पानी-पानी चिल्ला रहे परिवहन विभाग के यात्री और बसड्डे

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मऊ से विनय श्रीवास्तव 

एक तरफ जहाँ परिवहन मंत्री ताबड तोड़ बैठक कर यात्री सुविधाओं और रोडवेज की आय को बढ़ाने के लिए सचेत हैं, वहीँ प्रदेश में जहां पारा 40 डिग्री के पार है यानी गर्मी अपनी चरमसीमा पर है रोडवेज को लाखों की आय देनेवाला यात्री खुद पानी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है|यह हाल है प्रदेश के मऊ जनपद का जहां पानी जैसी तमाम मूलभूत सुविधाओं के लिए यात्री दर दर भटक रहे हैं |जब वहां पर मीडिया पहुंचने की सूचना मिली तब एआरएम महोदय खुद खड़े होकर साफ सफाई करवाने लगे और कर्मचारियों के साथ खुद खड़े होकर पुरानी और रद्दी पड़े फाइलों को कूड़े में फेकवाना शुरु कर दिया |आप सोच सकते हैं कि इस  चिलचिलाती धुप में जब परिसर में लगा एकमात्र हैंडपंप जो पानी की जगह सिर्फ हवा दे रहा हो तो क्या होगा |पीने के लिए पानी की टोंटी तो लगी हुई है लेकिन पानी ही नदारत है | यात्री मजबूरन महंगे दामों पर पानी खरीदने को विवश है|
जब इस मामले में एआरएम वी . एन . त्रिपाठी से बात हुई तो बताया कि भवन के पुनर्निर्माण का काम कुछ ही समय में लगने वाला है जिसकी वजह से इसे दुरुस्त कराने में रुचि नहीं दिखाई गई|अब एआरएम महोदय को कौन बताए कि पानी और सफाई जैसी चीज है जो कि यात्रीयों की मूलभूत सुविधाओं में शामिल है| एआर को शायद यह नहीं मालूम कि कैमरा झूठ नहीं बोलता उनका कहना है कि हैंड पाइप तो काम कर रहा है हां टूटिया खराब है लेकिन कैमरे पर हैंड पाइप सिर्फ हवा दे रहा था कार्यालय के अंदर कर्मचारियों द्वारा तंबाकू बनाए जाने के बाद पूछा गया तो उन्होंने कहा कि नहीं यह सरासर गलत है अगर पकड़े जाएंगे तो कार्रवाई की जाएगी| परिसर में शराब की बोतलों के बाबत सफाई देते हुए बताया कि यहां पर गेट नहीं है और सार्वजनिक प्लेस से कोई भी आ-जा सकता है | हलाकि
सहायक  क्षेत्रय प्रबंधक ने बताया कि पानी के ना होने के बाबत दो दिन पहले पत्र लिखा है| आखिर ऐसा परिवहन विभाग का गैर जिम्मेदाराना रेवैया कब तक चलेगा आने वाला वक्त बताएगा|

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