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NGO और शिक्षक मिलकर बनायेंगे निपुण प्रदेश

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*निपुण लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगे एनजीओ और उत्कृष्ट शिक्षक*

*2025-26 तक निपुण लक्ष्य की प्राप्ति के लिए गंभीरता से मिशन में जुटी योगी सरकार*

*25 अक्तूबर से 10 दिसंबर तक प्रदेश भर में चलेगा अभियान, शिक्षक और शिक्षा मित्र होंगे प्रशिक्षित*

*फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी में कार्य करने वाली एनजीओ और 80 प्रतिशत निपुण लक्ष्य हासिल करने वाले शिक्षक भी साझा करेंगे अनुभव*

*ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण डायट स्तर पर 25 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच होगा*

*प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण ब्लॉक संसाधन केंद्र पर छह नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होगा*

*लखनऊ, 24 अक्टूबर।* उत्तर प्रदेश को निपुण प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित योगी सरकार पूरी गंभीरता से इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में बच्चों में बुनियादी भाषायी व गणित विषयों में दक्षता के विकास के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 25 अक्टूबर से 10 दिसंबर तक प्रदेश भर के शिक्षकों व शिक्षामित्रों को प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण डायट स्तर पर 25 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच होगा। वहीं, प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण ब्लॉक संसाधन केंद्र पर छह नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होगा। खास बात ये है कि प्रशिक्षण में फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (एफएलएन) के क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को भी आमंत्रित किया जाएगा, जबकि ऐसे प्रधानाचार्यों और शिक्षको को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया जाएगा जिन्होंने अपने विद्यालयों में 80 प्रतिशत तक निपुण लक्ष्य को हासिल कर लिया है।

*अभियान को मिलेगी गति*
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बताया कि निपुण लक्ष्य पाने के लिए शिक्षकों व ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। इसके लिए डीआईओएस, बीएसए व बीईओ आदि का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है। इसी क्रम में अब प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों के प्रशिक्षण का कार्यक्रम तय किया गया है, जिससे वे विद्यार्थियों को निपुण बनाने के अभियान को गति दे सकें। इसके लिए ब्लॉक स्तरीय संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण डायट स्तर पर 25 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच होगा। वहीं, प्राथमिक विद्यालय के सभी शिक्षकों व शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण ब्लॉक संसाधन केंद्र पर छह नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होगा। हर ब्लॉक में पांच एआरपी व सभी डायट मेंटर शामिल होंगे। इनको सीमैट प्रयागराज के संदर्भदाता प्रशिक्षण देंगे। महानिदेशक ने कहा है कि शिक्षकों का बैच 50-50 का होगा। अगर शिक्षक अनुपस्थित मिलते हैं तो इसके लिए बीईओ जिम्मेदार होंगे।

*बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों का हो सम्मान*
जारी निर्देशों में कहा गया है की प्रशिक्षण में फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमरेसी (एफएलएन) के क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जनपद और विकास खंड स्तरीय प्रशिक्षण में आमंत्रित किया जाए, जिससे कि उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ प्राप्त हो सके। इसी तरह, प्रत्येक बैच में एक ऐसे प्रधानाध्यपक / शिक्षक की पहचान की जाए, जिन्होंने अपने विद्यालय में सक्रिय पुस्तकालय, बच्चों की अधिगम दक्षता, कक्षा शिक्षण, ऑपरेशन कायाकल्प, एसएमसी/समुदाय से सहयोग, सीएसआर फंड, प्रार्थना सभा, प्रिन्टरिच/ टीएलएम इत्यादि क्षेत्रों में आमूलचूल परिवर्तन/नवाचार किया हो अथवा विद्यालय के 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे निपुण हो। शिक्षकों के उत्साहवर्द्धन के लिए ऐसे प्रधानाध्यापक व शिक्षक को 10 मिनट का समय प्रदान किया जाए जिससे कि वे सफलता की कहानी सभी शिक्षकों के साथ साझा कर सकें। प्रशिक्षण में ऐसे शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाए। शिक्षण प्रशिक्षण की राज्य और जनपद दोनों स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

*डीबीटी के माध्यम से शिक्षकों को होगा भुगतान*
निपुण भारत मिशन के तहत प्रत्येक वर्ष आयोजित किए जाने वाले शिक्षक प्रशिक्षण से संबंधित भुगतान अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांस्फर के जरिए सभी शिक्षकों के खाते में दिया जाएगा। इस पूरे प्रशिक्षण अभियान के लिए सभी मद में 2941 लाख रुपए जारी किए गए हैं।डायट स्तर पर समस्त संदर्भदाताओं (एआरपी, केआरपी) को जलपान/लंच के लिए 200 रुपए एवं प्रशिक्षण संचालन के लिए प्रति प्रतिभागी 50 रुपए की दर से धनराशि हस्तांतरित की जाएगी। ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाले समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र, संदर्भदाताओं को 170 रुपए प्रति दिवस की दर से देय होगा। यह धनराशि जिला परियोजना कार्यालय द्वारा बैचवार प्रशिक्षण समाप्ति के 2 दिन के अंदर शिक्षकों के खाते में भेजी जाएगी।

सीएम

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पत्र सूचना शाखा
(मुख्यमंत्री सूचना परिसर)
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उ0प्र0

मुख्यमंत्री का अयोध्या भ्रमण

मुख्यमंत्री ने अयोध्या विजन-2047 के अन्तर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की

अयोध्या के समग्र विकास के लिए डबल इंजन की सरकार ने 30,000 करोड़ रु0 से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत : मुख्यमंत्री

अधिकतर परियोजनाओं का कार्य प्रारम्भ, प्रदेश सरकार का प्रयास कि दीपोत्सव से पूर्व यह योजनाएं पूर्ण हो जाएं, शेष कार्यों को 31 दिसम्बर, 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य

एक नई और भव्य अयोध्या का दर्शन देश व दुनिया को होगा, इसका पहला रिहर्सल दीपोत्सव में देखने को मिलेगा

प्रधानमंत्री जी द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को एक बार पुनः उनके भव्य मन्दिर में विराजमान कराने के लिए जनवरी, 2024 में दिव्य आयोजन किया जाएगा

आज अयोध्या के विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया, सभी विभागों ने रुचि लेकर कार्यों को त्वरित गति से आगे बढ़ाया

अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने के लिए सभी अधिकारी पूरी क्षमता से कार्य करें तथा जनप्रतिनिधिगण इसमें सहयोग करें

रामपथ के प्रथम फेज (नयाघाट से उदया चौराहा) के फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट व सजावटी कार्य सहित सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ दीपोत्सव के पहले पूर्ण किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो

धर्मपथ के चौड़ीकरण का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए, रामपथ, भक्तिपथ, जन्मभूमि पथ पर किए जा रहे फसाड सौन्दर्यीकरण के कार्यों को भी शीघ्र पूरा किया जाए

मुख्यमंत्री ने श्री हनुमानगढ़ी तथा भगवान श्री रामलला के दर्शन-पूजन किया

मुख्यमंत्री ने पेइंग गेस्ट योजना के अन्तर्गत भवन स्वामियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए

लखनऊ : 21 अक्टूबर, 2023

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि अयोध्या के समग्र विकास के लिए डबल इंजन की सरकार ने 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। इनमें से अधिकतर परियोजनाओं का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। यह परियोजनाएं पूर्ण होने की ओर अग्रसर हैं। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि दीपोत्सव से पूर्व यह योजनाएं पूर्ण हो जाएं। उन्होंने कहा कि अयोध्या सहित देश व प्रदेश के लिए एक गौरवशाली क्षण आने वाला है, जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा जनवरी, 2024 में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को एक बार पुनः उनके भव्य मन्दिर में विराजमान कराने के लिए दिव्य आयोजन किया जाएगा। एक नई और भव्य अयोध्या का दर्शन देश व दुनिया को होगा। इसी की तैयारी प्रदेश सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई है। इसका पहला रिहर्सल दीपोत्सव में देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद अयोध्या में विकास कार्यों के समीक्षा बैठक के उपरान्त मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 06 वर्षों से लगातार दीपोत्सव के आयोजन के माध्यम से प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या को वैश्विक मंच पर पुनर्स्थापित करने का सफलतम प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों के माध्यम से अयोध्या की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए भौतिक विकास की दृष्टि से दुनिया की सबसे सुन्दरतम नगरी के रूप में स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न विभागों को गुणवत्ता को बनाए रखते हुए समयबद्धता से विकास कार्यों को कराने के निर्देश दिए गए थे। इन कार्यों की आज समीक्षा की गई है। सभी विभागों ने युद्धस्तर पर अपने कार्यों को आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उनके द्वारा आज अयोध्या के विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया है। सभी विभागों ने रुचि लेकर अयोध्या के अनुरूप कार्यों को त्वरित गति से आगे बढ़ाया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि दीपोत्सव तक अधिकतर कार्य पूरे हो जाएं। शेष कार्यों को 31 दिसम्बर, 2023 तक पूरा करते हुए दिव्य और भव्य अयोध्या देश व दुनिया के श्रद्धालुओं को उपलब्ध करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव के लिए पहले से ही तैयार है। जनवरी, 2024 के भव्य आयोजन के लिए भी तैयार करेगी, जिसका इंतजार अयोध्यावासियों, प्रदेशवासियों तथा हर सनातन धर्मावलम्बी को विगत 500 वर्षों से है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने जनपद अयोध्या में आयुक्त सभागार में अयोध्या विजन-2047 के अन्तर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि अयोध्या विजन-2047 के तहत 174 क्रियात्मक परियोजनाएं हैं, जिनकी लागत
30153.19 करोड़ रुपये है। 37 कार्यकारी विभागों से सम्बन्धित इन परियोजनाओं में प्राथमिकता की 98 परियोजनाएं सम्मिलित हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रामपथ के प्रथम फेज (नयाघाट से उदया चौराहा) के फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट व सजावटी कार्य सहित सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ दीपोत्सव के पहले पूर्ण किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। सड़कों पर गंदगी न रहे, इसके लिए निरन्तर साफ-सफाई करायी जाए। पर्याप्त संख्या में सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएं और अयोध्या क्षेत्र में स्ट्रीट वेण्डरों के लिए अलग से व्यवस्था की जाए। विस्थापितों का शत-प्रतिशत पुनर्वास किया जाए। अयोध्या को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी बनाने के लिए सभी अधिकारी पूरी क्षमता से कार्य करें तथा जनप्रतिनिधिगण इसमें सहयोग करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जन्मभूमि पथ, भक्ति पथ आदि मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए। इन मार्गों पर स्थित मन्दिरों में श्रद्वालुओं के आने-जाने के लिए बेहतर व्यवस्था की जाए। धर्मपथ के चौड़ीकरण का कार्य भी जल्द से जल्द पूर्ण किया जाए। रामपथ, भक्तिपथ, जन्मभूमि पथ पर किए जा रहे फसाड सौन्दर्यीकरण के कार्यों को भी शीघ्र पूरा किया जाए। एयरपोर्ट एवं अयोध्या से जुडने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सजावट के कार्य कराए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ग्रीनफील्ड आवासीय योजना के विकास की गति को तेज किया जाए। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों के भी गेस्ट हाउस यहां बनेंगे। भारत में एक हजार से अधिक पंथ व सम्प्रदाय हैं, इनके भी मठ-मन्दिर बन सकते हैं। इसके लिए इस योजना का और विस्तार करते हुए पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाए, जिससे सभी को इस आवासीय योजना की जानकारी प्राप्त हो सके। अयोध्या का मास्टर प्लान-2031 बन रहा है। अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत एवं विश्व पटल पर इसके महत्व के दृष्टिगत मास्टर प्लान के विस्तार के लिए शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए, जिस पर शासन द्वारा जल्द निर्णय लिया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या के मुख्य मार्गों का विस्तार लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। नगर के अंदर के मार्गों/गलियों का निर्माण नगर निगम और अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा प्लानिंग के साथ किया जाए, जिससे ऐसी गलियों जिनका लेवल सड़क से नीचा हो गया है, उनमें जलभराव की समस्या न उत्पन्न होने पाए। अयोध्या नगर निगम में कुल 60 वॉर्ड हैं, जिसमें से 15 वॉर्ड अयोध्या के धार्मिक क्षेत्र में हैं। इन सभी वॉर्डों में कम्युनिटी/कन्वेंशन सेण्टर बनाया जाए। शेष 45 वॉर्डों हेतु दो-दो वॉर्डों को मिलाकर एक कन्वेंशन सेण्टर बनाया जाए, जिससे सभी आयोजन कन्वेंशन सेण्टर में किए जा सकें, सड़क पर कोई कार्यक्रम न हो।
कायाकल्प योजना के तहत नगर निगम द्वारा अयोध्या के जिन 33 पार्कों का जीर्णोद्धार किया गया है, इन सभी पार्कों को दो-तीन पार्कों के गु्रप में विभाजित कर प्राइवेट संस्थाओं के माध्यम से बेहतर ढंग से संचालित कराया जाए। ई-रिक्शा और ई-टैक्सी का रूट निर्धारित किया जाए तथा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इनका संचालन नाबालिग एवं अत्यन्त वृद्ध चालकों द्वारा न किया जाए। इन ई-वाहनों के चार्जिंग प्वाइण्ट पेट्रोल पम्प के आसपास बनाए जाएं। स्मार्ट सिटी योजना के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सहित श्रद्धालुओं हेतु अन्य सुविधाएं विकसित की जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने तुलसी स्मारक भवन की प्रगति को बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि संस्कृति विभाग के अधिकारी जल्द से जल्द अवशेष धनराशि का भुगतान करें। तुलसी स्मारक भवन में संत तुलसीदास जी की रचनाओं एवं उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को चरणबद्ध ढंग से प्रकाश डालते हुए तैयार किया जाए। मानस पर अच्छे कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाए। मुक्ति पथ/बैकुण्ठ धाम का भी बेहतर ढंग से निर्माण किया जाए, जिससे शहर की पवित्रता में वृद्धि हो और लोगों की सुविधा में विस्तार हो।
मुख्यमंत्री जी द्वारा बैठक में 0.74 किलोमीटर लम्बे भक्ति पथ, श्रीराम जन्मभूमि पथ से हनुमानगढ़ी होते हुए रामपथ तक के मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अयोध्या में एन0एच0-27 बाईपास से निकलकर मोहबरा बाजार होते हुए टेढ़ी बाजार श्रीराम जन्मभूमि तक 4-लेन मार्ग को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण में रनवे के 100 प्रतिशत तथा भवन निर्माण के कार्य को तेजी से करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि सर्वोच्च प्राथमिकता की परियोजना रामपथ, सहादतगंज से नयाघाट तक निर्माणाधीन है। इसकी लम्बाई 12.94 किलोमीटर तथा कुल स्वीकृत लागत 797.69 करोड़ रुपये है। इस परियोजना का 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य 31 दिसम्बर, 2023 निर्धारित है। श्रीराम जन्मभूमि पथ की कुल लम्बाई 0.566 कि0मी0 है। यह पथ सुग्रीव किला से श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर है। इसकी कुल लागत 39.43 करोड़ रुपये है, जिसका 98 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।
बैठक के दौरान अयोध्या विजन-2047 का प्रस्तुतिकरण अपर मुख्य सचिव आवास/नोडल अधिकारी श्री नितिन रमेश गोकर्ण द्वारा किया गया। विकास कार्यों के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण मण्डलायुक्त श्री गौरव दयाल द्वारा प्रस्तुत किया गया।
बैठक में कृषि मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद श्री लल्लू सिंह, अयोध्या महापौर श्री गिरीश पति त्रिपाठी, विधायकगण श्री रामचन्द्र यादव, श्री वेदप्रकाश गुप्ता, डॉ0 अमित सिंह चौहान, एम0एल0सी0 श्री हरिओम पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री महेश कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने श्री हनुमानगढ़ी तथा भगवान श्री रामलला के दर्शन-पूजन किया। बैठक के उपरान्त उन्होंने पेइंग गेस्ट योजना के अन्तर्गत भवन स्वामियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने जनपद में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
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लखनऊ) राज्य मुख्यालय) प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि आज पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। भारत की पहली रैपिड रेल सेवा ‘नमो भारत ट्रेन’ राष्ट्र को समर्पित हो रही है। लगभग 04 वर्ष पूर्व दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रीजनल कॉरिडोर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी गयी थी। आज साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक नमो भारत ट्रेन का संचालन प्रारम्भ हो गया है। रेलवे का यह नया रूप और अनुभव प्रफुल्लित करने वाला है। इस ट्रेन में ड्राइवर से लेकर अन्य कर्मचारी देश की बेटियां हैं। यह भारत की नारी शक्ति के बढ़ते कदम का प्रतीक है। नमो भारत ट्रेन में आधुनिकता तथा अद्भुत गति है। यह ट्रेन नए भारत के नए सफर और नए संकल्पों को परिभाषित कर रही है।

प्रधानमंत्री जी आज जनपद गाजियाबाद के वसुन्धरा में भारत के प्रथम रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आर0आर0टी0एस0) के साहिबाबाद से दुहाई डिपो के 17 किलोमीटर प्राथमिक खण्ड का उद्घाटन करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जी ने वर्चुअल माध्यम से बैंग्लुरु मेट्रो के पूर्व-पश्चिम गलियारे के दो हिस्से भी राष्ट्र को समर्पित किये। इससे पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने भारत की प्रथम रैपिड ट्रेन ‘नमो भारत’ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री जी रैपिड ट्रेन का प्रथम टिकट खरीदकर इस ट्रेन के प्रथम यात्री बनें। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी भी सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी को अंगवस्त्र तथा माँ दुर्गा की प्रतिमा भेंटकर उनका स्वागत किया। कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री सिद्धारमैया कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि भारत का विकास राज्यों के विकास से ही सम्भव है। बैंग्लुरु में मेट्रो रेल की दो लाइनें भी आज देश को समर्पित की गयी हैं। इससे बैंग्लुरु के आई0टी0 हब से कनेक्टिविटी और अधिक बेहतर हुई है। 21वीं सदी का भारत आज प्रत्येक क्षेत्र में नई गाथा लिख रहा है। आज का भारत चंद्रयान को चंद्रमा पर उतारकर दुनिया में छाया हुआ है। भारत जी-20 का शानदार आयोजन कर दुनिया के लिए आकर्षण व उत्सुकता का केन्द्र बना है। भारत ने एशियन गेम्स में 100 से अधिक मेडल जीते हैं, मेडल जीतने वाले प्रदेशों में उत्तर प्रदेश भी सम्मिलित है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि भारत ने अपने बल पर 5-जी सेवा लाॅन्च कर इसे देश के कोने-कोने तक पहुंचाया है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा डिजिटल लेन-देन करता है। कोरोना कालखण्ड में भारत में बनी वैक्सीन ने दुनिया के करोड़ों लोगों की जान बचायी। बड़ी-बड़ी कम्पनियां आज भारत में मोबाइल, टीवी, लैपटॉप व कम्प्यूटर बनाने के लिए आ रही हंै। भारत लड़ाकू विमान बना रहा है। समुद्र में तिरंगा फहराने वाला विक्रांत जहाज भी देश में ही बना है। तेज रफ्तार नमो भारत ट्रेन भी मेड इन इंडिया है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि नमो भारत ट्रेन इस बात का प्रमाण है कि जब देश की आर्थिक ताकत बढ़ती है, तो कैसे देश की तस्वीर बदल जाती है। दिल्ली और मेरठ का यह 80 किलोमीटर से ज्यादा स्ट्रेच एक शुरुआत है। पहले फेज में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा तथा राजस्थान के अनेक क्षेत्र नमो भारत ट्रेन से कनेक्ट होने वाले हैं। आने वाले समय में देश के और भी हिस्सों में नमो भारत ट्रेन जैसा सिस्टम बनाया जाएगा, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवा पीढ़ी और बहन-बेटियों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। इस शताब्दी का तीसरा दशक भारतीय रेल के कायाकल्प का दशक है। अगले 10 वर्षाें में पूरी रेल सेवा बदली हुई नजर आएगी। सुरक्षा, सुविधा, सफाई, सामंजस्य, संवेदना और सामथ्र्य में भारतीय रेल पूरी दुनिया में एक नया मुकाम हासिल करेगी। भारतीय रेल 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के नजदीक है। आज नमो भारत ट्रेन की शुरूआत हुई है। इससे पूर्व वंदे भारत ट्रेन के रूप में आधुनिक ट्रेनें देश का मिली थीं।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि ‘अमृत भारत स्टेशन अभियान’ के तहत देश के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने का काम भी तेज गति से चल रहा है। अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत की त्रिवेणी इस दशक के अंत तक भारतीय रेल के आधुनिकीकरण का प्रतीक बन जाएगी। देश में मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भी बहुत तेजी से काम चल रहा है। यातायात के अलग-अलग माध्यमों को आपस में जोड़ा जा रहा है। नमो भारत ट्रेन में भी मल्टी मोडल कनेक्टिविटी का ध्यान रखा गया है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि बदलते हुए भारत में यह बहुत जरूरी है कि सभी देशवासियों के जीवनस्तर में सुधार हो। लोग स्वच्छ हवा में सांस लंे, कूड़े करकट के ढेर न हों, यातायात के अच्छे साधन हांे, पढ़ाई के लिए अच्छे शिक्षण संस्थान हों और उपचार की बेहतर व्यवस्था हो, इन सब पर भारत सरकार विशेष जोर दे रही है। भारत पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा के लिए जितना खर्च कर रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। यातायात के लिए जल, थल, नभ और अंतरिक्ष प्रत्येक दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
देश में नदियों में 100 से अधिक वॉटर-वेज बन रहे हैं। सबसे बड़ा वाटर-वे मां गंगा के जल प्रवाह में बन रहा है। बनारस से हल्दिया तक गंगा जी पर अनेक वॉटर-वे टर्मिनल बनाए गए हैं। इससे किसान जल मार्ग के माध्यम से भी फल, सब्जी और अनाज देश से बाहर भेज पा रहे हैं। हाल ही में दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज ‘गंगा विलास’ ने 3200 किलोमीटर की दूरी तय कर रिकॉर्ड बनाया है। देश में समुद्री किनारांे पर भी नए पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। इसका लाभ कर्नाटक जैसे राज्यों को भी हो रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आधुनिक एक्सप्रेस-वे का जाल बिछाने के लिए भारत सरकार 04 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। नमो भारत या मेट्रो टेªन पर 03 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में आज नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, आगरा, कानपुर जैसे शहरों में कहीं मेट्रो चल रही है, कहीं निकट भविष्य में चलने वाली है। कर्नाटक में भी बैंग्लुरु, मैसूरु जैसे मेट्रो ट्रेन युक्त शहरों का विस्तार हो रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि भारत में हवाई यात्रा को हवाई चप्पल पहनने वाले के लिए सुलभ किया जा रहा है। विगत 09 वर्षाें में देश में एयरपोट्र्स की संख्या दोगुनी हो चुकी है। बीते कुछ समय में देश की एयरलाइंस 1000 से अधिक नए विमानों का ऑर्डर दे चुकी हैं। भारत इसी प्रकार अंतरिक्ष में भी अपने कदम तेजी से आगे बढ़ा रहा है। हाल में चंद्रयान ने चंद्रमा पर तिरंगा झण्डा फहरा दिया है। वर्ष 2040 तक का रोड मैप बना दिया गया है। शीघ्र ही गगनयान भारतीयों को लेकर स्पेस में जाएगा। इसके बाद देश का स्पेस स्टेशन स्थापित किया जाएगा। वह दिन दूर नहीं, जब पहला भारतीय चांद पर उतरेगा।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि अच्छी हवा के लिए जरूरी है कि शहरों में प्रदूषण कम हो। इसे ध्यान में रखते हुए देश में इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों को 10 हजार इलेक्ट्रिक बस देने वाली योजना शुरू की है। भारत सरकार की राजधानी दिल्ली में 600 करोड़ रुपए के खर्चे से 1300 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। इनमें से 850 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली में चलनी शुरू भी हो गई हंै। इसी तरह बैंग्लुरु में भी 1200 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए भारत सरकार 500 करोड़ रुपए की मदद दे रही है। केंद्र सरकार की कोशिश है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश या कर्नाटक प्रत्येक राज्य के प्रत्येक शहर में आधुनिक और ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा मिले।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आज भारत में जिस इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा है, उसमें नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। ऑफिस जाने वालों के लिए मेट्रो रेल और नमो भारत ट्रेन जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत मायने रखते हैं। जिनके घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग माता-पिता हैं, उन्हें अपने परिवार के लिए इसके कारण समय मिलता है। युवाओं के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का होना इस बात की गारंटी है कि बड़ी कंपनियां आएगी, जिससे वहां उद्योग लगेंगे। एक बिजनेसमैन के लिए अच्छे एयर-वेज और अच्छी सड़कंे होने से ग्राहकों तक उनकी पहुंच आसान होगी। अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर से कई तरह के बिजनेस एक जगह जुटने लगते हैं, जिससे सबको फायदा होता है।
एक कामकाजी महिला के लिए मेट्रो जैसी सेवा से सुरक्षा की भावना मजबूत होती है, वह न सिर्फ सुरक्षित अपने ऑफिस तक जाती है, बल्कि उसके पैसांे की भी बचत होती है। जब मेडिकल कॉलेज की संख्या बढ़ती है, तो इलाज की राह देखने वाले मरीजों और डॉक्टर बनने की आकांक्षा रखने वाले युवाओं दोनों को फायदा होता है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होता है, तब सबसे गरीब व्यक्ति को उसके हक का पैसा सीधे उसके बैंक अकाउंट में मिलता है। जब नागरिकों को सारी सेवाएं ऑनलाइन मिलने लगती हंै, तो उसे ऑफिसों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलती है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि देश में पिछले एक दशक में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं, इससे लोगों का जीवन आसान बना है। उनके जीवन की मुश्किलें दूर हुई हैं। देश का प्रत्येक परिवार त्योहारों को अच्छे ढंग से मना सके, इसके लिए भी केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए है। इन फैसलों का लाभ किसानों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को होगा।
भारत सरकार ने रबी फसलों की एम0एस0पी0 में वृद्धि की है। इससे हमारे किसानों के पास अतिरिक्त पैसा आएगा। वर्ष 2014 में गेहूं का एम0एस0पी0 1400 रुपए प्रति क्विंटल था, आज वह 2000 रुपये प्रति कुन्तल से अधिक हो गया है। मसूर दाल का एम0एस0पी0 विगत 09 वर्षों में दोगुने से भी अधिक बढ़ाया गया है। सरसों का एम0एस0पी0 भी इस दौरान 2600 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया जा चुका है। यह किसानों को लागत का डेढ़ गुना से अधिक समर्थन मूल्य देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि केंद्र सरकार यूरिया सहित दूसरी खादों को कम कीमत पर किसानों तक पहुंचा रही है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश भर के किसानों को हो रहा है। इसके लिए भारत सरकार 01 साल में ढाई लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। फसलों के अवशेष जैसे धान की पराली या ठूंठ का लाभ किसानों को मिले, इसके लिए पूरे देश में बायोफ्यूल और एथेनॉल यूनिट लगाई जा रही है। 09 वर्ष पहले की तुलना में आज देश में 10 गुना अधिक एथेनॉल उत्पादन हो रहा है। एथेनॉल के उत्पादन से अब तक देश में लगभग 65 हजार करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में गए हैं। विगत 10 माह में ही 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान देश के किसानों को किया गया है। मेरठ तथा गाजियाबाद क्षेत्र में किसानों को, एथेनॉल के लिए इस वर्ष के 10 महीनों में ही 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान हुआ है। इससे मेरठ-गाजियाबाद के गन्ना किसानों को विशेष लाभ हो रहा है। इससे गन्ना किसानों के बकाए की समस्या को कम करने में भी मदद मिली है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि त्योहारों की शुरुआत में भारत सरकार बहनों-बेटियों को उपहार दे चुकी है। उज्ज्वला योजना की लाभार्थी बहनों के लिए सिलेंडर 500 रुपये सस्ता किया गया है। देश के 80 करोड़ से अधिक परिवारों को मुफ्त राशन भी लगातार दिया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों के लिए 04 प्रतिशत डी0ए0 की भी घोषणा की गई है। रेलवे के ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के नाॅन गजटेड कर्मचारियों को दिवाली बोनस भी दिया गया है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी विजयदशमी के पूर्व देश की पहली आर0आर0टी0एस0 ‘नमो भारत’ के रूप में देश को समर्पित कर रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत साढ़े नौ वर्षों में देश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बना है। एयरपोर्ट की तर्ज पर रेलवे स्टेशन बनंे, इसके लिए 500 रेलवे स्टेशनों के पुनरूद्धार का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। वंदे भारत ट्रेन ने एक नए भारत का दर्शन कराया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में आज देश की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य एक नए इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्शन कर रहा है। यह डबल इंजन सरकार के ही प्रयास है कि आज प्रदेश के पांच शहरों में अत्याधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा के रूप में मेट्रो रेल का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है। आगामी फरवरी माह में प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से जनपद आगरा में मेट्रो रेल का संचालन प्रायोरिटी सेक्शन में प्रारम्भ होगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की इस अत्याधुनिक सुविधा के साथ ही, बाबा विश्वनाथधाम वाराणसी में प्राचीन अविनाशी काशी की पुरातन काया को नए कलेवर के रूप में बदलते हुए देश की पहली रोप-वे सर्विस का कार्य भी युद्धस्तर पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में हाई-वे, एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न एण्ड वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तथा लॉजिस्टिक हब के प्रयास प्रारम्भ हुए, उनके चमत्कारी परिणाम आज देखने को मिल रहे हैं। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में देश प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अत्याधुनिक विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। आज देश की पहली रैपिड रेल का शुभारम्भ हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह एक शानदार रैपिड रेल है। यह दिल्ली से मेरठ की दूरी को कम कर देगी। मेरठ को दिल्ली से 12-लेन के एक्सप्रेस-वे के साथ पहले ही जोड़ा जा चुका था। 12-लेन का एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में पहले एक सपना था, लेकिन ‘मोदी है तो मुमकिन है’। आज यह सपना इस रूप में साकार हुआ है। पहले जिस दूरी को तय करने में साढ़े चार घंटे लगते थे, आज मात्र 45 मिनट में उसे तय किया जा सकता है। रैपिड रेल के प्रारम्भ होने के साथ ही, अब दिल्ली से मेरठ के बीच की दूरी इसी रूप में कम करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी0के0 सिंह, केन्द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के राज्यमंत्री श्री कौशल किशोर, उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नरेन्द्र कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

पशुधन

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पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश
पशुधन मंत्री ने निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की

योजनाओं में लापरवाही पर 18 मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों का स्पष्टीकरण

निराश्रित गोवंश के संरक्षण में लापरवाही पर कठोर कार्यवाही की जायेगी

गोआश्रय स्थलों का निर्माण एवं विस्तारीकरण कार्य में तेजी लाई जाए

निराश्रित गोवंश हेतु सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाए
-श्री धर्मपाल सिंह

लखनऊ: 18 अक्टूबर, 2023
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री ने आज यहां पशुपालन निदेशालय में मडल मुख्यालय, जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं प्रक्षेत्र प्रबंधकों की विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान श्री सिंह ने निराश्रित गोवंश का सही आंकड़ा न प्रस्तुत करने एवं कार्य में लापरवाही पर जनपद मुजफ्फरनगर, बहराइच, बलिया के मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों का स्पष्टीकरण और बरेली के लिपिक को प्रतिकूल प्रविष्टि दिये जाने के निर्देश दिये। कब्जा मुक्त की गयी भूमि के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर जनपद हरदोई, अलीगढ़, कौशाम्बी, जालौन, फतेहपुर, गौतमबुद्धनगर, गोरखपुर, हापुड़, बागपत, महोबा, गाजियाबाद तथा हमीरपुर के पशुचिकित्साधिकारियों के भी स्पष्टीकरण लिये जाने के निर्देश दिये। साथ ही जनपद मथुरा एवं बुलन्दशहर के मुख्य पशुचिकित्साधिकारी द्वारा विभिन्न योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न होने पर कार्यवाही के साथ स्पष्टीकरण के निर्देश भी दिये गये।
पशुधन मंत्री ने कहा कि दिनांक 01 नवम्बर से 31 दिसम्बर तक निराश्रित गोवंश को आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इस कार्य में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी द्वारा किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। यह कार्य मिशन मोड में संपन्न कराकर शत प्रतिशत पूर्ण किया जाना है। यदि कोई भी अधिकारी निर्धारित अवधि में अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं करता है और निराश्रित गोवंश किसानों के खेतों, सड़कों, गॉवों या नगर कस्बों की गलियों में विचरण करते हुए पाया जाता है तो संबंधित पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी। गोसंरक्षण कार्य को अधिकारी ईमानदारी, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ पूरा करें। श्री सिंह ने अभियान के संबंध में मण्डलों के अपर निदेशकों एवं मुख्य पशुचिकित्साधिकारियों से उनकी कार्ययोजना एवं रणनीति के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोवंश के संरक्षण में संवेदनशीलता बरती जाए और विशेष सचल दस्ते, टैªक्टर एवं कैटिल कैचर की सहायता ली जाए।
पशुधन मंत्री ने निर्देश दिये कि इस कार्य में पशुधन विभाग द्वारा पंचायती राज, ग्राम्य विकास, राजस्व एवं नगर विकास विभाग से सहयोग एवं संमन्वय स्थापित किया जाए। सीडीओ स्तर पर साप्ताहिक बैठक कर समीक्षा की जाए। पशुधन मंत्री ने निर्देश दिये कि टीम-09 आगामी 07-08 नवम्बर को मण्डलों में निरीक्षण कर व्यवस्थायें सुनिश्चित करें और विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों में 21, 22 व 23 नवम्बर को जाकर अभियान की समीक्षा किये जाने हेतु निर्देश निर्गत कराये जाए। उन्होंने कहा कि संरक्षित किये जाने वाले गोवंश की देखभाल हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थायें जैसे चारा, भूसा, टीनशेड, विद्युत आपूर्ति, पेयजल एवं उपचार आदि के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किये जाए।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन ने मंत्री जी को निराश्रित गोवंश को आश्रय स्थल तक पहुंचाने, गोआश्रय स्थलों के सुदृढ़ीकरण करने, विस्तारीकरण, अस्थाई/स्थाई/ निर्माणाधीन/प्रस्तावित गोशालाओं, वृहद गोसंरक्षण केन्द्रों के प्रति गोआश्रय पोर्टल में डीबीटी संबंधी सूचना, कब्जामुक्त गोचर/चारागाह भूमि तथा हरा चारा उत्पादन, किसान क्रेडिट कार्ड तथा कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक माह में अस्थाई गोआश्रय स्थल बनाकर तैयार किये जाए और निर्माणाधीन गोआश्रय स्थलों का कार्य तत्काल पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि 10 दिनों का विशेष अभियान चलाकर 30 अक्टूबर तक शेष कब्जायुक्त गोचर भूमि को मुक्त कराने का अभियान चलाया जाए। अपर मुख्य सचिव ने योजनाओं में अपेक्षित प्रगति प्राप्त न करने वाले जनपदों को कार्य में प्रगति लाने में चेतावनी दी।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 57 जनपदों में अभियान के दौरान 45.07 हेक्ट0 गोचर भूमि कब्जा मुक्त कराई गयी तथा 72.03 हेक्टेयर भूमि पर हरा चारा बोया गया है। वर्तमान में 6943 गोआश्रय स्थल हैं जिनमें 1211247 गोवंश संरक्षित किये गये हैं। लम्पी स्किन डिजीज में अब तक 1.44 टीकाकरण कार्य किया गया है। पशुधन मंत्री ने जनपद कन्नौज, देवरिया, बाराबंकी, आगरा जनपदों द्वारा योजनाओं में अपेक्षित प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की।
बैठक में पशुधन विभाग के विशेष सचिव श्री देवेन्द्र पांडेय, विशेष सचिव श्री अमरनाथ उपाध्याय, निदेशक पशुपालन डा0 ए0के0 जादौन, अपर निदेशक गोधन डा0 जे0के0 पांडेय तथा एलडीबी के कार्यकारी अध्यक्ष डा0 नीरज गुप्ता सहित सभी मण्डलों के अपर निदेशक/मुख्य पशुचिकित्साधिकारी उपस्थित थे।
सम्पर्क सूत्र- निधि वर्मा

सीएम योगी

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पत्र सूचना शाखा
(मुख्यमंत्री सूचना परिसर)
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उ0प्र0

मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में 114 करोड़ रु0 लागत के ज्ञान डेयरी की दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद परियोजना का लोकार्पण किया

यह डेयरी प्लाण्ट किसानों/पशुपालकों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा : मुख्यमंत्री

डेयरी प्लाण्ट से 01 लाख पशुपालक परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का लाभ प्राप्त होगा, 300 लोग प्रत्यक्ष रूप से नौकरी, 1500 लोग अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़ेंगे

गीडा क्षेत्र में विगत कुछ समय में निवेश की बौछार आयी, यह निवेश रोजगार व आर्थिक विकास के नये अवसर लेकर आये

जनपद गोरखपुर में निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट तेजी से हो रहा

प्रदेश का नौजवान विकास के साथ जुड़कर अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का उपयोग करेगा, तो उ0प्र0 को अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने से कोई रोक नहीं सकता

इण्डस्ट्री की जरूरतों के अनुसार आई0टी0आई0, पॉलिटेक्निक, डिग्री कॉलेज में नये कोर्स से युवाओं को जोड़ने के प्रयास को आगे बढ़ाया जाए

मुख्यमंत्री ने डेयरी उद्योग से जुड़ी 05 महिलाओं को सम्मानित किया

लखनऊ : 16 अक्टूबर, 2023

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में गीडा के सेक्टर-26 में ज्ञान डेयरी की दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद परियोजना का लोकार्पण किया। 20067 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विस्तृत इस परियोजना की लागत 114 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को शारदीय नवरात्रि की बधाई देते हुए कहा कि शारदीय नवरात्रि में सी0पी0 मिल्क एण्ड फूड प्रोडक्ट्स प्रा0लि0 के रूप में ज्ञान डेयरी का यह डेयरी प्लाण्ट सौगात के रूप में प्राप्त हो रहा है। इस प्लाण्ट में प्रतिदिन 05 लाख लीटर दूध की आवश्यकता होगी। इससे 01 लाख पशुपालक परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का लाभ प्राप्त होगा। इससे प्रत्यक्ष रूप सें 300 लोगों को नौकरी मिलेगी। 1500 अन्य लोग अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़ेंगे। कृषि प्रधान भारत देश में अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने में दुग्ध उद्योग महत्वपूर्ण है। यह डेयरी प्लाण्ट किसानों/पशुपालकों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस गीडा क्षेत्र में विगत कुछ समय से निवेश की बौछार आयी है। गैलेण्ट, अंकुर, वरुण वेबरेज, तत्वा प्लास्टिक, केयॉन डिस्टलरी आदि विभिन्न उद्योग लगे हैं। यह सारे निवेश रोजगार एवं आर्थिक विकास के नये अवसर लेकर आये हैं। पहले यह क्षेत्र बंजर था। आज यहां नये-नये उद्योग लग रहे हैं। युवाओं को रोजगार तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। विकास की प्रक्रिया से जुड़कर हम उत्तर प्रदेश को बड़े विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने हेतु प्रतिबद्ध हैं। यह डेयरी उद्योग उसके प्रतीक के रूप में आज सबके सामने है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज से 06 वर्ष पहले कोई भी निवेशक यहां निवेश को तैयार नहीं था। प्रदेश सरकार ने विगत 06 वर्षों में अच्छी कानून व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए जरूरी रिफॉर्म किये हैं। निवेश की प्रक्रिया को सरल बनाया है। उद्यमियों को राज्य में निवेश के लिए आकर्षित किया है। प्रदेश को यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 से 38 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन निवेश प्रस्तावों से 01 करोड़ 10 लाख नौजवानों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जोड़कर, तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है।
प्रदेश का युवा पहले नौकरी के लिए मुम्बई, कोलकाता, बेंगलुरू आदि शहरों में जाता था। अब उसे प्रदेश में ही रोजगार के साथ जोड़ा जा रहा है। यहां का नौजवान विकास के साथ जुड़कर अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का उपयोग करेगा, तो उत्तर प्रदेश को अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने से कोई रोक नहीं सकता। प्रदेश यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नौकरी की गारण्टी सबको मिलनी चाहिए। लेकिन इसके पहले युवाओं को कार्यकुशल एवं तकनीकी रूप से दक्ष बनाना महत्वपूर्ण है। यहां की इण्डस्ट्री की जरूरतों के अनुसार आई0टी0आई0, पॉलिटेक्निक, डिग्री कॉलेज में नये कोर्स से युवाओं को जोड़ने के प्रयास को आगे बढ़ाना चाहिए। सरकारी योजनाओं को भी इससे जुड़कर आगे बढ़ना होगा। इससे योजनाएं सफल होंगी। नौजवान रोजगार से जुड़ेंगे तो परिवार, समाज और राष्ट्र समृद्धि और खुशहाली की ओर अग्रसर होगा।
यहां जो डेयरी प्लाण्ट लग रहा है, उसके लिए अच्छी नस्ल की गाय और भैंस की जरूरत होगी। दूध का पैसा, उसमें फैट की मात्रा के हिसाब से मिलता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना होगा कि यह दूध अच्छी क्वालिटी का हो। इस दूध से विभिन्न प्रोडक्ट बनेंगे, जिससे 01 लाख परिवार प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़ेंगे। इसके साथ-साथ गाय, भैंस के लिए जरूरी पौष्टिक आहार के लिए किसानों के फसल अवशेष, भूसा, गन्ना, सरसों आदि की भी बिक्री होगी और उन्हें उचित दाम प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम सबको विकास के प्रति सकारात्मक बनना होगा। विकास में बाधक न बनकर, बाधक बनने वालों से सावधान रहना होगा। उद्योगों के विकास के लिए प्रदेश सरकार सुरक्षा एवं इनसेन्टिव दे रही है, जिससे निवेशक निवेश कर रहे हैं। नौजवानों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सहजनवां क्षेत्र में विकास हो रहा है। आज गोरखपुर में निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट तेजी से हो रहा है। गीडा क्षेत्र का लगातार विस्तार हो रहा है। आज इसका विस्तार धुरियापार तक हो गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्वान्चल एक्सप्रेस-वे संचालित है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। इनसे लगे क्षेत्रों में जब उद्योगों का विकास होगा तो रोजगार की विभिन्न सम्भावनाओं का जन्म होगा। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन को भी मुस्तैद रहना होगा। प्रशासन ध्यान दे कि उद्यमियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इण्डस्ट्री के अनुसार युवाओं के स्किल डेवलपमेण्ट पर ध्यान देना होगा। औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे-स्वच्छ पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने डेयरी उद्योग से जुड़ी 05 महिलाओं को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, ज्ञान डेयरी के पदाधिकारी एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि इस परियोजना से पूर्वी उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि एवं पशुपालकों में समृद्धि आएगी। गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल में इस परियोजना के तहत दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया जायेगा। जनपद गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर में 5000 दुग्ध कलेक्शन सेण्टर की स्थापना होगी। 1800 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। इस परियोजना में प्रतिदिन 05 लाख लीटर दूध की खपत की जाएगी। इसमें से 03 लाख लीटर दूध की पैकेजिंग की जाएगी और 02 लाख लीटर दूध से विभिन्न दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके लिए 01 लाख किसानों/पशुपालकों से दुग्ध आपूर्ति हेतु अनुबन्ध किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष केसरीनाथ त्रिपाठी का निधन

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लखनऊ / प्रयागराज । यूपी विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष (Speaker) केसरी नाथ त्रिपाठी का निधन हो गया है। उन्होंने रविवार सुबह 5 बजे अंतिम सांस ली। श्री त्रिपाठी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। प्8 जनवरी सुबह करीब 5 बजे उन्होंने प्रयागराज में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनकी तबीयत 30 दिसंबर को खराब हुई थी। सांस लेने में तकलीफ हुई तो उन्हें प्रयागराज के लोकसेवा आयोग चौराहा स्थित एक्यूरा क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें आईसीयू में रखा गया था। फिर आराम मिलने पर घर लाया गया था।पंडित त्रिपाठी के बेटे नीरज त्रिपाठी के मुताबिक 30 दिसंबर से उनकी तबीयत खराब होने लगी थी। पारिवारिक डॉक्टर को घर पर ही बुलाकर दिखाया गया, लेकिन आराम नहीं मिला। उन्हें सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही थी। डॉक्टर की सलाह पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल तथा प्रदेश विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल तथा प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। आज यहां जारी एक संदेश में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केशरी नाथ त्रिपाठी एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता थे। वे संसदीय नियमों, परंपराओं और विधि के गहरे जानकार थे। त्रिपाठी एक विद्वान अधिवक्ता और संवेदनशील साहित्यकार भी थे। उनके निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री जी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शान्ति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।केसरी नाथ त्रिपाठी (जन्म 10 नवंबर 1934) हुआ था। इसके साथ ही जुलाई 2014 से जुलाई 2019 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उनके पास बिहार, मेघालय और मिजोरम के राज्यपाल के रूप में छोटे कार्यकाल के लिए अतिरिक्त प्रभार भी था। वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे। वे तीन बार उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रहे थे।केशरीनाथ त्रिपाठी दो बार कोरोना पॉजिटिव हुए थे। लखनऊ के एसपीजीआई में उनका लंबा इलाज भी चला था। इसके बाद वह स्वस्थ होकर घर आ गए थे। दरअसल, कुछ दिन पहले ही वह बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे, जिससे उनका दाहिना हाथ फ्रैक्चर हो गया था। उसी के बाद से वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गए थे। इसके बावजूद वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेते नजर आ रहे थे।
[1/8, 9:38 AM] Ajeet G Press: मंत्रीगणों ने पूर्व राज्यपाल व विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन पर गहरा शोक किया व्यक्त

लखनऊ।प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल, माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप तथा उद्यान, कृषि-विपणन, कृषि-विदेश व्यापार, कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मन्त्रीगण ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शान्ति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।मन्त्रीगण ने जारी शोक संदेश में कहा कि केशरी नाथ त्रिपाठी के निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। वे एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता के साथ संसदीय नियमों, परंपराओं और विधि के जानकार थे।
[1/8, 9:39 AM] Ajeet G Press: लखनऊ/ 8-1-23
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने
उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व स्पीकर और पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल पंडित केशरीनाथ त्रिपाठी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
श्री मौर्य ने दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
उन्होंने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि श्री केशरी नाथ त्रिपाठी संसदीय मामलों के मर्मज्ञ एक कुशल और अनुभवी राजनेता थे। उनके निधन से प्रदेश को अपूर्णीय क्षति हुयी है। उन्होंने लम्बे समय तक समाज सेवा की।
[1/8, 10:37 AM] +91 79050 88850: उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष अध्यक्ष श्री सतीश महाना जी ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता, एवम पूर्व विधान सभा अध्यक्ष श्री केसरी नाथ त्रिपाठी जी के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया हैं। श्री महाना ने कहा कि वह संसदीय परंपराओं नियमों और संसदीय मामलों के मर्मज्ञ थे। उनके निधन से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपूर्णीय क्षति हुई है।
श्री महाना ने ईश्वर प्रार्थना की है कि वह पुण्य आत्मा को चिर-शांति व शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें।

Voters को आनलाइन व आफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए प्रेरित करें

लखनऊ (राज्य मुख्यालय)। युवा मतदाताओं विशेषकर 18-19 आयु वर्ग की वर्ग की प्रोजेक्टेड सेन्सस पॉपुलेशन की तुलना में पंजीकृत मतदाताओं का प्रतिशत अपेक्षा से काफी कम है। निर्वाचन आयोग द्वारा कोई मतदाता न छूटे के क्रम में समस्त अर्ह मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित किये जाने एवं भावी युवा मतदाताओं (18-19 आयु वर्ग) के नाम नामावलियों में शामिल किये जाने के विषय में सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दिशा-निर्देश दिये गये है।अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती निधि श्रीवास्तव ने उक्त जानकारी देते हुये बताया कि आयोग के निर्देशानुसार सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में पड़ने वाले शैक्षणिक संस्थानों के इलेक्टोरल लिट्रेसी क्लब के साथ नियमित रूप से बैठक करेगे और उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया और आवेदन दाखिल करने की समय सीमा के बारे में जागरूक करेंगें

।सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा शैक्षणिक संस्थाओं में पुनरीक्षण से पूर्व की गतिविधियों के दौरान विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा, जिससे मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में मतदाताओं को जागरूक किया जा सके और उन्हें वेबसाइट एवं मोबइल ऐप https://voters.eci.gov.in, वोटर सर्विस पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप आदि के ऑनलाइन माध्यम से मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए दावे उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा ऑनलाइन फार्म जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा इसके लिए संबंधित स्कूलों व कालेजों में स्थापित इन्फाइस्ट्रक्चर का सहयोग भी लिया जा सकता है। शैक्षणिक संस्थानों से प्राप्त ऐसे सभी फार्मों का संस्थानवार डेटा संरक्षित किया जाएगा, जिससे पात्र मतदाताओं के सापेक्ष पंजीकरण के प्रतिशत का विश्लेषण करने और शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की रणनीति बनाने में मदद प्राप्त होगी।

आयोग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं कि प्रत्येक कक्षा में ऐसे अर्ह भावी युवा मतदाता जो 01 जनवरी, 2024 को 18 वर्ष के हो गये हैं अथवा हो रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर शत-प्रतिशत पंजीकरण करायें। मतदाता पंजीकरण के लिये ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों व्यवस्था है, परन्तु ऑनलाइन पंजीकरण के लिये अर्ह मतदाता को प्रोत्साहित किया जाय। आगामी राष्ट्रीय मतदाता दिवस-2024 के आयोजित कार्यक्रम में अच्छे कार्य करने वाले कैम्पस एम्बेसडर/वालेन्टीयर्स/को-आर्डिनेटर/रेंज रोवर & वी रैप को पुरस्कृत किये जाने तथा सुविधानुसार नये मतदाताओं को राष्ट्रीय मतदाता दिवस-2024 के आयोजित कार्यक्रम में इपिक देकर उन्हें सम्मानित किया जाए।।

मुख्य सचिव

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पत्र सूचना शाखा
*(मुख्य सचिव मीडिया कैम्प)*
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उ0प्र0

*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कानपुर नगर के शहरी क्षेत्र के मध्य जी0टी0 रोड के समानान्तर अनवरगंज-मंधना एलीवेटेड ट्रैक परियोजना की और अधिक उपयोगिता के दृष्टिगत बैठक आयोजित*

*दिनांक 13 अक्टूबर, 2023*

*लखनऊ/कानपुर नगर :* मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में कानपुर नगर के शहरी क्षेत्र के मध्य जी0टी0 रोड के समानान्तर अनवरगंज-मंधना एलीवेटेड ट्रैक परियोजना की और अधिक उपयोगिता के दृष्टिगत एक बैठक मण्डलायुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में जरीब चौकी पर रेलवे विभाग द्वारा प्रस्तावित उच्चीकरण कार्य को दृष्टिगत रखते हुए यातायात के सुचारू रूप से संचालन हेतु सेतु निगम के चार प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
मुख्य सचिव द्वारा मूल रूप से अण्डर पास वाला प्रस्ताव, जिसमें कालपी रोड में चार लेन भूमिगत मार्ग जीटी रोड की तरफ प्रस्तावित किया गया था तथा टर्निंग लेन हेतु पृथक-पृथक दो-दो लेन के भूमिगत प्रस्ताव अतिरिक्त रूप से प्रस्तावित किए गए थे, जिसको सहमति प्रदान की गयी। इसके अलावा गोल चौराहे से कालपी रोड को आने वाले यातायात हेतु एलिवेटेड सिंगल लाइन बनाने का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया, जिससे जीटी रोड का मुख्य यातायात निर्बाध रूप से वर्तमान चार लेन उपलब्ध मार्ग पर सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने भूमिगत अण्डर पास में ड्रैनेज सिस्टम का सम्पूर्ण प्रावधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा सर्विसेज के विस्थापन हेतु समन्वय स्थापित कराते हुए त्वरित रूप से आगणन उपलब्ध कराया जाए। रेलवे विभाग द्वारा रेलवे ट्रैक के उच्चीकरण का कार्य 02 साल में पूर्ण कराया जाए। इस अवधि में उक्त भाग में रेल का संचालन बन्द रहेगा, इसलिए इसी अवधि में रेलवे के साथ-साथ अण्डर पास का भी कार्य कराया जाये, जिससे निर्माण कार्य में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के अधिकारियों को रेलवे के निर्माण कार्य में सामंजस्य स्थापित करते हुए अण्डर पास व अन्य निर्माण कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में मण्डलायुक्त कानपुर श्री अमित गुप्ता, जिलाधिकारी कानपुर नगर श्री विशाख जी, नगर आयुक्त श्री शिवशरणप्पा जी0एन0, प्रबन्ध निदेशक सेतु निगम श्री राकेश सिंह, चीफ इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग श्री संजीव भारद्वाज, चीफ इंजीनियर पूर्वाेत्तर रेलवे गोरखपुर श्री आर0के0 मौर्य, समन्वयक उच्च स्तरीय विकास समिति श्री नीरज श्रीवास्तव सहित सम्बन्धित अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।

सीएम

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*देश प्रथम के संकल्प से दुनिया की महाताकत बनेगा भारत : सीएम योगी*

*विश्वप्रसिद्ध धार्मिक पत्रिका कल्याण के आदि संपादक पोद्दार की 131वीं जयंती पर सीएम ने दी श्रद्धांजलि*

गोरखपुर, 11 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि हर भारतीय अपने कार्यक्षेत्र में “देश प्रथम” का संकल्प लेकर कार्य करे तो भारत आजादी के शताब्दी वर्ष तक दुनिया की महाताकत बनकर रहेगा। हर व्यक्ति की प्राथमिकता पहले देश, फिर धर्म, समाज व अंत में परिवार होनी चाहिए। यही प्राथमिकता व संकल्प हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाई जी’ का भी था।

सीएम योगी बुधवार शाम गीता वाटिका में विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पत्रिका कल्याण के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाई जी’ की 131वीं जयंती पर संगोष्ठी के रूप में आयोजित श्रद्धा अर्चन कार्यक्रम में अपने भावों को शब्द रूप में व्यक्त कर रहे थे। ‘भाई जी हनुमान प्रसाद जी पोद्दार- जीवन एवं अवदान’ विषयक संगोष्ठी में मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि भाई जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन भारत एवं भारतीयता, भक्ति, वैराग्य और आध्यात्मिक शक्ति के उत्थान में लगाया। गीता प्रेस के संस्थापक जयदयाल गोयनका के सानिध्य में रहकर उन्होंने साहित्य साधना के द्वारा भारत की अभिनंदनीय आध्यात्मिक सेवा की।उनके द्वारा प्रकाशित कल्याण पत्रिका भारतीय संस्कृति को मानने वाले सभी लोगो के मन में बसा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाई जी ने कल्याण पत्रिका के द्वारा भारत की आध्यात्मिक, साहित्य और वैदिक साहित्य का समावेश कर, समाज और परिवार के अनुकूल बनाकर आम जन तक इसे सुलभ एवं सहज बनाया। गीता वाटिका के महान संत राधा बाबा के सानिध्य में रहकर भारतीय अध्यात्म एवं वैदिक साहित्य को घर घर तक पहुंचाया। सीएम ने कहा कि भाई जी आध्यात्मिक सेवक के साथ स्वतंत्रता सेनानी तथा आपदा में सहयोग के लिए अग्रणी रहने वाले भी थे। एक व्यक्ति में इतनी सारी योग्यता थी यह आश्चर्य की बात थी। देश की आजादी के लिए क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहकर उन्होंने युवाओं में आध्यात्मिक शक्ति को जगाने का कार्य किया। सम्पूर्ण भारतीयों के कल्याण एवं भारतीयता के हित में जो भी हो सकता था उन्होंने किया। आजादी की लड़ाई में वह जेल भेजे गए, उन्हें नजरबंद किया गया, कल्याण पत्रिका को जब्त कर लिया गया लेकिन भाई जी बेपरवाह अपने ध्येय में लगे रहे। उन्होंने आजादी के आंदोलन में भक्ति की शक्ति की आधारशिला तैयार की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाई जी ने साहित्य साधना में अद्भुत कार्य किया। गोरखपुर से कल्याण का प्रकाशन करने के साथ गीता वाटिका को साधना स्थली बनाया। यहां राधा बाबा के साथ आध्यात्मिक शक्ति को लोक कल्याण से जोड़कर जीवन का ध्येय बनाया। वास्तव में राधा बाबा व भाई जी दो शरीर और एक आत्मा थे। भाई जी की भावनाओं के अनुरूप देश का वर्तमान नेतृत्व भारत और भारतीयता, देश के मानबिन्दुओं की पुनर्स्थापना के लिए कार्य कर रहा है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर का हो रहा निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी धाम का कायाकल्प और कुंभ का भव्य आयोजन इसके उदाहरण हैं। आज का नया भारत विरासत का सम्मान करते हुए आगे बढ़ रहा है।

*सबके कल्याण की बात करता है सनातन धर्म*
सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म सबके व चराचर जगत के कल्याण की बात करता है। सनातन धर्म में हर जाति को संरक्षण प्राप्त है। इसने कभी किसी जाति का विरोध नहीं किया।

*सनातन पर हो रहे प्रहार को लेकर रहें चौकन्ना*
मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म पर हो रहे प्रहार को लेकर चौकन्ना होना होगा। इस पर प्रहार करने वाले वे लोग हैं जिन्हें भारत का विकास अच्छा नहीं लगता, जिन्हें देश की आध्यात्मिक और भौतिक प्रगति स्वीकार नहीं होती। ऐसे लोगों को पहचानना होगा नहीं तो सनातन को कोसने वालों की तादाद बढ़ती जाएगी।

भाई जी के प्रति श्रद्धार्चन के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी समाधि स्थली पर भी गए और पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर दो बच्चों को खूब दुलारा और आशीर्वाद देकर उन्हें खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संग्रहालय नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो. बुद्ध रश्मि मणि, हरियाणा साहित्य एवं सांस्कृतिक अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के निदेशक (शोध एवं प्रशासन) ओम जी उपाध्याय, हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के सचिव उमेश सिंहानिया, संयुक्त सचिव रसेंदु फोगला, विष्णु प्रसाद अजितसरिया, प्रमोद मातनहेलिया आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

CM Yogi बोले आगामी त्यौहारों को देखते हुए महिलाओं बच्चों की सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहे पुलिस

लखनऊ (राज्य मुख्यालय) । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों को सशक्त व स्वावलंबी बनाने के लिए चल रहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान के चौथे चरण के शुभारंभ को लेकर लोकभवन में बैठक की। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘मिशन शक्ति अभियान’ का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अब 14 अक्टूबर को प्रदेश भर में एक साथ वाहन रैली निकालकर केंद्र और राज्य सरकार की महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरुक करते हुये इसका नवीन चरण प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि फील्ड में तैनात महिला बीट अधिकारी महिलाओं के बीच जाकर शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दें और प्राथमिकता के आधार उनकी समस्या का निर्धारित समय सीमा में समाधान कराएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रत्येक ग्राम पंचायत व वॉर्ड में आयोजित किया जाए तथा ग्राम प्रधान, महिला पुलिस बीट, लेखपाल, पंचायत सचिव, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी, ए.एन.एम.की इसमें सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर केन्द्र व राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण से सम्बन्धित योजनाओं की जानकारी व महिला सुरक्षा जागरूकता जैसे कार्य सम्पन्न हों। बीट अधिकारी सप्ताह में एक दिन पंचायत भवन में जाकर महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण करें। लोगों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराएं तथा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में आ रही समस्याओं का निराकरण करने के कार्य को आगे बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस अभियान के दौरान प्रदेशभर के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के बच्चों को साथ में जोड़ते हुए उनके द्वारा जन जागरुकता की प्रभात फेरियां निकाली जाएं। इसके साथ ही गृह विभाग मिशन शक्ति के जागरुकता अभियान के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल करे। मिशन शक्ति अभियान से जुडे़ सभी विभाग 14 और 15 अक्टूबर को जागरुकता के कार्यक्रमों का आयोजन करें। वहीं 16 अक्टूबर से विभागवार निर्धारित कार्यक्रमों को भव्य आयोजन किया जाए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में ट्रैफिक का प्रभावी संचालन और इसकी मॉनिटरिंग अत्यन्त आवश्यक है। ट्रैफिक की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए और जाम की समस्या न बनने दी जाए। प्रदेशवासियों के साथ प्रशासन और पुलिस के लोग सहयोगपूर्ण व्यवहार करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी त्योहारों के मद्​देनजर पटाखों की दुकानें भीड़ भाड़ इलाके में न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इस भी सुनिश्चित करें कि आतिशबाजी भीड़-भाड़ से दूर हो।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नगर विकास विभाग सिटी बसों में पैनिक बटन की व्यवस्था को सुचारु रूप से चालू करें तथा मुख्य चौराहों व प्रमुख स्थलों पर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बस ड्राइवर, ई-रिक्शा चालक, टू-व्हीलर चालक का पंजीकरण जरूर किया जाए। किरायेदारों का वैरिफिकेशन के कार्य को अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि पर्वों एवं त्योहारों का आगामी एक माह का समय संवेदनशील है। एक माह त्योहार की उमंग से परिपूर्ण होंगे। बाजारों में भीड़ होगी। विभिन्न आयोजनों में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक आदि की सहभागिता होगी। इसके दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने के साथ-साथ सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ायी जाए। प्रदेश, कमिश्नरी और रेंज स्तर पर कण्ट्रोल रूम सक्रिय कर कानून व्यवस्था की स्थिति पर निरन्तर नजर रखी जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में परम्परागत रूप से माँ दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाती रही हैं। जिसको लेकर दुर्गा पूजा आयोजन समितियों से संवाद के माध्यम से प्रतिमाओं की स्थापना सुरक्षित स्थान जैसे सार्वजनिक पार्क आदि में करायी जाए, ताकि सड़क पर सामान्य यातायात प्रभावित न हो। इस कार्यवाही में लोगों की आस्था और जनभावना का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम के समय पुलिस बल की तैनाती के लिए स्थानीय जरूरतों के मुताबिक रणनीति तैयार की जाए। नदियों में विसर्जन न हो, इसको लेकर पुख्ता कार्ययोजा तैयार की जाए। इसके साथ ही दृष्टिगत मूर्ति विसर्जन समितियों से संवाद कर अस्थायी तालाबों में मूर्तियों का विसर्जन कराया जाना उचित रहेगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्व-त्योहार में प्रशासन द्वारा आम जन को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। धार्मिक परंपरा/आस्था को सम्मान दें, लेकिन परंपरा के विरुद्ध कोई कार्य न हो। आयोजकों को कार्यक्रम की अनुमति दें, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि हर कोई नियम-कानून का पालन करेगा। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। हर दिन सायंकाल पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करे। पीआरवी 112 एक्टिव रहे। अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता से निपटा जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्र के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित जनों के साथ संवाद बनाएं। लोगों के लिए सकारात्मक संदेश जारी कराएं। पीस कमेटी की बैठक कर लें। मीडिया का सहयोग लें, ताकि शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे। दुर्गा पूजा आस्था के उत्साह का आयोजन है। परंपरागत रूप से नृत्य, गीत, संगीत इसका हिस्सा रहे हैं। यह सुनिश्चित करें कि डीजे, गीत-संगीत आदि की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो। अभियान चलाकर धार्मिक स्थलों पर लगे लाउड स्पीकर की ध्वनि पूर्व की भांति मानक के अनुरुप निर्धारित कराई जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का शत-प्रतिशत पालन कराया जाए।

त्वरित कार्यवाही और संवाद-संपर्क अप्रिय घटनाओं को संभालने में सहायक होती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर बिना विलंब किए, जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान खुद मौके पर पहुंचे। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी लीड करें। बीट स्कीम लागू करें। अवैध वाहन स्टैंड को तत्काल समाप्त किया जाए। महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के संकल्प की पूर्ति में “सेफ सिटी परियोजना” अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। ऐसे में परियोजना के पहले चरण में 17 नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर में बचे कार्यों को जल्द पूरा किया जाए। परियोजना को सफलता जन सहयोगी से ही मिलेगी, ऐसे में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी लगाए जाएं। आमजन, व्यापारियों, संस्थान संचालकों को जागरुक कर उन्हे सीसीटीवी के महत्व को बताया जाए। उन्हे सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रेरित भी करें। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लोग अपनी सुविधा अनुसार अपने सीसीटीवी फुटेज का डाटा अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना चाहिये कि आवश्यकता पड़ने पर फुटेज केवल पुलिस को ही उपलब्ध कराई जाए।