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शिवपाल अखिलेश समर्थक आपस में भिड़े

समाजवादी पार्टी में विचारों की लड़ाई हाथ-पाई तक पहुंच गई है| सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए गए शिवपाल यादव के समर्थक आपस में भिड़ गए|  दोनों के समर्थकों के मध्य जमकर मारपीट हुई है| आज सुबह समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर शिवपाल के समर्थक नारेबाजी कर रहे थे उसी समय अखिलेश समर्थक वहां पहुंचने लगे और  हालात ऐसे बने की बात मारपीट तक पहुंच गई| इस दौरान पुलिस ने हालात पर काबू करने के लिए बीच बचाव शुरू कर दिया|

वर्तमान की स्थितियों की बात करें तो समाजवादी पार्टी में भले ही आधिकारिक तौर पर दो पार्ट नहीं हुए हैं पर पार्टी में गुटबाजी और दरारें साफ़ नजर आने लगी हैं|पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव के आगमन से पहले पार्टी दफ्तर के बाहर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व शिवपाल सिंह यादव के समर्थक आपस में भिड़ गए हैं| दोनों खेमे से जमकर नारेबाजी हो रही है| बड़ी संख्या में पुलिसबल पार्टी दफ्तर के बाहर तैनात है| यह घमासान तब मचा जब शिवपाल यादव पार्टी दफ्तर पहुंचे| शिवपाल के दफ्तर के अन्दर जाते ही कार्यालय के बाहर शिवपाल के समर्थक नारेबाजी करने लगे और इसके बाद शिवपाल एवं अखिलेश के समर्थक आमने-सामने आ गए| आज शिवपाल सिंह यादव पार्टी कार्यालय आने के पहले मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे थे| हालात के मद्देनजर सपा कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है|

गौरतलब है कि आज पार्टी की अहम बैठक में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव अहम फैसला ले सकते हैं|  पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य अमर सिंह को पार्टी से बाहर करने के मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश भी फिलहाल झुकने के मूड में नहीं हैं| मुलायम ने सोमवार को लखनऊ में पार्टी सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों व एमएलसी की बैठक बुलाई है|  माना जा रहा है कि पार्टी टूटने की कगार पर है और मुलायम अपने किसी बड़े फैसले से सभी को हैरान कर सकते हैं|

शिवपाल समेत चार बर्खास्त

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव समेत अन्य दो केबिनेट तथा एक राज्यमंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। राजभवन की ओर से यहां जारी एक बयान के मुताबिक राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री की सिफारिश पर मंत्री शिवपाल सिंह यादव, नारद राय, ओम प्रकाश सिंह तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सैयदा शादाब फातिमा को पद से बर्खास्त कर दिया है। बयान के अनुसार इन चारों मंत्रियों को पदमुक्त करने सम्बन्धी फाइल राज्यपाल के अनुमोदन के लिये आज ही राजभवन को प्राप्त हुई थी। मालूम हो कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा विधानमण्डल दल की बैठक में इन मंत्रियों को बर्खास्त करने का एलान किया था। बर्खास्त सभी मंत्री शिवपाल सिंह यादव के करीबी बताए जा रहे हैं|

एमएलसी उदयवीर सिंह समाजवादी पार्टी से 6 साल के लिए बर्खास्त

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को पत्र लिखने वाले एमएलसी उदयवीर सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए बर्खास्त कर दिया गया है| उदयवीर सिंह ने अपने पत्र में अखिलेश यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर उन्हें उनका हक देने की मांग की थी| उदयवीर सिंह के पत्र पर एमएलसी आशु मलिक ने पलटवार करते हुए उन पर चापलूसी करने का आरोप लगाया था| इसके बाद से पार्टी में एक बार फिर से मतभेद खुलकर सामने आ गया है|ज्ञात हो कि उदयवीर सिंह अखिलेश के बचपन के दोस्त हैं। उदयवीर सिंह ने मुलायम सिंह को लेटर लिख कर आरोप लगाया था कि अखिलेश यादव की पार्टी और परिवार में तमाम मुश्किलों के पीछे मुलायम की दूसरी पत्नी यानी अखिलेश की सौतेली मां का हाथ है। एमएलसी उदयवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मुलायम के भाई शिवपाल पर भी आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि शिवपाल, सीएम अखिलेश की सौतेली मां को राजनीतिक मोर्चे पर ला रहे हैं।

शताब्दी एक्सप्रेस मे आग से मचा हडकंप

 नई दिल्ली से कानपुर जा रही शताब्दी एक्सप्रेस मे हॉट एक्सल होने से आग की लपटे उठने से दिल्ली हावडा रेलमार्ग के भदान रेलवे रेलवे स्टेशन पर शताब्दी को रोक लिया गया ।   रेलवे सूत्रो ने आज यहॉ बताया कि नई दिल्ली से आ रही शताब्दी एक्सप्रेस के पहियो मे आग निकलने से हडकंप मचा गया । शाम 6 बजकर 14 मिनट पर शताब्दी एक्सप्रेस को भदान रेलवे स्टेशन पर रोक लिया गया, इंजन से दूसरे डिब्बे मे आग लगने के कारण रेल यात्रियो मे खासी दहशत पैदा हो गई । शताब्दी मे सफर कर रहे इटावा के रेल यात्री सोमिल पोरवाल ने बताया कि शताब्दी मे आग बुझाने के जो सयंत्र लगे हुए है उनके करीब डेढ दर्जन सिलेंडरो से आग बुझाने का काम किया गया जब आग पूरी तरह से काबू हो गई तब उसके बाद रेल गाडी को 6 बजकर 50 मिनट पर इटावा के लिए रवाना किया गया ।   फिलहाल 8 बजकर 26 मिनट पर शताब्दी एक्सप्रेस इटावा रेलवे स्टेशन आने के बाद कानपुर के लिए रवाना कर दी गई है दो मिनट के निधार्रित स्टापेज के बाद शताब्दी को कानपुर के लिए रवाना किया ।

मोबाइल फोन साथ में रखने पर लगा बैन

पीएम मोदी ने मंत्री और शीर्ष स्तर के अधिकारियों को अब कैबिनेट की बैठक में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। दरअसल यह फैसला खुफिया एजेंसियों द्वारा संचार उपकरणों को हैक कर संवेदनशील जानकारियां लीक होने का अंदेशा जताने के बाद लिया गया है। इस बारे में पीएमओ के निर्देश के बाद केंद्रीय सचिवालय ने परिपत्र जारी कर मंत्रियों के निजी सचिवों को अपने अपने मंत्रियों को इस फैसले की जानकारी देने का निर्देश दे दिया गया है। आपको बता दें कि पाक अधिकृत कश्मीर में सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद खुफिया एजेंसियों ने स्मार्ट फोन, मोबाइल फोन का डाटा हैक किए जाने का अंदेशा जताया था। खुफिया एजेंसियों की ओर से इस मामले में सावधान किए जाने के तत्काल बाद पीएमओ ने कैबिनेट की बैठकों में मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि इसके पूर्व सरकार ने संवेदनशील विभागों और मंत्रालयों में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने आधिकारिक कंप्यूटर या लैपटॉप से मोबाइल फोन को दूर रखने की हिदायत दी थी। यहां तक कि मोबाइल फोन को चार्ज करने के लिए भी आधिकारिक कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया था।

2017 में अखिलेश को सीएम फेस नहीं बनाया तो लगेगा बड़ा झटका: आदित्य यादव

शिवपाल  के  बेटे  आदित्य  यादव  का  बयान आया है जिसमें उन्होंने  कहा  है कि अगर  अखिलेश  को  सीएम  फेस  नहीं बनाया  जाता  है तो ये समाजवादी पार्टी के लिए  बड़ा झटका  होगा। समाजवादी पार्टी में जंग रुकने का नाम ही नही ले रही है | पार्टी और परिवार की तकरार गहरी होती नजर आ रही है| सुर्ख़ियों का हिस्सा रहे विवादों के बावजूद आपस में एकता बनाये रखने के कदम भी उठाये जा रहे हैं, ताकि आने वाले विधानसभा चुनाव में किसी प्रकार का परेशानी न होने पाए| इसी कोशिश को कामयाब करने के लिए शनिवार को समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेताओं ने पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव से लखनऊ में मुलाकात की| बैठक  में शिवपाल यादव को भी बुलाया गया| बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने अपने एक मंत्री गायत्री प्रजापति से मिलने से मिलने को मन कर दिया|  यह वही  मंत्री हैं जिन्हें अखिलेश ने हटा दिया था और बाद में मुलायम सिंह के कहने पर वापस कैबिनेट में शामिल  कर  लिया  गया  था|  प्रदेश  कार्यकारी  समिति  की  भी  बैठक  होनी  है जिसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी बुलाया  गया  है लेकिन अखिलेश यादव ने  न  सिर्फ इसका बहिष्कार कर रखा है बल्कि शिवपाल यादव की मीटिंग के बाद  नेता और  पदाधिकारी अखिलेश  से  भी  मिल  रहे  हैं|

साथ  ही  शिवपाल  ने यहां  तक कहा  कि  वे  स्टैंप  पेपर  पर  लिखकर  देने  को  तैयार हैं  कि चुनाव  जीतने  पर  अखिलेश ही पुनः सीएम बनेंगे|  पार्टी  मुखिया  ने  24  अक्टूबर  को  पार्टी  नेताओं  और  पदाधिकारियों  की  बैठक  बुलाई  है|

भारतीय सैन्य बेड़े में शामिल हो सकती हैं 145 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर अमेरिकी तोपें

नई दिल्ली|  भारत और अमेरिका के बीच 145 अल्ट्रा-लाइट  हॉवित्जर  तोंपो के खरीद के लिए समझौता तय माना जा रहा है| सूत्रों की मानें तो अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटगन ने इस संबंध में स्‍वीकृति पत्र भारतीय डिफेंस मिनिस्‍ट्री को भेज दिया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह सौदा 5,000 करोड़ का हो सकता है|  यदि बात करें भारत में तोपों की खरीद की तो 1980 के दशक में बोफोर्स घोटाले के सामने आने के बाद से तोपों की खरीद के लिए यह पहला सौदा होगा।

रक्षा मंत्रालय ने एम 777 तोपों की खरीद के लिए फाइल को स्वीकृति दे दी है।  अब इस फाइल को वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा और फिर इसे संस्तुति के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के समक्ष रखा जाएगा| सूत्रों ने बताया कि कुछ बदलावों के लिए भी स्वीकृति दी गई है।

इन तोपों को खरीदने के लिए भारत ने अमेरिकी सरकार को आग्रह पत्र भेजा था, तोपों को चीन की सीमा से जुड़ें हुए अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के क्षेत्रों में तैनात किया जाना है।

पौधारोपण के साथ वृक्षों की सुरक्षा भी जरूरी: प्रो. पाठक

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के जानकीपुरम स्थित नए कैंपस में एकेटीयू एवं विजिया बैंक के संयुक्त तत्वाधान में पौधारोपण किया गया| विवि के कुलपति प्रो. पाठक की अध्यक्षता में निर्माणाधीन परिसर में पौधे लगाए गए| इस अवसर पर विवि के कुलसचिव, वित्तअधिकारी, अधिकारी एवं विजिया बैंक के आईईटी स्थित शाखा के प्रबन्धक ने भी परिसर में पौध रोपण किया| इस दौरान विवि के कुलपति प्रो. पाठक ने कहा कि वातावरण के संतुलन के लिए वर्तमान में पौधे लगाए जाने अति आवश्यक हैं| साथ ही समाज को वृक्षों की सुरक्षा के लिए जागरुक करना भी जरुरी है|

देख लीजिये साहब… यहां रहने वालों की जान की कीमत गोमती नगर वालों से कम ही है

मच्छरों की फौज ने चारों तरफ से अपने अस्त्र-शस्त्र डेंगू, चिकनगुनिया एवं वायरल के साथ इंसानों पर हमला बोल दिया है और इस हमले से निपटने में प्रदेश सरकार और स्थानीय सरकारों की आधी अधूरी कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं।
ताजा मामला राजधानी के उत्तर पूर्वी छोर पर रिंग रोड कुर्सी रोड के बीच बसी बस्ती आदिल नगर का है जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों सहित लगभग आधी आबादी मच्छरों की महामारी से पीड़ित हैं और स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम इससे बेफिक्र नजर आ रहा है।
शासन प्रशासन से निराश स्थानीय निवासियों के बुलावे पर जब हमारी टीम ने आदिल नगर का दौरा किया तो स्थिति बहुत ही भयावह दिखी जगह जगह बिना लाइसेंस के मीट की दुकानें, सार्वजनिक स्थानों का अतिक्रमण कर बने खाने के होटल, जहाँ तहां कूड़े के ढेर नजर आया।
भ्रमण के दौरान एक बस्ती की सड़क पर कूड़े का अंबार पड़ा मिला तफ्तीश करने पर पता चला कि रिटायर्ड पुलिस अधिकारी मो अहमद के बगल वाला प्लाट पिछले 15 साल से लावारिस हालत में है और आदिल नगर का सारा कूड़ा यहीं डंप होता है जब DON NEWS के संवाददाता ने उनके बेटे आरिफ से बात की तो उनके दिल का दर्द आंखों में छलक आया उनके घर के सारे बच्चे चिकनगुनिया से पीड़ित हैं और कूड़े से उठती दुर्गंध से रातों में सो पाना भी मुहाल है बिल्कुल ऐसे ही हालात हमें पूरे आदिल नगर में मिले वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के बड़े बड़े दावे कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध में हवा होते नजर आये। साफ-सफाई और मच्छर मार दवाओं के छिड़काव के बाबत जब हमने नगर आयुक्त से बात की तो उन्होंने कंट्रोल रूम से शिकायत करने की सलाह देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली।
ये हाल तब है जबकि जन सरोकारों को मुस्तैदी से उठाने वाले सरकारी मीडिया के पत्रकार भी वहीं रहते हैं
ऐसे में सहज ही सवाल उठता है कि क्या आदिल नगर के लोगों की जान की कीमत किसी पॉश कॉलोनी में रहने वाले लोगों की जान से कम है?

बीजेपी में पहुंचा यूपी कांग्रेस का दाहिना हाथ

उत्तर प्रदेश| कांग्रेस की बड़ी लीडर रीता बहुगुडा जोसी ने आखिर बीजेपी का दामन  थाम  ही लिया।  एक बड़े नेता के तौर में जनि जाने वाली रीता बहुगुडा ने बीजेपी नेता अमित शाह की मौजूदगी में ही पार्टी में कदम रखा ,इस चुनावी दंगल में रीता जैसी बड़ी लीडर के इस तरह का कदम किसी बड़े बदलाव का कारन भी बन सकता हैं, बीजेपी में शामिल होते ही रीता बहुगुडा ने अपनी धार तेज करती नजर आयी इनका  सीधा निशाना राहुल गाँधी पर था , उन्होंने बताया कि ये फैसला लेना इतना आसान नहीं था| मेरा 27 साल का पॉलिटिकल करियर रहा है| मैंने विधायक की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है| उन्होंने ये भी कहा कि वे सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस के रवैये और खून के दलाल जैसे बयानों से आहत थीं|
बब्बर ने दी प्रतिक्रिया

इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने बीजेपी पर हमला बोलते  हुए कहा कि पार्टी का एक ध्येय है दगाबाज फौज इकट्ठा करना| रीता बहुगुणा जोशी का सवाल है वह इतिहास की प्राध्यापक रही हैं, उन्हें इतिहास का ज्ञान है|

 हालांकि कांग्रेस ने अभी कुछ भी साफ़ तौर पर नही कहा है| रीता बहुगुणा  जोशी का भाजपा में शामिल होना पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है| क्योंकि पार्टी को ब्राह्मण वोट को एकजुट करने में मदद मिलेग| आपको ये भी बता दे कि कांग्रेस ने ब्राह्मण नीति के चलते ही शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद के लिए सामने किया था, चाहे वोट की राजनीति हो या फिर जाति की एक बार फिर कांग्रेस के सामने बड़ा संकट जरूर पैदा हो गया हैं।