लखनऊ /दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग बैठक 2026 की शासी परिषद की 11वीं बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सक्षम नेतृत्व में भारत वैश्विक ऊर्जा संकट के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षित रहा है और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लगातार मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नीति आयोग बैठक 2026 ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए “विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्युमेंट” तैयार किया है। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और नीति आयोग के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे।
CM ने कहा कि प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्र अब बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रथम विद्यालय के रूप में विकसित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 72 हजार सह-स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों को बालवाटिका के रूप में संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए मॉडल के आंगनवाड़ी केंद्र विकसित कर रही है। उन्होंने केंद्र से आंगनवाड़ी भवन निर्माण की निर्धारित लागत के पुनरीक्षण तथा खर्च का वहन महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से किए जाने का अनुरोध किया। नीति आयोग बैठक 2026 में योगी आदित्यनाथ ने टेक होम राशन योजना की लागत को वर्ष 2017 के बाद संशोधित न किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सुझाव दिया कि इसकी लागत को थोक मूल्य सूचकांक से जोड़ा जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण निरंतर उपलब्ध कराया जा सके।
UP के मुख्यमंत्री ने समग्र शिक्षा योजना में राज्य-वित्तपोषित अनुदानित विद्यालयों को शामिल किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 4,512 अनुदानित विद्यालय लाखों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, लेकिन योजना का लाभ न मिलने से विद्यार्थी वंचित रह जाते हैं। उन्होंने इसे “सबको शिक्षा, समान शिक्षा” के संकल्प से जोड़ा।
नीति आयोग बैठक 2026 में मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को विश्व की सबसे दूरदर्शी स्वास्थ्य योजना बताते हुए कहा कि वर्तमान में प्रति परिवार वास्तविक खर्च लगभग 2,900 रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि निर्धारित प्रीमियम राशि 1,102 रुपये है। उन्होंने प्रीमियम राशि को बढ़ाकर 2,400 रुपये प्रति परिवार किए जाने के प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया। (राज्य योजना आयोग की संबधित खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें) स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि एम्स गोरखपुर और रायबरेली ने पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल दी है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के लगभग 9 करोड़ लोग अभी भी उच्च स्तरीय उपचार के लिए दिल्ली और लखनऊ पर निर्भर हैं। उन्होंने इन दोनों क्षेत्रों में एक-एक नए एम्स की स्थापना की मांग की।

नीति आयोग बैठक 2026 में तकनीकी विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ग्रेटर नोएडा में 75 एकड़ भूमि पर एक समर्पित रोबोटिक्स क्लस्टर विकसित करने जा रही है। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र से वित्तीय और तकनीकी सहयोग मांगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वज्रपात से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए एक समर्पित सैटेलाइट उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया, ताकि समय रहते सटीक चेतावनी जारी कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। For more updates follow on X




































