लखनऊ । वी द न्यू डिफीनिशन आफ यंगस्टर्स फाउंडेशन के तत्वाधान में चल रहे पैगाम 2019 के सेमीफाइनल के तीसरे चरण में रविवार को शहर के तीन मुख्य स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया । पहले चारबाग़ जंक्शन पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपना नुक्कड़ प्रस्तुत किया। इसके बाद रूमी दरवाजे पर अंबालिका इंस्टिट्यूट और रिवर फ्रंट पर एमवी मीडिया इंस्टीट्यूट ने अपनी प्रस्तुति दी।

आपको बताते चलें कि पैगाम 2019 का संदेश है कि “जन-जन तक पहुंचे पैगाम। दहेज देना भी है हराम।” इस विषय पर 5 अक्टूबर 2019 शनिवार को गोमती रिवरफ्रंट पर प्री राउंड का आयोजन किया गया था, जिसमें दस टीमें उपस्थित थी। इन सभी टीमों ने उक्त विषय पर अपने-अपने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी ।
पैग़ाम 2019 के सेमीफाइनल मुकाबले 11 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2019 तक शहर के विभिन्न चौराहों पर किए जा रहे हैं जिनमें चयनित 10 टीमों को अलग-अलग जगहों पर अपने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुतियां दे रही हैं।

आज के नुक्कड़ नाटकों में निर्णायक की भूमिका अधिवक्ता मोहित निगम, अच्युत अवस्थी, मंगला तिवारी के साथ साथ सुश्री वर्तुल, सुश्री काव्या एवं सुश्री मुकेश कुमार ने निभायी । निर्णायक मंडल ने तीनों टीमों के प्रयासों को सराहा ।

इस अवसर पर लोगों ने दहेज जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने और समाज को जागरूक के लिए वी द न्यू डेफिनेशन ऑफ यंगस्टर्स फाउंडेशन के अभिनव पहल को सराहा और इस प्रयोग से जुड़े सभी लोगों शुभकामनाएं दीं।






































