पापा ने अपनी परी को पढ़ने के लिए मोबाइल दिया और परी ने दूसरी परियों को बेपर्दा कर दिया!

देखने में आया है कि जो लड़के लड़कियां आपत्तिजनक मैसेज और वीडियो का आदान प्रदान करते हैं, उन्हें यह अच्छी तरह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर प्राइवेसी नहीं है कंपनियां चाहे कितना भी दावा करें, लेकिन ऐसे साइबर एक्सपर्ट सक्रिय है जो किसी के भी मोबाइल से कुछ भी चुरा सकते हैं यदि किसी लड़की ने अपने दोस्त को कोई मैसेज भेजा है तो वह सुरक्षित रहेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

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पंजाब के मोहाली स्थित निजी क्षेत्र की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का मामला अब पूरे देश के सामने हैं ओराप है कि यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा ने अपने दोस्त के दबाव में हॉस्टल में रहने वाली अन्य लड़कियों के नहाते हुए वीडियो बनाए पुलिस का दावा है कि आरोपी छात्रा ने सिर्फ एक वीडियो ही शिमला में रहने वाले अपने पुरुष दोस्त को भेजा है आम आदमी पार्टी के शासन वाले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल अब कुछ भी दावे करें, लेकिन इस घटना से एक भयावह तस्वीर सामने आई है।

क्या कोई माता-पिता कल्पना कर सकता है कि हॉस्टल में रहने वाली उनकी बेटी का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया जाए? भगवंत मान और केजरीवाल की पुलिस चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के इस शर्मनाक प्रकरण की जांच तो करेगी ही, लेकिन विद्यार्थियों और अभिभावकों को इस घटना से सबक सीखने की जरूरत है यह माना कि स्टडी के लिए अब मोबाइल जरूरी हो गया है अभिभावकों की मजबूरी है कि बच्चों को मोबाइल उपलब्ध करवाएं धनाढ्य परिवार के बच्चे तो अपनी मर्जी से मोबाइल खरीदते हैं।

बच्चों को मोबाइल पर सतर्कता बरतने की जरूरत है अच्छा हो कि मोबाइल का उपयोग सिर्फ स्टडी के लिए ही किया जाए, लेकिन हम देख रहे हैं कि मोबाइल का कितना दुरुपयोग हो रहा है चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रकरण में नहाने वाली लड़कियों का कोई दोष नहीं है, लेकिन अनेक मामलों में देखा जाता है कि लड़के लड़कियां आपत्तिजनक मैसेज, फोटो और वीडियो एक दूसरे को भेजते हैं यह बहुत ही खतरनाक स्थिति है इसमें कई लड़कियां बाद में ब्लैकमेलिंग का शिकार भी हो जाती है।

देखने में आया है कि जो लड़के लड़कियां आपत्तिजनक मैसेज और वीडियो का आदान प्रदान करते हैं, उन्हें यह अच्छी तरह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर प्राइवेसी नहीं है कंपनियां चाहे कितना भी दावा करें, लेकिन ऐसे साइबर एक्सपर्ट सक्रिय है जो किसी के भी मोबाइल से कुछ भी चुरा सकते हैं यदि किसी लड़की ने अपने दोस्त को कोई मैसेज भेजा है तो वह सुरक्षित रहेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

यहां यह लिखना भी जरूरी है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पास मोबाइल की सुविधा पर अभिभावकों को विचार करना चाहिए सवाल उठता है कि स्कूल जाने वाली एक छात्रा को स्कूल और घर के बीच मोबाइल की क्या जरूरत है? कई मामलों में देखा गया है कि मोबाइल फोन लड़कियों के लिए मुसीबत बन जाते हैं यह माना कि लड़कियां आजादी के साथ रहने का अधिकार रखती है, लेकिन मोबाइल से उत्पन्न होने वाली बुराइयों से लड़कियों को सावधान रहने की जरूरत है।

स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली जब कोई लड़की बंद कमरे या अकेले में घंटों बात करती है तो फिर अभिभावकों के लिए यह चिंता की बात है मॉर्डन पेरेंट्स माने या नहीं लेकिन मोबाइल उनके बच्चों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं अनेक अध्ययन बताते हैं कि मोबाइल से युवा वर्ग तनाव में रहने लगा है इसका मुख्य कारण भावनाओं में बह कर आपत्तिजनक मैसेज और वीडियो का आदान प्रदान है।

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