लखनऊ /आज़मगढ़। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय (MSD University की EC) की कार्य परिषद की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को कुलपति प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षण व्यवस्था, शोध, रोजगारोन्मुख शिक्षा और विश्वविद्यालय के समग्र विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कार्य परिषद ने वर्तमान में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के कार्यकाल के नवीनीकरण को मंजूरी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नियमित नियुक्तियां होने तक संतोषजनक कार्य करने वाले अतिथि शिक्षक अपनी सेवाएं जारी रखेंगे, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में रिक्त पड़े सभी स्थायी शिक्षकीय पदों को पुनः विज्ञापित करने का निर्णय लिया गया। भर्ती प्रक्रिया अगले एक माह के भीतर शुरू की जाएगी और इसे पूरी तरह पारदर्शी एवं मेरिट आधारित रखा जाएगा।लखनऊ विश्वविद्यालय और विदेशी संस्थान के बीच समझौते की खबर के लिए यहाँ क्लिक करें।

MSD University की EC बैठक में विधि एवं इंजीनियरिंग संकाय के वित्तपोषित पाठ्यक्रमों में शिक्षण कार्य सुचारु बनाए रखने के लिए संविदा शिक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी प्रदान की गई। इसके तहत बीए-एलएलबी, एलएलएम तथा बीई (कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग) पाठ्यक्रमों के लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। आवश्यक गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्ती का मार्ग भी प्रशस्त किया गया है।
छात्र कल्याण, शोध, प्रशिक्षण और प्लेसमेंट गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए चार नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया। इन पदों पर 65 वर्ष तक के सेवानिवृत्त शिक्षकों या विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश शासन की नई नीति के तहत विश्वविद्यालय में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ नियुक्त करने का भी रास्ता साफ हो गया है, जिससे उद्योग, न्यायिक और तकनीकी क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान कर सकेंगे।शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिषद ने पीएचडी (अंशकालिक) सत्र-2026 की फीस में कमी करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर शोधार्थियों को राहत मिलेगी और शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।

MSD University की EC बैठक में संबद्ध महाविद्यालयों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों और जांच रिपोर्टों पर भी चर्चा हुई। दोषी पाए गए संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। साथ ही स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में प्रवक्ता चयन प्रक्रिया संचालित करने की मंजूरी भी दी गई। कुलपति प्रो. संजीव कुमार (VC Professor Sanjeev Kumar) ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता छात्र हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन निर्णयों से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा एमएसडीयू पूर्वांचल के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों में अपनी पहचान मजबूत करेगा। ये जानकारी मीडिया सेल के इंचार्ज डॉ विजय प्रकाश उपाध्याय ने दी। For more updates follow on X


































