बुरी आदत है ये, ये आदत अभी बदल डालो, वरना एप्पल देख लेगा कहीं आप चाइल्ड पॉर्न तो नहीं देखते!

यदि किसी उपयोगकर्ता के अकाउंट में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी कंटेंट अधिक मात्रा में मिलेंगे तो कंपनी इसकी जानकारी नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइटेड चिल्ड्रन को देगी

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लखनऊ / दिल्ली । एप्पल ने गुरुवार को घोषणा की है कि वह बाल यौन शोषण की तस्वीरें के लिए यूजर्स की आईक्लाउड तस्वीरों का विश्लेषण करने के लिए नया सॉफ्टवेयर लॉन्च करेगा। इस नए सॉफ्टवेयर का उपयोग यूजर्स के आईक्लाउड में से फोटो की जांच करते हुए या पुष्टि की जाएगी कि कहीं इस में बाल यौन शोषण तस्वीरें तो नहीं। यदि किसी उपयोगकर्ता के अकाउंट में ऐसी तस्वीरें मिली तो एप्पल यूजर के बारे में पुलिस को सूचित करेगा।

ब्लू वर्ग की रिपोर्ट के अनुसार एप्पल मैसेजिंग ऐप द्वारा सेंड और रिसीव की गई हर तस्वीरें को एनालाइज करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि या चाइल्ड पॉर्नोग्राफी से जुड़ी हुई ना हो। यदि एप्पल को कोई ऐसी तस्वीर मिल जाती है तो वह तुरंत एप्पल के सर्वर को रिपोर्ट करेगा ।

यही नहीं कंपनी ने चाइल्ड पॉर्नोग्राफी के खिलाफ अपने वॉइस असिस्टेंट सीरी को भी काम पर लगाने की तैयारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक कि यदि यूजर चाइल्ड पॉर्नोग्राफी कंटेंट सर्च करेगा तो सीरी बीच में दखलअंदाजी कर सकती है।

यदि किसी उपयोगकर्ता के अकाउंट में चाइल्ड पॉर्नोग्राफी कंटेंट अधिक मात्रा में मिलेंगे तो कंपनी इसकी जानकारी नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइटेड चिल्ड्रन को देगी। बाल यौन शोषण के खिलाफ जंग में एप्पल जिस तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है उसे न्यूरल # कहा जाता है, जो तस्वीरों को # किया संख्याओं के यूनिक सेट मे कंसल्ट करता है।

एप्पल का यह कदम भले ही प्राइवेसी पर सीधा दखल दे रहा हो लेकिन चाइल्ड पॉर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराध को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

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