लखनऊ /दिल्ली। देश में बढ़ते Hate Speech मामलों को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा हलफनामा दाखिल किया है। आयोग ने अदालत को बताया कि वर्तमान समय में हेट स्पीच यानी घृणास्पद भाषण से निपटने के लिए कोई स्पष्ट और समर्पित कानून मौजूद नहीं है। आयोग का कहना है कि मौजूदा कानूनी प्रावधान इस गंभीर समस्या से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि इस विषय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और समुचित आदेश जारी किए जाएं, ताकि चुनावी राजनीति में बढ़ती आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषणबाजी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। आयोग ने कहा कि चुनावी सभाओं, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर दिए जाने वाले भड़काऊ बयान लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।
अपने हलफनामे में चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि Hate Speech के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कुछ प्रावधान जरूर मौजूद हैं, लेकिन वे हेट स्पीच की आधुनिक और व्यापक परिभाषा को पूरी तरह कवर नहीं करते। आयोग के अनुसार, तकनीक और सोशल मीडिया के विस्तार के बाद हेट स्पीच का स्वरूप तेजी से बदला है, जबकि कानून उसी गति से विकसित नहीं हो पाए हैं।
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि विधि आयोग की 267वीं रिपोर्ट में भी Hate Speech से जुड़े कानूनों में संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी प्रावधान बनाए जाएं, ताकि धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र या समुदाय के आधार पर नफरत फैलाने वाले बयानों पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। आयोग ने कहा कि चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद कई बार नेता और राजनीतिक दल भड़काऊ बयान देते हैं, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ता है। आयोग के पास सीमित शक्तियां होने के कारण वह केवल नोटिस जारी करने या प्रचार पर अस्थायी रोक लगाने जैसी कार्रवाई कर पाता है।

Hate Speech के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से भी जवाब मांगा गया है। माना जा रहा है कि अदालत आने वाले समय में हेट स्पीच को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी कर सकती है, जिससे चुनावी राजनीति में भाषा की मर्यादा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सके। For more updates follow on X


































