लखनऊ /कानपुर /नई दिल्ली। प्रधानमंत्री Narendra Modi से आज नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं प्रदेश की कुलाधिपति Anandiben Patel ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को शिक्षा मंथन पुस्तक भेंट करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में किए जा रहे नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों की जानकारी दी। यह मुलाकात शिक्षा के क्षेत्र में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित ‘शिक्षा मंथन-2023’ की विस्तृत रिपोर्ट भी सौंपी। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में आयोजित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किए जा रहे प्रयासों से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। प्रदेश में पहली बार इस प्रकार का भव्य और व्यापक शिक्षा मंथन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुआ।
शिक्षा मंथन का यह आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संभव हो सका। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे संस्थान के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण बताया है। शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों, कुलपतियों, शिक्षाविदों तथा नीति निर्माताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया।
आपको बता दें कि Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University में आयोजित दो दिवसीय शिक्षा मंथन 2023के दौरान 8 जुलाई को उच्च शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, नैक मूल्यांकन प्रणाली, नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF), क्यूएस एशिया एवं ग्लोबल रैंकिंग, मातृभाषा में पुस्तक निर्माण, अनुवाद कार्य, परीक्षा सुधार तथा शिक्षा में तकनीकी नवाचार जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे।

शिक्षा मंथन कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना था। “शिक्षा मंथन-2023” ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, शोध, नवाचार और मातृभाषा आधारित अध्ययन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई सोच प्रस्तुत की है। प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात निश्चित रूप से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करने वाली मानी जा रही है। For more updates follow on X

































