राज्य योजना आयोग अब होगा State Transformation Commission

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में राज्य योजना आयोग के साथ “रानीपुरा टाइगर रिजर्व” की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।

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लखनऊ (राज्य मुख्यालय)। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में गुरुवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों को प्रदेश के प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विकास, पर्यटन विस्तार, ऊर्जा उत्पादन और नगरीय विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। प्रदेश सरकार ने राज्य योजना आयोग का पुनर्गठन करते हुए “स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन” के गठन का फैसला किया है। यह नई संस्था राज्य की विकास योजनाओं को आधुनिक तकनीक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगी। साथ ही योजना आयोग में “पीएनयू” की रचना भी की जाएगी, जिससे परियोजनाओं की निगरानी और नीति निर्माण को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में राज्य योजना आयोग के साथ “रानीपुरा टाइगर रिजर्व” की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इससे प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे। बैठक में उपनिबंधक कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों के डिजिटाइजेशन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इस व्यवस्था के लागू होने से जमीन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को ऑनलाइन सुरक्षित रखा जा सकेगा तथा आम जनता को पारदर्शी और त्वरित सेवाएं मिलेंगी। इससे भ्रष्टाचार और दस्तावेजों की हेराफेरी पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इससे एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश में निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 के क्रियान्वयन को भी स्वीकृति दी गई, जिससे हरित ऊर्जा उत्पादन को गति मिलेगी।

नगरीय विकास के तहत नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर तथा नगर पंचायत कटरा, जनपद गोंडा के सीमा विस्तार के प्रस्ताव भी पारित किए गए। इससे शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और बेहतर प्रशासन सुनिश्चित किया जा सकेगा। अयोध्या में पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पीपीपी मोड पर “टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर” विकसित एवं संचालित कराने का निर्णय लिया गया है। निजी निवेशकों की भागीदारी से बनने वाला यह केंद्र देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले शासकीय भवनों के निर्माण कार्य को ईपीसी मोड में कराने की प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय भी लिया गया है, जिससे परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी। For more updates follow on X 

 (नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या प्रस्ताव रखे ये पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)  

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