ट्रांसफार्मर! पहले तो महीनों नहीं बदले जाते थे :AK Sharma

ट्रांसफार्मर के अलावा उन्होंने मजरों के विद्युतीकरण के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 22,339 मजरे विद्युतीकरण से वंचित हैं। केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत इनके विद्युतीकरण को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही कार्य पूरा किया जाएगा

0
697

लखनऊ (राज्य मुख्यालय) । उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रदेश की विद्युत व्यवस्था में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले जहां खराब ट्रांसफार्मर बदलने में महीनों लग जाते थे, वहीं अब उन्हें घंटों के भीतर बदला जा रहा है।ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2023 से अक्टूबर 2023 के बीच प्रदेश में 1 लाख 89 हजार 803 क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर बदले गए हैं। इसके अलावा 7,400 से अधिक ट्रांसफॉर्मरों का उच्चीकरण किया गया तथा 1,130 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 92 कार्यशालाओं में ट्रांसफॉर्मरों की मरम्मत और क्षमता वृद्धि का कार्य लगातार किया जा रहा है।

गलत बिजली बिलों की समस्या पर मंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के लिए बिल सुधार की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि अगले महीने से ‘सेल्फ बिलिंग’ व्यवस्था शुरू होगी, जिसके तहत उपभोक्ता विभाग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी मीटर रीडिंग दर्ज कर स्वयं बिल प्राप्त कर सकेंगे। बिल एसएमएस के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल पर भेजा जाएगा।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि बिलिंग में लापरवाही बरतने वाले मीटर रीडरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2,508 मीटर रीडरों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। साथ ही रेवन्यू मैनेजमेंट सिस्टम में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे अत्यधिक या संदिग्ध बिल बनने पर उसकी जांच स्वतः हो सके।ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में चल रही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। मंगलवार शाम तक 14 लाख उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।

ट्रांसफार्मर के अलावा उन्होंने मजरों के विद्युतीकरण के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी 22,339 मजरे विद्युतीकरण से वंचित हैं। केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत इनके विद्युतीकरण को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लगभग 1.5 लाख मजरे बिजली से वंचित थे, जिनमें से 1.21 लाख मजरों का विद्युतीकरण वर्तमान में किया गया है। For more updates follow on X 

LEAVE A REPLY