किसी भी प्रावधान का उल्लंघन हुआ है तो इसका जवाब सरकार को देना होगा….सुप्रीम कोर्ट

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भारत का सर्वोच्च न्यायालय

नई दिल्ली: पांच राज्यों में चुनाव को देखते हुए केंद्रीय बजट को टालने की गुहार पर याचिकाकर्ता से सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय संविधान या कानून का वह प्रावधान बताने के लिए कहा है जिससे सरकार को बजट टालने का निर्देश दिया जा सकता है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि आखिर बजट एक फरवरी को पेश हो या एक मार्च को, इससे क्या फर्क पड़ता है। मालूम हो कि इस वर्ष केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश होना प्रस्तावित है। आपको बता दें चीफ जस्टिस जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिकाकर्ता वकील मनोहर लाल शर्मा से कहा कि हमें आपकी याचिका में दम नहीं नजर आ रहा है लेकिन फिर भी हम समय देते हैं कि आप बताइए कि आखिर संविधान या कानून का ऐसा कौन सा प्रावधान है जिसकी अनदेखी हो रही है। पीठ ने याचिकाकर्ता को एक हफ्ते का वक्त देते हुए अपनी याचिका के साथ पुख्ता तथ्य जुटाने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि अगर किसी प्रावधान का उल्लंघन हुआ है तो हम सरकार से इसका जवाब मांगेंगे। साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा, ‘यह महज बजट पेश करने का मसला है। सभी लोग यह जानना चाहते हैं अगले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की क्या योजना है। इसमें गलत क्या है?’

 

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