शासन का डंडा, बरेली के चीफ इंजीनियर सस्पेंड

बरेली नगर निगम के मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं लेकिन इस बार उन पर शासन का डंडा चला है। इसलिए अब उनके चहेतों पर भी गाज गिरना तय है। बता दें कि नगर आयुक्त द्वारा कई बार विभागीय कार्रवाई पर जोर दिया था लेकिन चीफ इंजीनियर कार्यालय में निर्देश दवा दिए

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कार्यालय नगर निगम, बरेली
नगर निगम, बरेली

लखनऊ /बरेली। बरेली नगर निगम में चर्चित मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह पर शासन का डंडा चला है उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर  निदेशक स्थानीय निकाय कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उन पर कई गंभीर आरोप हैं। प्रमुख सचिव अमृत अभिजात इस प्रकरण में बरेली मंडल आयुक्त जांच अधिकारी नामित किया गया है।नगर निगम में गुणवत्ता, समय से कार्य पूरे न होना,ठेकेदारों का लंबे समय तक भुगतान ना होना, मनमानी, कमीशनखोरी हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है। निर्माण विभाग में अपने चहेतों पर मेहरबान चीफ इंजीनियर हमेशा चर्चा में रहे सड़क और गलियों में गड्ढे भरने के नाम पर 30 प्रतिशत तक कमीशन संबधी खबरें सुर्खियों में बनी रहीं।

बताया जाता है कि नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने कथित गंभीर शिकायतों और मनमानी पर अंकुश लगाना चाहा लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। निर्माण विभाग में अधीनस्थ बेलगाम अधिकारियों से लगातार विभागीय छवि प्रभावित हो रही है। इसलिए नगर आयुक्त ने पिछले माह 10 अप्रैल को चीफ भूपेश कुमार सिंह से संबंधित गड़बड़ियां, मनमानी, पत्राचार उत्तर नहीं देना, समय से कार्य निष्पादन नहीं करते हैं इसके साथ ही उन्होंने गोपनीय पत्र शासन में प्रेषित किया।

बरेली नगर आयुक्त के पत्र पर नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने अंतरिक जांच कराई और संबंधित आरोप सही पाए गए। इस आधार पर शासन का डंडा चला है। प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात ने मुख्य अभियंता (सिविल) भूपेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। आरोपी चीफ इंजीनियर निदेशक स्थानीय निकाय कार्यालय से संबद्ध किए गए हैं।मुख्य अभियंता नगर निगम भूपेश कुमार सिंह मुख्य महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी पद भी संभाले हुए हैं। बताया जाता है कि स्मार्ट सिटी में ऐसा कोई पद नहीं होता है। उन पर लंबे अरसे से लगातार गंभीर आरोप लगते रहे हैं। ऊंची पहुंच और संरक्षण मिलने से सुरक्षित बने रहे। जबकि लगातार निर्माण कार्यों में में मनमानी और घटिया कार्य शिकायतें मिलती रही हैं।

विभागीय सूत्रों ने बताया भूपेश कुमार सिंह नोएडा प्राधिकरण में भी तैनात रहे हैं। वहां पर विज्ञापन बोर्डिंग और होर्डिंग में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई थी। तब उन्हें निलंबित किया गया था लेकिन विभागीय संरक्षण होने के कारण हमेशा मलाईदार पदों पर तैनात रहते रहे हैं। बरेली तैनाती अवधि में तमाम गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जाता है कि बरेली में वरिष्ठ अफसरों द्वारा बैठक में भी भाग लेना उचित नहीं समझते थे।

बताया जाता है कि बरेली नगर निगम के मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं लेकिन इस बार उन पर शासन का डंडा चला है। इसलिए अब उनके चहेतों पर भी गाज गिरना तय है। बता दें कि नगर आयुक्त द्वारा कई बार विभागीय कार्रवाई पर जोर दिया था लेकिन चीफ इंजीनियर कार्यालय में निर्देश दवा दिए। माना जा रहा है कि अब और अन्य पर भी जल्द कार्रवाई होगी। For more updates follow on X 

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