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DM लखनऊ

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*प्रेस विज्ञप्ति*

लखनऊ 09 अक्टूबर 2023 लखनऊ
आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सूर्य पाल गंगवार द्वारा मा0 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन के क्रम में शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की उदासीनता को कम करने एवं मतदान प्रतिशत में वृद्धि के दृष्टिगत शहरी क्षेत्रों में जहां ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी तथा बहुमंजिली भवन बन गये है, उन क्षत्रों के उक्त भवनों में मतदेय स्थल बनाने हेतु किए जा रहे सर्वे को अंतिम रूप देने के उद्देश से राजनैतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई।

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया की शहरी क्षेत्रों में जहां ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी तथा बहुमंजिली भवन बन गये है उनका समस्त विधान सभाओं के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा सर्वे किया गया। सर्वे में 300 भवनों/सोसाइटीयों में से 14 भवनों/सोसाइटीयों को बूथ बनाने के लिए चिन्हित किया गया हैं। जिसका विवरण निम्नवत है –

168 बक्शी का तालाब विधानसभा में 08 भवन/सोसाइटी
170 सरोजनीनगर विधानसभा में 04 भवन/सोसाइटी
172 लखनऊ उत्तर विधानसभा में 01 भवन/सोसाइटी
174 लखनऊ मध्य विधानसभा में 01 भवन/सोसाइटी

जिसके क्रम में आज समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्राप्त प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया। उक्त के संबंध में किसी भी राजनैतिक दल के प्रतिनिधि द्वारा कोई भी आपत्ति दाखिल नहीं की गई। उक्त के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया की दिनांक 27 अक्टूबर से अर्हता तिथि 01.01.2024 के आधार पर निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत की जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई की वह उक्त अभियान में सहयोग करे और अधिक से अधिक नए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराए। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया की पर्याप्त मात्रा में फार्म 6 और फार्म 8 की प्रिटिंग करा ली गई है। अभियान शुरू होने से 10 दिन पूर्व ही सभी बीएलओ को फार्म 6 के 100 फार्म और फार्म 8 के 50 फार्म उपलब्ध करा दिए जाएंगे। ताकि फार्म के अभाव में कोई व्यक्ति अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने से छूट न जाए।

उक्त के साथ ही हर सुपरवाइजर को भी फार्म 6 के 100 और फार्म 8 के 50 फार्म उपलब्ध करा दिए जाएंगे। ताकि किसी बीएलओ को अगर फार्म की आवश्यकता पड़ती है तो वह तत्काल अपने सुपरवाइजर से संपर्क करके तत्काल फार्म पा सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया की 27 अक्टूबर से सभी बूथों पर बीएलओ के द्वारा फार्म भरवाए जाएंगे। उक्त के अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन करना चाहता है तो उसके लिए भी मा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा व्यवस्था की गई है। *वोटर हेल्पलाइन (Voter Helpline)* एप या *https://voters.eci.gov.in/* के माध्यम से कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई के *वोटर हेल्पलाइन (Voter Helpline)* एप और *https://voters.eci.gov.in/* का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार कराया जाए। ताकि जो भी नए वोटर है विशेषकर युवा ऑनलाइन ही अपने नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सके।

*पुनरीक्षण अभियान का कार्यक्रम -*

1. निर्वाचक नामावलियों का आलेख प्रकाशन 27 अक्टूबर 2023

2. दावे एवम आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 27 अक्टूबर से 09 दिसम्बर 2023

3. विशेष अभियान तिथियां (समस्त मतदेय स्थलों पर)
04 नवम्बर 2023 शनिवार
05 नवम्बर 2023 रविवार
25 नवम्बर 2023 शनिवार
26 नवम्बर 2023 रविवार
02 दिसम्बर 2023 शनिवार
03 दिसम्बर 2023 रविवार

4. दावे एवम आपत्तियों का निस्तारण 26 दिसम्बर 2023

5. निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 05 जनवरी 2024

उक्त बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती शुभी सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभय किशोर, समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व समस्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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Asian Games : सोना चांदी से भर रही झोली भारत की

लखनऊ /मुंबई।  जो देश खेलों की दुनिया की बड़ी ताकत नहीं है, उनके खाते में हमेशा सिल्वर और ब्रांज मेडल ज्यादा होते हैं और गोल्ड सबसे कम। ताकतवर देशों का आंकड़ा इसके उलट होता है। एक वक्त था, भारत के खाते में ब्रांज सबसे ज्यादा होते थे। अब भी ब्रांज ज्यादा है लेकिन अनुपात बहुत तेजी से सुधरा है।भारत अब तक 25 गोल्ड जीत चुका है। उम्मीद है ये संख्या और बढ़ सकती है।

एक समय था जब एशियाड में गोल्ड मेडल के मामले में दहाई अंक तक पहुंचना सपना हुआ करता था। लेकिन मौजूदा प्रदर्शन ने भारत को चीन, जापान और कोरिया के बाद निर्विवाद रूप से खेलों के मामले में एशिया की चौथी बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया है।

सबसे ज्यादा खुशी की बात ये है कि भारत के पोर्टफोलियों का काफी विस्तार हुआ है। सेपक तकरा जैसे गैर-परंपरागत खेलों तक में पदक मिले हैं। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने तीरंदाजी और निशानेबाजी जैसे खेलों में ओलंपिक चैंपियन ढूंढने के लिए 25 साल पहले बड़े कार्यक्रम शुरू किये थे। नतीजे बहुत धीरे-धीरे लेकिन लगातार आ रहे थे।2021 के टोक्यो ओलंपिक में भारत ने अब तक सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और अब उसके बाद एशियाड में। इन सफलताओं ने इस धारणा को खंडित किया है कि भारत वन स्पोर्ट्स कंट्री है।

पर्यटन मंत्री

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पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह फिरोजाबाद एवं मैनपुरी के दो दिवसीय भ्रमण पर
लखनऊ: 06 अक्टूबर, 2023

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह जनपद बरेली में आज समीक्षा के उपरान्त फिरोजाबाद पहुंचेगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार कल 07 अक्टूबर, 2023 को पूर्वाह्न 09ः00 बजे सैनिक स्कूल मैनपुरी में राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट द्वारा आयोजित पुस्तक मेले का शुभारम्भ करेंगे। इसके उपरान्त शिविर कार्यालय निकट रेलवे क्रासिंग करहल रोड मैनपुरी में जनसमस्याओं की सुनवाई करेंगे।
इसके उपरान्त अपराह्न 02ः00 बजे होटल बीकानेर एक्सप्रेस-वे, राधारमन रोड मैनपुरी में वर्ष 1976 मैनपुरी में इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण अल्मुनाइज ग्रुप द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे। सायं 05ः00 बजे ग्राम सचिवालय नौनेर थाना दन्नाहार जनपद मैनपुरी में दैनिक जागरण द्वारा आयोजित सशक्त पंचायत सशक्त राष्ट्र कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसका आयोजन श्री दिलीप शर्मा ब्यूरो चीफ दैनिक जागरण तथा श्री रत्नेश दिवाकर प्रधान द्वारा किया गया है।
अगले दिन श्री जयवीर सिंह 08 अक्टूबर, 2023 को सिरसागंज जनपद फिरोजाबाद कैम्प कार्यालय में जनसमस्याओं की सुनवाई करेंगे तथा अपने निजी आवास पर रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन 09 अक्टूबर को दोपहर तक लखनऊ पहुंचेगे।
सम्पर्क सूत्र- केवल

आपको सूचना, शिक्षा और मनोरंजन परोसने वाले हाथों ने अपने हाथों में क्यों बांधी काली पट्टी!

लखनऊ (राज्य मुख्यालय) । भारत के लोक प्रसारक दूरदर्शन और आकाशवाणी के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने बुधवार को अपने नियामक संस्था प्रसार भारती की कर्मचारियों व अधिकारियों के प्रति उदासीनता एवं भेदभावपूर्ण रवैये पर रोष जताते हुए देशव्यापी प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में हज़रतगंज स्थित दूरदर्शन केन्द्र के सामने दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के कर्मचारियों /अधिकारीयों ने दोपहर में भोजनावकाश के समय प्रदर्शन किया।

ज्वाइंट फोरम फार प्रसार भारती एंप्लॉयज के बैनर तले दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के तीनों अंगों कार्यक्रम अनुभाग, तकनीकी अनुभाग एवं प्रशासनिक अनुभाग के कर्मचारियों /अधिकारीयों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया। फोरम के पदाधिकारी श्याम नारायण चौधरी ने हमारे संवाददाता को बताया कि हम लोग निरंतर देश सेवा में संलग्न रहते हैं देशवासियों को सूचना शिक्षा और मनोरंजन के जरिए उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं लेकिन कभी-कभी अपने साथ हो रहे भेदभाव को लेकर मन में निराशा की भावना पैदा हो जाती है। हम प्रसार भारती से मांग करते हैं कि समान काम के बदले समान वेतन, समयावधि प्रोन्नति और केन्द्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ दिया जाये।

दूरदर्शन केन्द्र लखनऊ की कार्यक्रम अधिकारी ज्योति भाटिया ने कहा कि हम दूरदर्शन में महज नौकरी नहीं करते बल्कि दूरदर्शन के साथ हमारा आत्मीय लगाव है, उन्होंने कहा कि हम हरसंभव प्रयास करते हैं कि उत्कृष्ट कार्यक्रमों का निर्माण किया जाये जिससे कि देशवासियों को सूचना समृद्ध और ज्ञानवान बनाया जा सके।एसोसिएशन फार प्रसार भारती इंजीनियरिंग एम्पलॉइज के आशीष, मनीष और सुनील ने संयुक्त रूप से कहा कि ग्रुप इंश्योरेंस और फैमिली पेंशन की व्यवस्था की जाये, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना के तहत 14% अंशदान की अभी तक शुरुआत नहीं की है।

एसोसिएशन फार प्रोग्राम आफिसर्स के मुकेश कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही काम के लिए दो भिन्न लोगों को दो भिन्न वेतन हमारे साथ अन्याय है। वहीं दूसरी ओर अमित कुमार ने प्रसार भारती के रुल्स एवं मैनुअल के प्रति प्रसार भारती की उदासीनता पर रोष जताते हुए उस जल्द से जल्द लागू किए जाने की मांग की। प्रदर्शन में अक़ील अंसारी,, राम जी समेत दूरदर्शन केन्द्र लखनऊ एवं आकाशवाणी लखनऊ के सैकड़ों कर्मचारी तथा अधिकारी उपस्थित थे।

मदरसों पर फोकस

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*मदरसों के छात्रों को और निखारेगी योगी सरकार*

*मदरसा शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम में डिजिटल लिट्रेसी, कोडिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल कर कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को बढ़ावा मिलेगा*

*आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस पर विद्यालयों एवं मदरसों के अध्यापकों के अभिमुखीकरण हेतु ‘‘ओरिएंटेशन मॉड्यूल ऑन ए.आई’’ का होगा शुभारंभ*

*लखनऊ, 3 अक्टूबर:* योगी सरकार मदरसों के छात्र/छात्राओं को मुख्य धारा से जोड़ने का निरन्तर कार्य कर रही है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा अन्य बोर्ड से कदम ताल मिलाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के साथ मिलकर मदरसा शिक्षा परिषद में दूरगामी कदम उठाया जा रहा है।
इसके तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अनुशंसाओं के क्रियान्वयन के सम्बंध में कल इन्दिरा गाँधी प्रतिष्ठान में स्कूलों एवं मदरसों के अध्यापकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के विद्यालयों एवं मदरसों के अध्यापकों के अभिमुखीकरण हेतु ‘‘ओरिएंटेशन मॉड्यूल ऑन ए.आई’’ का शुभारम्भ किया जायेगा, जिससे मदरसों के छात्र-छात्राओं के पाठ्यक्रम में डिजिटल लिट्रेसी, कोडिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल कर कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को बढ़ावा मिल सकेगा।

*7442 मदरसों में दिए गए विज्ञान-गणित किट*
अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि बच्चों का आधार प्रमाणीकरण कराया गया है। वर्तमान में प्रदेश के 16,513 मदरसों में 13,92,325 छात्र/छात्राएं अध्ययनरत हैं। मदरसों में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा पुस्तकें उपलब्ध करायी जा रही हैं। अभी तक कुल 1275 मदरसों में कम्प्यूटर दिये जा चुके हैं। 7442 मदरसों में बुक बैंक, विज्ञान किट व गणित किट दिये जा चुके हैं।

*एआई की जानकारी देने के लिए बनाए गए 22 वीडियो*
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग के नेतृत्व में टीम उपाय ने मदरसों और स्कूलों के अध्यापकों को Al की जानकारी देने के लिए विषय विशेषज्ञों के सहयोग से 22 वीडियो बनाए हैं। Al की शिक्षा में निवेश आने वाली पीढ़ियों में किया गया निवेश है। इसमें मदरसों के छात्रों को इस नई तकनीक की जानकारी मिलने से वो नई टेक्नोलॉजी का अध्ययन विश्वस्तरीय कॉलेजों में कर पायेंगे।

*प्रदेश में हैं 16513 मदरसे*
उल्लेखनीय है प्रदेश में कुल 16513 मदरसे हैं, जिसमें 560 राज्यानुदानित एवं 121 मदरसों में मिनी आई टी0 आई0 संचालित हैं। प्रदेश की सरकार ने मदरसों को मुख्य धारा से जोड़ने और अन्य बोर्डाे के समान शिक्षा प्रदान करने के लिए समय-समय पर यथाआवश्यक संशोधन किये हैं।
उप्र मदरसा शिक्षा परिषद द्वारा संचालित मदरसों में अध्ययनरत छात्रों के ज्ञान को विस्तारण देना समसामयिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देना, सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता का विकास करना और उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से उ० प्र० अशासकीय अरबी और फारसी मदरसा मान्यता प्रशासन एवं सेवा विनियमावली 2016 में संशोधन किया गया और शैक्षिक सत्र 2017 से मदरसों में शिक्षण का माध्यम उर्दू के साथ-साथ हिन्दी और अंग्रेजी किया गया।

गॉधी जयंती

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पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश

प्रमुख सचिव सूचना श्री संजय प्रसाद ने महात्मा गाँधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर माल्यार्पण कर किया नमन

लखनऊ: 02 अक्टूबर, 2023

प्रमुख सचिव सूचना, श्री संजय प्रसाद ने सोमवार को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय सूचना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यापर्ण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर निदेशक सूचना श्री शिशिर, अपर निदेशक सूचना श्री अंशुमान राम त्रिपाठी, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी श्री रजनीकान्त वर्मा, सयुक्त निदेशक श्री यशवर्धन तिवारी, प्रभारी संयुक्त निदेशक श्री दिनेश कुमार गुप्ता, उपनिदेशक श्री ललित मोहन, श्री प्रभात शुक्ला, श्रीमती मधु तांबे, सहायक निदेशक श्री सतीश चन्द्र भारती सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

CM Yogi ने कहा, सटीक और सही सूचना देने में पुलिस रेडियो की महत्वपूर्ण भूमिका

लखनऊ /प्रयागराज । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि कोई भी सम्प्रभु सरकार और राष्ट्र सदैव यह ध्यान रखते हैं कि वे आधुनिक तकनीक और संसाधन में पिछड़ने न पायें। इतिहास इस बात का साक्षी है कि जिस भी फोर्स के पास योग्य प्रशिक्षण, उपकरण और हथियार होते हैं, वह हमेशा विजेता रहता है। आज के समय में भी यह बात उतनी ही महत्वपूर्ण है। पुलिस बल पर आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी होती है। पुलिस बल के लिए तकनीक का बहुत महत्व है। सूचना के आदान-प्रदान के साथ ही, महत्वपूर्ण जानकारी लेने, सटीक जानकारी को तत्समय सटीक स्थलों तक पहुंचाने में पुलिस दूरसंचार विभाग की बड़ी भूमिका होती है।

मुख्यमंत्री जी आज यहां उत्तर प्रदेश पुलिस रेडियो मुख्यालय, लखनऊ में पुलिस रेडियो विभाग स्थापना दिवस समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जे0सी0 बोस टेक्नोलाॅजी प्रदर्शनी का उद्घाटन तथा अवलोकन किया। मुख्यमंत्री जी को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सलामी दी गयी। कार्यक्रम में पुलिस रेडियो विभाग की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

मुख्यमंत्री जी ने पुलिस रेडियो विभाग स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश के बारे में लोगों की धारणाएं बदली हैं। आज प्रदेश किसी पहचान का मोहताज नहीं है। वर्ष 2019 के प्रयागराज कुम्भ का भव्य, सुव्यवस्थित और सुरक्षित आयोजन देश व दुनिया में कौतुहल और आश्चर्य का विषय बना था। इस आयोजन में पुलिस के कार्य करने के तरीके, पुलिस के व्यवहार तथा पुलिस द्वारा अपनायी गयी तकनीक के परिणाम को सभी ने देखा था। 24 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रयागराज कुम्भ-2019 के माध्यम से बदलते उत्तर प्रदेश को देखा। वे सभी उत्तर प्रदेश के प्रति एक अच्छा संदेश लेकर गए। इस आयोजन में बेहतरीन तालमेल से पुलिस रेडियो विभाग द्वारा उत्कृष्ट कोटि के कार्य किये गए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार वर्ष 1938 में हरिद्वार कुम्भ के अवसर पर वायरलेस सेट का प्रयोग किया था। उस समय पुलिस ने टेलीकम्युनिकेशन के लिए तीन हाथियों का सहारा लिया था। वर्ष 1938 से यह यात्रा शुरू हुई। आगे चलकर रेडियो मुख्यालय की स्थापना हुई। वर्ष 2019 तक आते-आते हम हाथी से हैण्डसेट तक पहुंच गये। आज मोबाइल के माध्यम से प्रदेश में एक जगह बैठकर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सकता है। यह प्रगति यात्रा हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही, आमजन में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी पैदा करती है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम तकनीक से भाग नहीं सकते। समय के अनुरूप प्रशिक्षण के माध्यम से तकनीक को अपनी व्यवस्था का हिस्सा बनाना ही पड़ेगा। यह तकनीक हमारे द्वारा नियन्त्रित हो और समाज के सापेक्ष कार्य करते हुए यह पुलिस रेडियो विभाग को निरन्तर आगे बढ़ाती रहे, यह आज की आवश्यकता है। तीन दिवसीय स्थापना दिवस के इस कार्यक्रम में पुलिस रेडियो विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी में पुराने समय के सभी सेट्स को प्रदर्शित किया गया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे कार्मिकों का प्रशिक्षण अच्छा होना चाहिए तभी अच्छे परिणाम आयेंगे। कार्मिकों को अत्याधुनिक उपकरण, अच्छे संसाधन तथा अच्छी व्यवस्थाएं उपलब्ध करायी जानी चाहिए। सभी पुलिस लाइन तथा पी0ए0सी0 वाहिनियों में अपने इतिहास को प्रदर्शित करने वाला एक संग्रहालय होना चाहिए, जिसके माध्यम से हमारी वर्तमान पीढ़ी, विशेष कर स्कूली बच्चों को अपनी विकास यात्रा के बारे में बताया जाना चाहिए। हमें पुलिस के पुराने साधनों तथा हथियारों को इस म्यूजियम में प्रदर्शित करना चाहिए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे सामने नई चुनौतियां हैं। वर्ष 2017 में हमारी सरकार के गठन के समय प्रदेश के दो जनपदों लखनऊ व गौतमबुद्धनगर में ही साइबर थाने थे। आज प्रदेश के सभी जनपदों में साइबर थानों की स्थापना की स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने समस्त 75 जनपदों में साइबर थानों की शीघ्र स्थापना के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जनपदों के लिए मास्टर ट्रेनर की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना भी हो जाए।

मुख्यमंत्री जी ने जनपद प्रयागराज तथा सीतापुर में उत्तर प्रदेश से बाहर के एक गिरोह द्वारा लूट की घटना के खुलासे का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग करते हुए अपराध को नियन्त्रित किया जा सकता है। अगर हमारे पास तकनीक नहीं होती और हमनें समय के अनुरूप अपने को तैयार नहीं किया होता, तो यह लुटेरे पकड़े नहीं जाते और किसी अन्य जगह बड़ी घटना को अंजाम देते। तकनीक के प्रयोग तथा पुलिस की सजगता से तीन दिन में ही दोनों मामले खुल गये। हमें सदैव तकनीक के साथ चलना होगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस (ए0आई0) के माध्यम से बड़े से बड़े आयोजन को सफलता के साथ सम्पन्न किया जा सकता है। प्रयागराज कुम्भ-2019 इसका उदाहरण है। आने वाले समय में बड़े से बड़े आयोजन को ए0आई0 के माध्यम से सम्पन्न किया जा सकेगा। प्रदेश में लगभग 04 करोड़ श्रद्धालु कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनते हैं। यह कांवड़ यात्रा शान्तिपूर्ण व सुरक्षित तरीके से सम्पन्न हुई है, यह सभी ने देखा है। उत्तर प्रदेश रेडियो पुलिस ने इस यात्रा में नये प्रयोग भी किये। आज आवश्यकता है कि हम समय के अनुरूप चलें।

मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस रेडियो विभाग का तीन दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम रेडियो विभाग के सभी कार्मिकों को आधुनिक तकनीक की जानकारी देने में सफल होगा। हम सभी समय से दो कदम आगे बढ़कर स्वयं को तैयार करेंगे, तो उत्तर प्रदेश पुलिस के गौरव को बढ़ाने के साथ ही, राज्य के परसेप्शन को और बेहतर करने में मदद मिलेगी।इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, पुलिस महानिदेशक श्री विजय कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, स्पेशल डी0जी0 कानून व्यवस्था श्री प्रशान्त कुमार, डी0जी0 टेलिकाॅम श्री संजय एम0 तरडे, पुलिस रेडियो विभाग के निदेशक श्री सुनील कुमार सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिस रेडियो विभाग के कार्मिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने आवास एवं शहरी नियोजन की समीक्षा की

लखनऊ (राज्य मुख्यालय) । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के कार्याें की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्टेट कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एस0सी0आर0डी0ए0) के जल्द से जल्द गठन के निर्देश दिए। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि तीन महीने के अंदर एस0सी0आर0डी0ए0 की कार्ययोजना प्रस्तुत करें। एस0सी0आर0डी0ए0 में लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, सीतापुर और बाराबंकी जनपदों को शामिल करें। साथ ही, राजधानी लखनऊ को एस0सी0आर0डी0ए0 का मुख्यालय बनाएं और नागरिकों की सुविधा के लिए बाकी जनपदों में रीजनल ऑफिस खोलें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में एस0सी0आर0डी0ए0 का प्लान तैयार किया जाए। झांसी औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बाद एस0सी0आर0डी0ए0 प्रदेश में नियोजित शहरी विकास का मॉडल होगा। उन्होंने कहा कि अगले सौ साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास की योजना बनाएं। शहरी विकास की जो भी योजनाएं तैयार हों, उनका आधार निवेश और रोजगार होना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अमृत योजना के अंतर्गत 59 शहरों के लिए तैयार किया जा रहा मास्टर प्लान शासन के अनुमोदनार्थ 30 सितंबर तक भेज दें। शामली, बड़ौत, चंदौसी, गोंडा, एवं अमरोहा में पहली बार मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, इस कार्य में तेजी लाएं। साथ ही, लोनी और मोदी नगर को गाजियाबाद में इन्ट्रीग्रेट करते हुए एक मास्टर प्लान बनाएं। जहां पर मास्टर प्लान का नक्शा पास हो गया है, अगर वहां कोई बिल्डर नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

भारतीय

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भाषा विभाग द्वारा “भारतीय भाषा उत्सव” का धूमधाम से आयोजित किया गया

आज दिनांक 29 सितम्बर 2023 को भाषा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा भारतीय भाषा उत्सव का धूमधाम से आयोजित किया गया। इस अवसर पर “बहुभाषीय राष्ट्र विविधता में एकता” विषय पर प्रथम सत्र पूर्वाहन 11:00 बजे से बहुभाषी संगोष्ठी तथा द्वितीय सत्र अपराह्न 04:00 बजे से बहुभाषीय काव्य पाठ एवं रामायण पर आधारित नाटक का मंचन कराया गया।

समारोह में अपर मुख्य सचिव भाषा विभाग श्री जितेन्द्र कुमार ने अपने उदबोधन में कहा कि तमिल के प्रख्यात कवि सुब्रमण्यम भारती जी के जन्म दिवस दिनांक 11 दिसम्बर को भारत सरकार द्वारा भारतीय भाषा दिवस घोषित करते हुए भारतीय भाषा उत्सव के रूप में मनाये जाने से अवगत कराया है। इस वर्ष भारत सरकार के निर्देश के क्रम में 75 दिवसीय भारतीय भाषा उत्सव दिनांक 28.09.2023 से 11.12.2023 तक मनाया जा रहा है। इसका प्रारम्भ दिनांक 28.09.2023 से होकर समापन कार्यक्रम दिनांक 11.12.2023 को होगा। चिन्नास्वामी सुब्रमण्यम भारती एक सुप्रसिद्ध भारतीय लेखक, कवि और पत्रकार भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और तमिलनाडु के समाज सुधारक थे। महाकवि भारती के रूप में लोकप्रिय, वे आधुनिक तमिल कविता के अग्रदूत थे।

कार्यक्रम में आमंत्रित वक्ता प्रो० सूर्य प्रसाद दीक्षित, हिन्दी ने कहा कि विविध भाषाओं को भारतीय सांस्कृतिक चेतना के रूप में जानने समझने व अपनाने की आवश्यकता है। पद्मश्री डॉ० विद्याबिन्दु सिंह, हिन्दी ने कहा कि भारतीय भाषाओं के परस्पर प्रचार की स्तरीय व श्रेष्ठ पुस्तकों को अनुवाद के द्वारा सम्प्रेषणीय बनाया जाये। प्रो० आजाद मिश्र, संस्कृत ने कहा कि संस्कृत को प्रतिनिधित्व उनके अनुसार जितनी भारतीय भाषाएँ हैं उनका स्वरूप अलग है परन्तु संस्कृत से अनुप्रणित हैं, विभिन्नता में एकता है धर्म का उद्देश्य सबमें समान है। डॉ० अशोक शतपथी, उड़िया, डॉ० तुलसी देवी, सिंधी डॉ० पठान ताहिर खान हुसैन खान, मराठी एवं डॉ० आर तमिलशिलवन, तमिल द्वारा अपने-अपने विचार व्यक्त किये गये।

संस्थान के निदेशक श्री विनय श्रीवास्तव जी ने कहा कि अपनी मातृभाषा के साथ-साथ अधिक से अधिक भारतीय भाषाओं को सीखने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने तथा पड़ोसी भाषा के प्रति प्रेम और आनंद की अनुभूति के लिए भाषाई सौहार्द विकसित करने की आवश्यकता है। किसी अन्य भारतीय भाषा को सीखना / बोलना एक फैशन / प्रतिष्ठा तथा आनंद का विषय बनना चाहिए।

द्वितीय सत्र में बहुभाषीय काव्य पाठ में पद्मश्री डॉ० अशोक चक्रधर, हिन्दी, अपनी विख्यात कविता डरते झिझकते सहमते सकुचाते हम अपने होने वाले ससुर जी के पास आए, बहुत कुछ कहना चाहते थे पर कुछ बोल ही नहीं पाए आदि को सुनाया। डॉ० सर्वेश अस्थाना हिन्दी, अपनी विख्यात कविता एक दस्तक दे गई वो सांझ की बेला द्वार खोला तो हवा थी और मैं बिल्कुल अकेला का पाठ किया। डॉ० अशोक शतपथी, उड़िया, श्री वागीश शास्त्री “दिनकर”, संस्कृत श्री अजहर इकबाल उर्दू द्वारा अपनी विख्यात शायरी घुटन सी होने लगी उस के पास जाते हुए मैं खुद से रूठ गया हूँ उसे मनाते हुए का काव्य पाठ किया। डॉ० सुभाष चन्द्र रसिया, भोजपुरी ने अपनी कविता तरसे अँखियाँ हमरी सखियाँ, अब घेर लिए बदरी बदरी नित श्याम रहे मन मे हमरी, दिल खोज रहे डगरी डगरी जब रूप घरे मनिहार सखी, घनश्याम घुमे नगरी नगरी मनमोहन मीत धरे अंगुरी, चहुओर हुई कजरी कजरी का काव्य पाठ किया। डॉ० अशोक अज्ञानी, अवधी ने आपनि भाषा आपनि बानी अम्मा हैं भूली बिसरी कथा किहानी अम्मा हैं पूरे घर का भारु उठाए खोपड़ी पर जस ट्राली मा परी कमानी अम्मा हैं का काव्य पाठ किया। श्रीमती जगदीश कौर पंजाबी श्री बल्लू चौथाणी सिंधी, द्वारा कविता पाठ किया गया। बहुभाषीय काव्य पाठ की अध्यक्षता पद्मश्री चक्रधर द्वारा की गयी।

रामायण पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर प्रस्तुति की परिकल्पना, निर्देशन एवं कोरियोग्राफी पं० अनुज अर्जुन मिश्रा द्वारा किया गया।

Moto GP हुआ सुपरहिट, तीन दिन में साढ़े 9 अरब का कारोबार हुआ

लखनऊ नोयडा। उत्तर प्रदेश की ख्याति आज सारी दुनिया में फैल रही है। यह एक ऐसा राज्य बनकर उभर रहा है, जो जिस भी इवेंट को आयोजित करे तो वो सुपरहिट हो जाता है। मोटो जीपी भारत इसका ताजा उदाहरण है। सीएम योगी के निर्देश पर इस इवेंट को लेकर की गई तैयारियों, मेहमानों की आवभगत, सुरक्षा व्यवस्था और बेहतरीन कनेक्टिविटी के चलते इस इवेंट के लिए देश और दुनिया के एक लाख से अधिक लोग ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पहुंचे। यही नहीं, पहली बार भारत में होस्ट किए गए इस इवेंट के दौरान रिकॉर्ड तोड़ कारोबार भी हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार मात्र 3 दिनों में 106 मिलियन यूरो (9.33 अरब रुपए से भी ज्यादा) की आर्थिक गतिविधियां हुईं, जो इस इवेंट की सफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। उल्लेखनीय है कि 22 से 24 सितंबर के बीच बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर मोटो जीपी, मोटो 2 और मोटो 3 रेस के दौरान दुनिया की 41 टीमों के 82 राइडर्स ने अपनी रफ्तार से भारतीय फैंस को रोमांचित किया।

भारत में क्रिकेट का जबर्दस्त क्रेज है। क्रिकेट मैचों में हजारों की भीड़ मैदान में बने स्टैंड्स में बैठकर लुत्फ उठाती है। लेकिन क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों का भी यहां पूरा सम्मान है। मोटो जीपी भारत में उमड़ी भीड़ ने इस बात को साबित किया है। बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर इस रेस का लुत्फ उठाने के लिए तीन दिनों में एक लाख से अधिक विजिटर्स यहां पहुंचे और उन्होंने रफ्तार और रोमांच से भरी इस रेस का अपनी आंखों से अवलोकन किया। इन एक लाख विजिटर्स में से 10 हजार से 15 हजार के बीच विदेशी विजिटर्स शामिल रहे। इतनी बड़ी संख्या में विजिटर्स के आने का अनुमान किसी को नहीं था, लेकिन जिस तरह योगी सरकार ने देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रहे विजिटर्स के लिए बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट तक पहुंचने के लिए जो तैयारियां कीं, उसका नतीजा रहा कि रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने पहली बार भारत में हुई इस रेस का लुत्फ उठाया।

22 से 24 सितंबर के बीच सभी दिन बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर विजिटर्स की भारी भीड़ रही। सर्वाधिक विजिटर्स मोटो जीपी की फाइनल रेस के दिन उपस्थित रहे। करीब 50 हजार विजिटर्स ने मार्को बेजेची को रोमांचक मुकाबले में विनर बनते और सीएम योगी को उन्हें ट्रॉफी प्रदान करते हुए देखा। वहीं, दूसरे दिन करीब 30 हजार विजिटर्स ने क्वालीफाईंग और रेस का नजारा देखा तो शुक्रवार को करीब 15 हजार विजिटर्स बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पहुंचे। इसके अलावा 21 सितंबर को भी प्रैक्टिस रेस देखने के लिए हजारों की संख्या में विजिटर्स यहां पहुंचे थे। टीमों के साथ भी 5000 से ज्यादा विदेशी स्टाफ बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर पहुंचा था, तो वहीं 150 के करीब इंटरनेशनल और नेशनल मीडिया के लोग भी इवेंट को कवर करने के लिए मौजूद थे।

भारत में पहली बार आयोजित हुई मोटो जीपी का व्यापक आर्थिक प्रभाव भी पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस ग्लोबल इवेंट के दौरान विभिन्न माध्यमों के जरिए 106 मिलियन यूरो (9.33 अरब रुपए से ज्यादा) की आर्थिक गतिविधियां संचालित हुईं। इसमें ट्रैक के विकास और बुनियादी ढांचे में 50 करोड़ रुपए का पर्याप्त निवेश शामिल है। इन आर्थिक गतिविधियों का लाभ ग्रेटर नोएडा में होटल इंडस्ट्री, रेस्टोरेंट, परिवहन, हॉस्पिटैलिटी समेत कई सेक्टर्स को मिला है। इस इवेंट के दूरगामी परिणाम भी देखने को मिलने वाले हैं, क्योंकि सीएम योगी की अपील पर कई बड़े ब्रांड्स उत्तर प्रदेश में अपने निवेश का विस्तार करने का मन बना रहे हैं और मोटो जीपी की सफलता इसमें अहम भूमिका निभा सकती है।

उत्तर प्रदेश ने जिस शानदार अंदाज में मोटो जीपी जैसे इंटरनेशनल इवेंट को आयोजित किया, उसके लिए सोशल मीडिया ने भी सीएम योगी के प्रयासों की जमकर तारीफ की। तारीफ करने वालों में यूपी के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों के यूजर्स शामिल रहे, जबकि विदेशियों ने भी ट्रैक और हॉस्पिटैलिटी को सराहा।

डॉ. प्रीति प्रकाश नाम की एक यूजर ने एक्स पर लिखा, मोटो जीपी भारत 2023 में बाइक्स की रफ्तार, उत्तर प्रदेश के विकास की तीव्र रफ्तार को प्रदर्शित करती है। सीएम योगी आदित्यनाथ के सशक्त नेतृत्व में प्रत्येक निवेशक को सुरक्षा की गारंटी दी जाती है। हार्दिक भवसार नाम के यूजर ने लिखा, नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में मोटो जीपी में विश्व भर के चैंपियंस की बाइक की रफ्तार देखते ही बन रही है। सब एक-दूसरे से आगे निकलने की जंग में फर्राटा भरते दिखाई दे रहे हैं। यूपी की ब्राडिंग का यह बेहतरीन मौका है। इसी तरह एक अन्य यूजर ने कहा, पहले “सैफई” में जनता के करोड़ों रुपए खर्च करके नाच-गाना होता था। अब यूपी में ऐसे ‘आयोजन’ होते हैं, जो हमारी यूपी को पूरे विश्व में पहचान दिलाते हैं। वाकई योगी जी ने“नया यूपी” बनाया है, जिसको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति हासिल हो रही है। विकास सिंह ने लिखा, मोटो जीपी 2023 रेसिंग इवेंट में निवेश, पर्यटन, उद्योग सहित व्यापारिक दृष्टिकोण से छिपी संभावनाओं को देखकर देश-विदेश से आए लोगों ने यूपी सरकार के कामकाज खूब तारीफ की। विदेशी फैंस ने भी खूब तारीफ की। एमिली ई ने लिखा, बुद्ध सर्किट शानदार है। यहां की हॉस्पिटैलिटी बेहतरीन है। उम्मीद है कि अगले साल यहां और भी शानदार इवेंट होगा।