भारत बूढ़ा हो रहा, कितने तैयार हैं हम!

भारत बूढ़ा हो रहा है लेकिन भारत के सामने कोई जनसंख्या संकट नहीं, बल्कि जनसंख्या संक्रमण (Demographic Transition) की स्थिति है। यह परिवर्तन चुनौतियां लेकर आया है,

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Demographic change symbolic photo
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लखनऊ (संपादकीय डेस्क) । भारत आज विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला देश है। वर्ष 2026 में देश की जनसंख्या लगभग 1.48 अरब (1.48 बिलियन) के आसपास पहुंच चुकी है। लंबे समय तक जनसंख्या वृद्धि को भारत की सबसे बड़ी चुनौती माना जाता रहा, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत की कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate-TFR) घटकर 1.9 पर आ गई है, जो प्रतिस्थापन स्तर (Replacement Level) 2.1 से भी नीचे है। इसका अर्थ है कि आने वाले दशकों में भारत की जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार धीमी होगी और अंततः स्थिरता की ओर बढ़ेगी यानी भारत बूढ़ा होने की ओर अग्रसर होगा। अनुमान है कि भारत की आबादी 2060-64 के आसपास लगभग 1.7 अरब के शिखर पर पहुंचकर धीरे-धीरे घटने लगेगी।

यह परिवर्तन केवल जनसंख्या का नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक ढांचे का भी परिवर्तन है। इसलिए प्रश्न यह नहीं है कि भारत की आबादी कितनी है, बल्कि यह है कि भारत अपनी जनसंख्या का प्रबंधन किस प्रकार करता है।

वर्तमान समय में भारत के पास एक बड़ा जनसांख्यिकीय लाभ (Demographic Dividend) मौजूद है। देश की लगभग 65 से 66 प्रतिशत आबादी कार्यशील आयु वर्ग (15-59 वर्ष) में है। यह स्थिति उत्पादकता, बचत, निवेश और आर्थिक विकास के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करती है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य उत्तरी राज्यों में युवाओं की बड़ी आबादी भविष्य की श्रमशक्ति के रूप में उभर सकती है। यदि इन युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।

हालांकि, इस अवसर के साथ कई गंभीर चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं। सबसे बड़ी चुनौती है—“अमीर बनने से पहले बूढ़ा होना” (Growing Old Before Getting Rich)। अनुमान है कि 2050 तक  आबादी का 20 प्रतिशत से अधिक भारत बूढ़ा हो सकता है। इससे पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं, दीर्घकालिक देखभाल और जेरियाट्रिक चिकित्सा की मांग में भारी वृद्धि होगी। क्या हमारा स्वास्थ्य ढांचा इस परिवर्तन के लिए तैयार है? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

दूसरी चुनौती क्षेत्रीय असंतुलन की है। दक्षिण भारत के कई राज्य जैसे तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश पहले ही निम्न प्रजनन दर और बढ़ती वृद्ध आबादी की स्थिति का सामना कर रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम होने लगी है और श्रम की कमी महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अपेक्षाकृत अधिक युवा आबादी है, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। यह असमानता भविष्य में आर्थिक और सामाजिक विषमताओं को बढ़ा सकती है।

एक अन्य संवेदनशील मुद्दा परिसीमन (Delimitation) का है। 2026 के बाद होने वाली जनगणना के आधार पर संसदीय सीटों के पुनर्निर्धारण की संभावना है। यदि जनसंख्या के अनुपात में सीटें बढ़ती या घटती हैं, तो उत्तरी राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व और दक्षिणी राज्यों को अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व मिलने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इससे संघीय राजनीति में नए तनाव उभर सकते हैं। इसके अतिरिक्त महिलाओं की कार्यबल में कम भागीदारी, युवाओं में बेरोजगारी, कौशल अंतराल तथा अवैध प्रवासन से जुड़े जनसांख्यिकीय और राजनीतिक प्रश्न भी नीति-निर्माताओं के सामने चुनौती बने हुए हैं। केवल बड़ी आबादी आर्थिक शक्ति की गारंटी नहीं देती; उसके लिए मानव संसाधन की गुणवत्ता आवश्यक है।

भारत को यह समझना होगा कि जनसांख्यिकीय लाभ अपने आप नहीं मिलता। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन में निरंतर निवेश आवश्यक है। चीन के अनुभव से सीखते हुए भारत को ऐसी नीतियां बनानी होंगी जो भारत बूढ़ा होती आबादी की जरूरतों को भी ध्यान में रखें। श्रम सुधार, बुजुर्ग देखभाल अवसंरचना, नियंत्रित और सुव्यवस्थित प्रवासन नीति तथा मानव पूंजी निर्माण आने वाले वर्षों की प्राथमिकताएं होनी चाहिए।

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भारत बूढ़ा हो रहा है लेकिन भारत के सामने कोई जनसंख्या संकट नहीं, बल्कि जनसंख्या संक्रमण (Demographic Transition) की स्थिति है। यह परिवर्तन चुनौतियां लेकर आया है, लेकिन अवसर भी उतने ही बड़े हैं। यदि सही नीतियों और दूरदर्शी नेतृत्व के साथ इस बदलाव का प्रबंधन किया जाए तो विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सपना नहीं, बल्कि वास्तविकता बन सकता है। आज आवश्यकता जनसंख्या नियंत्रण की नहीं, बल्कि प्रभावी जनसंख्या प्रबंधन की है। यही भारत के भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी। For more updates follow on X 

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