्थान महामारी अधिनियम 2020 की धारा तीन की सहपठित धारा चार के तहत म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस को संपूर्ण राज्य में महामारी व अधिसूचनीय रोग अधिसूचित किया जा चुका है। देश में करीब 5,500 कुल मामले सामने आए हैं जिनमें से 126 को मृत घोषित किया गया है। 

अगर हम बात करें यूपी की, तो यूपी सरकार ने ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखकर नई गाइडलाइन भी जारी की है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच या लेफ्ट फंगस का आना काफी चिंताजनक हो गया है। राज्यों में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली के एम्स और मैक्स जैसे बड़े अस्पतालों ने भी ब्लैक फंगस के मरीजों की पुष्टि की है। इसी बीच या भी बड़ी खबर सामने आई कि हरियाणा का गुरुग्राम शहर ब्लैक फंगस का हॉटस्पॉट बनकर सामने आया है। 

कवक संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखकर उत्तर प्रदेश सरकार ने ब्लैक फंगस के मामले में नई गाइडलाइन जारी करने का फैसला लिया। गाइडलाइन के तहत लोगों ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टरी सलाह लेने को कहा गया है। 

साथ ही इसमें, यह भी कहा गया है कि ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आने पर तुरंत ईएनटी(ENT) स्पेशलिस्ट यानी आंख चेस्ट या प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ को दिखाएं। इसके अलावा बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी प्रकार के स्टेरॉइड का उपयोग ना करें।

ICMR के मुताबिक, ब्लैक फंगस कोरोना वायरस से लड़ चुके मरीजों पर अधिक वार कर रहा हैं। कमजोर इम्यूनिटी वालों को खास ध्यान रखने की जरूरत है। कोरोना वायरस से ठीक हो चुके मरीजों को अपना खास ख्याल रखने को कहा गया है। इसके अलावा, जो व्यक्ति शुगर पेशेंट है उनका अगर शुगर लेवल बढ़ जाए तो यह जानलेवा हो सकता है। 

ब्लैक फंगस में तेज बुखार हो सकता है सिर में दर्द हो सकता है उल्टी, खांसी के साथ साथ  नाक से खून का निकलने की समस्या भी हो सकती है, आंख या नाक के पास दर्द या लाल निशान का होना, धुंधला दिखाई देनाा, गाल की हड्डी में दर्द या फिर चेहरे पर एक तरफ सूजन हो सकता है, मसूड़ों में दर्द, छाती में दर्द उठना या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।  इस प्रकार के लक्षण नजर आने पर फौरन डॉक्टर की सलाह लें। अपनी मर्जी से दवाओं का सेवन बिल्कुल भी ना करें। यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है। 

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