पंजाब के मुख्यमंत्री सुरक्षा के नाम पर सरकारी भौकाल नहीं रखेंगे

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का मानना है कि जितनी सुरक्षा व्यवस्था से उनका व अन्य नेताओं का काम चल सकता है, उतना ही सुरक्षा बेड़ा उनके पास रखा जाए। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बेवजह सुरक्षा लाव-लश्कर अपने साथ लेकर नहीं चलेंगे

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लखनऊ / दिल्ली / चंडीगढ़। पजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी सुरक्षा को घटाने की घोषणा कर दी है। वह अपने साथ जरूरत से ज्यादा सुरक्षा कर्मियों का लाव-लश्कर लेकर चलने के पक्ष में नहीं हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी सुरक्षा को कम करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि मैं आप में से एक हूं और मुझे अपने ही भाइयों से सुरक्षित रहने के लिए 1000 सुरक्षा कर्मियों की सेना की जरूरत नहीं है। शपथ ग्रहण के बाद भी मुख्यमंत्री ने अपने आपको आम आदमी बताया था। उनका फोकस पंजाब में वीआईपी कल्चर को खत्म करने पर है।

कपूरथला में मुख्यमंत्री चन्नी बोले, जिस दिन दा मुखमंत्री बनेयां, मैं परेशान हो गया, कित्थे फंस गया मैं। मैं आजाद बंदा आ… मेरे आले-दुआले एनी सिक्योरिटी। बोले आपको पता है की मेरी सिक्योरिटी में 1000 लोग और 200 गाड़ियां लगी हैं। उन्होंने कहा कि मैंनै अपने सचिव राहुल तिवारी से सिक्योरिटी कम करने के बारे में पूछा तो वह बोले कि इंटेलिजेंस ने कहा है कि सिक्योरिटी कम नहीं हो सकती।

अगर कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा। मैंने कहा कि मुझे कौन मारेगा। मुझे मारकर किसी को क्या मिलेगा। सिक्योरिटी हटाओ, कुछ होगा तो उसकी जिम्मेदारी मैं लेता हूं। यूं ही 1000 लोग मेरे पीछे घुमाए हुए हैं। मैं कोई सुखबीर बादल थोड़ा हूं। जो इतने गनमैन लेकर चलने है। यूं ही सिक्योरिटी का स्टेटस सिंबल बना रखा है। ऊपर से बादलों ने कमरे-कमरे जितनी बड़ी गाडियां खरीद रखी हैं। दो करोड़ की एक है, गाडियों की जगह ये पैसा गरीबों पर खर्च कर देते। ऐसी आठ गाडियां आगे-पीछे घूमती रहती हैं।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का मानना है कि जितनी सुरक्षा व्यवस्था से उनका व अन्य नेताओं का काम चल सकता है, उतना ही सुरक्षा बेड़ा उनके पास रखा जाए। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बेवजह सुरक्षा लाव-लश्कर अपने साथ लेकर नहीं चलेंगे। जरूरत के हिसाब से सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा।

पंजाब में अन्य नेताओं की सुरक्षा की भी समीक्षा होगी। यह जानकारी डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दी थी। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं और राज्य में अन्य लोगों को प्रदान की गई सुरक्षा की समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार वीआईपी कल्चर को पूरी तरह से खत्म करेगी।

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