हिन्दी दिवस पर हिन्दी पर प्रेम वर्षा!

इस संगोष्ठी ने हिंदी भाषा के विविध पहलुओं पर गहरी विचारधारा और चर्चा का माध्यम बनाया और हमारे समृद्ध हिंदी भाषा के विविध आयाम को प्रकट करने में मदद करेगा। यह कार्यक्रम हिंदी भाषा के सामाजिक और साहित्यिक महत्व को बढ़ावा देगा और भाषा के संरक्षण और प्रशंसा की

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लखनऊ (राज्य मुख्यालय) । उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान ने बृहस्पतिवार को हिंदी दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें *वर्तमान में हिंदी भाषा के विविध आयाम* पर गहरी चर्चा की गई।कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि हरिशंकर मिश्रा ने हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की और उसके सांस्कृतिक महत्व को उजागर किया। उन्होंने हिंदी के विकास के उपायों पर भी विचार किए।

संस्थान के निदेशक विनय श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदी के महत्व को बड़े ही गर्मजोशी से प्रस्तुत किया और भाषा के प्रशंसकों को इसके महत्व के प्रति जागरूक किया।मुख्य अतिथि श्री हरिशंकर मिश्र ने हिंदी की सांस्कृतिक महत्व और इसके विकास के उपायों पर गहरा विचार किया, जो हमारी भाषा के सामाजिक और साहित्यिक योगदान को समझाने में मदद करेगा।

इस संगोष्ठी ने हिंदी भाषा के विविध पहलुओं पर गहरी विचारधारा और चर्चा का माध्यम बनाया और हमारे समृद्ध हिंदी भाषा के विविध आयाम को प्रकट करने में मदद करेगा। यह कार्यक्रम हिंदी भाषा के सामाजिक और साहित्यिक महत्व को बढ़ावा देगा और भाषा के संरक्षण और प्रशंसा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा आयोजित हिंदी दिवस संगोष्ठी पर बड़ा ही गर्व का मोमेंट है। इस संगोष्ठी के अवसर पर, विभिन्न दिग्गज विद्वानों ने हिंदी भाषा के वर्तमान में होने वाले विविध आयामों पर महत्वपूर्ण और उत्कृष्ट चर्चा की है।

रश्मि, विवेक शुक्ला, और रश्मि शील जैसे विद्वानों ने भी इस संगोष्ठी में अपने दृष्टिकोण और अद्वितीय विचार प्रस्तुत किए। वे हिंदी भाषा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करने का मौका प्रदान करते हैं।कार्यक्रम में दिनेश कुमार मिश्र, अंजू सिंह, प्रियंका, आशीष, हर्ष, ब्रजेश, रामहेत पाल, शशि, छाया आदि उपस्थित रहे।

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