लखनऊ/अयोध्या। अयोध्या धाम स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नव निर्मित मां दुर्गा मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण का पावन अनुष्ठान श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। माता दुर्गा के साप्ताहिक दिवस शुक्रवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मातृशक्ति को समर्पित किया। इस अवसर पर “सुंदरकांड महा अभियान – भारत वर्ष की बने पहचान” की प्रमुख और सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
सपना गोयल ने कहा कि सुंदरकांड का नियमित पाठ व्यक्ति के जीवन को सुंदर, सकारात्मक और संस्कारित बनाता है। यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम भी है।
सुश्री सपना ने News DON को बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर राम मंदिर आंदोलन की प्रमुख वक्ता साध्वी ऋतंभरा तथा केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मां दुर्गा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराई। ध्वजारोहण से पूर्व राम मंदिर परिसर की यज्ञशाला में विशेष वैदिक अनुष्ठान और पूजन भी आयोजित किया गया।
सपना गोयल ने कहा कि उनका संकल्प भारत को पुनः “विश्व गुरु” के रूप में प्रतिष्ठित करने का है। इसी उद्देश्य से “ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति” के माध्यम से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ तथा प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के झूलेलाल घाट पर पांच हजार से अधिक महिलाओं द्वारा सामूहिक सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया था। इसके बाद नैमिषारण्य, काशी, हरिद्वार, चित्रकूट, प्रयागराज, कानपुर, मथुरा और अयोध्या सहित अनेक प्रमुख तीर्थस्थलों पर विशाल सुंदरकांड महायज्ञ आयोजित किए जा चुके हैं।

सुंदरकांड महा अभियान की संयोजिका सपना गोयल ने बताया कि यह अभियान अब उत्तर प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। आगामी चरण में लखनऊ में 11 हजार महिलाओं के सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन प्रस्तावित है। इसके साथ ही समिति द्वारा “सेवा परमो धर्म:” के भाव से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए कंबल वितरण, भंडारे और अन्य सेवा कार्य भी निरंतर संचालित किए जा रहे हैं। सपना गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक सेवा के संयुक्त प्रयासों से भारत की सांस्कृतिक विरासत और अधिक सशक्त होगी।




































