केंद्र सरकार की नई व्यवस्था ने घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों और सीमा पार से फंडिंग कर रहे उनके आकाओं की कमर तोड़ दी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सरकार के नए कदम से फंडिंग रुक जाएगी। इससे आतंकी गतिविधियों में ठहराव आने के साथ ही कश्मीर हिंसा पर भी इसका असर पड़ेगा। अपराधी, आतंकवादी और बड़े पैमाने पर अघोषित आय रखने वाले लोगों के लिए बड़े नोटों को रखना आसान होता है. ऐसे में 500 और 1000 रुपये के मौजूदा नोटों पर रोक लगाने से ऐसे लोगों पर लगाम कसी जा सकेगी। एनआईए भी यहां आतंकी संगठनों को फंडिंग मामले में कम से कम आधा दर्जन मुकदमे दर्ज कर जांच कर रही है। घाटी में आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की ओर से फंडिंग किए जाने की लगातार पुख्ता जानकारी मिलती रही है। एनआईए ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि हिजबुल कमांडर सैयद सलाहुद्दीन सहित कई भगोड़े हैं। हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर में भड़की हिंसा के दौरान एनआईए ने विदेशों से फंडिंग मामले में कई अलगाववादी नेताओं से पूछताछ करने के साथ ही उनके बैंक खाते भी खंगाले थे। ऐसे 50 से अधिक बैंक खाते निशाने पर बताए जाते हैं।
Latest Updates
PCS to IAS…यूपी के अधिकारियों की DPC 10 जून को
लखनऊ /नई दिल्ली। दिल्ली में 10 जून को होने वाली विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में उत्तर प्रदेश के 33 पीसीएस अधिकारियों को...
कॉकरोच जनता पार्टी: नया आंदोलन या राजनीतिक प्रयोग?
लखनऊ /नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश के एक कथित टिप्पणी से सोशल मीडिया पर उभरी कॉकरोच जनता पार्टी के दिल्ली के जंतर-मंतर पर...
Vaibhav in Team India, तोड़ सकते हैं सचिन का रिकॉर्ड!
लखनऊ। भारतीय क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत होती दिख रही है। बिहार के समस्तीपुर से आने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav...

































