VMOU के VC बोले, Corona के संकट में पत्रकार वो योद्धा है जिसे रिपोर्ट भी करना है और सतर्क भी रहना है

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर.एल. गोदारा ने कहा, कोरोना संघर्ष में मीडिया ने योद्धाओं की तरह काम किया है। जनता को कोविड संक्रमण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि अभी यह वायरस खत्म नहीं हुआ है यह एक लंबी लड़ाई है, इसलिए आगे भी मीडिया की इसी भूमिका की सतत जरूरत है।

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लखनऊ / कोटा। राजस्थान के वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा की ओर से बुधवार को नेशनल वेबीनार का आयोजन किया गया। इसमें कोविड के दौर में मीडिया की चुनौतियां और अवसर विषय पर रोचक संवाद हुआ। वेबीनार की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आर.एल. गोदारा ने कहा, कोरोना संघर्ष में मीडिया ने योद्धाओं की तरह काम किया है। जनता को कोविड संक्रमण के प्रति जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि अभी यह वायरस खत्म नहीं हुआ है यह एक लंबी लड़ाई है, इसलिए आगे भी मीडिया की इसी भूमिका की सतत जरूरत है। कोविड के दौर में हमें बदलावों को स्वीकार करके धैर्य और संतुलन बनाकर आगे बढऩा होगा, तभी कोरोना को मात दे सकेंगे।

वेबीनार के मुख्य अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय के जनसंचार केन्द्र के पूर्व अध्यक्ष प्रो. संजीव भानावत ने प्रिंट टीवी-रेडियो और सोशल मीडिया में कोरोना से उपजी समस्याओं को इंगित करते हुए उसके समाधान पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा, इस दौर में वर्क फ्रॉम होम की नई शैली भी विकसित हुई है।

विशिष्ट अतिथि हिंदुस्तान टाइम्स के ब्यूरो चीफ डॉ राकेश गोस्वामी जयपुर से वेबीनार में जुड़े उन्होंने कहा आज मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ी है, लेकिन तकनीक का इस्तेमाल एक तबका ज्यादा कर रहा है और कुछ लोग अब भी तकनीक से दूर हैं। उन्होंने दोहराया कि इसी इनफारमेशन डिवाइड से हमें बचना होगा। उन्होंने पत्रकारों को पूरी सतर्कता के साथ काम करने की सलाह दी।

पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग के अध्यक्ष एवं वेबीनार के संयोजक डॉ सुबोध अग्निहोत्री

वेबीनार के अंतिम सेशन में सवाल जवाब का सिलसिला शुरू हुआ जिसमें मीडिया के छात्रों समेत अन्य विधाओं के लोगों ने भी सवाल पूछे। पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग के अध्यक्ष डॉ सुबोध अग्निहोत्री ने एक सवाल के जवाब में बताया कि अगर हिंदी में पत्रकारिता करनी है तो अंग्रेजी के अलावा एक और भाषा सीखिए, अगर अंग्रेजी पत्रकारिता करनी है तो हिंदी के अलावा एक और भाषा आपको सीखनी होगी। कागज कलम दवात माइक कैमरा के साथ साथ Techno friendly बनिये और अपने कंटेंट को तथ्य (fact) के इमान पर हमेशा जज करते रहिये। अगर आप ऐसा करते हैं तो मीडिया में स्वाभिमान के साथ नौकरी करते हुए आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जन संचार विभाग द्वारा आयोजित नेशनल वेबीनार में सेंट्रल यूनिवर्सिटी शिमला के डॉ प्रमोद कुमार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार एवं यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर मुहम्मद मेराज समेत कई विद्वानों ने  प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया  ।

देश के 24 राज्यों के 226 प्रतिभागियों ने वेबीनार में हिस्सा लिया। प्रो. गोपाल सिंह नरूका, UPRTO University प्रयागराज की डॉ साधना श्रीवास्तव सहित कई शिक्षाविद भी इसमें शामिल हुए। आयोजन समिति के संयोजक डॉ सुबोध अग्निहोत्री ने कुलपति प्रो गोदारा, गेस्ट स्पीकर्स, एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद दिया और विशेष रूप से आयोजन समिति के सचिव डॉ पातंजलि मिश्रा को वेबीनार के सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी की टेक्निकल टीम के साथियों सौरभ, मयंक अतुल का भी धन्यवाद दिया। 

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  1. आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ सुबोध अग्निहोत्री जी के नेतृत्व में शानदार वेबिनार हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो गोदारा जी की प्रेरणा को नमन

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