लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नगर विकास और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहम्मद आजम खान ने राज्यपाल राम नाईक पर आरोप लगाया है कि वे संविधान के मुताबिक काम करने के बजाय प्रदेश में आरएसएस के विचारों को थोपने की कोशिश कर रहे हैं , इसी बात को लेकर आजम खान ने 29 नवंबर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिले, जिसमे उन्होंने राज्यपाल की शिकायत भी की । आजम खान ने राज्यपाल के कामों को लेकर ये शिकायत की थी, कि राज्यपाल सरकारी काम में बाधा डाल रहे हैं, जिससे राजभवन की गरिमा जितनी इस समय गिर गई है, उतनी कभी नहीं गिरी। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि अगर आरएसएस के हिसाब से ही देश चलाना है तो प्रधानमंत्री संसद में इसकी घोषणा कर दें और देश का संविधान बदल दें, लेकिन इसके लिए देश के युवाओं के भविष्य को दांव पर तो न लगाएं। आपको बता दें कि राम नाइक के राज्यपाल बनने के बाद से आजम खान के मंत्रालयों के कुछ विधेयक राजभवन में अटक गए हैं, वहीं ताजा मामले में राजभवन ने एक अध्यादेश पर ही दस्तखत करने से मना कर दिया, इस अध्यादेश के जरिए राज्य सरकार नगर निकायों में 1500 से अधिक पदों पर भर्तियों की प्रक्रिया शुरू करने वाली थी, आजम खान ने बताया कि उत्तर प्रदेश के नगर निकाय में अधिकारी और कर्मचारियों के हजारों पद कई साल से खाली पड़े हैं, और यही वजह है कि आजम खान भड़के हुए है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य के विकास के लिए लगातार काम किया है, जबकि केंद्र सरकार लोगों को गुमराह करने में लगी हुई है। उन्होंने आने वाले समय में अपनी सरकार दोबारा बनाने की बात कही।
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