
लखनऊ। 25 नवंबर 2023 को लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपना 103वां स्थापना दिवस विशेष रूप से मनाया। अंतर्राष्ट्रीय पूर्व छात्र सम्मेलन (Alumni) के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह भव्य रूप से मनाया गया जिसमें भारत सरकार की शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें मंगलाचरण, शाम-ए-अवध, कथक नृत्य, जश्न-ए-महफ़िल तथा सूफी नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ औपचारिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
VC प्रोफेसर आलोक कुमार राय ने लखनऊ विश्वविद्यालय स्थापना दिवस की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसकी आयु से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उसके योगदान से होती है। उन्होंने शिक्षा, शोध और नवाचार को समाज की आवश्यकताओं से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि मानवता और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने बताया कि लखनऊ विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय है तथा NAAC से A++ ग्रेड प्राप्त करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय भी है। साथ ही विश्वविद्यालय ने NIRF, QS और THE जैसी वैश्विक रैंकिंग में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
कुलपति ने छात्र-केंद्रित पहलों जैसे “कॉफी विद वीसी”, छात्र ओपीडी, रिसर्च प्रोत्साहन नीति और नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में कृषि संकाय, वैकल्पिक चिकित्सा विभाग तथा भविष्य में प्रदर्शन कला संकाय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सभी हितधारकों से विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग का आह्वान किया इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छह प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया, जिनमें डॉ. रितु करिधल, प्रतीक त्रिवेदी और न्यायमूर्ति अताउ रहमान मसूदी सहित अन्य विशिष्ट व्यक्तित्व शामिल थे।
मुख्य अतिथि अन्नपूर्णा देवी ने लखनऊ विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह में अपने संबोधन में कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय एक सदी से अधिक समय से ज्ञान, शोध और व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने छात्रों से आत्मनिर्भरता, नवाचार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की NAAC A++ मान्यता, NIRF रैंकिंग और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सफल क्रियान्वयन की सराहना करते हुए इसे देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान दें। धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। For more updates follow on X































