Supreme Court On Manipur Violence… सरकार कारवाई करे नहीं तो!

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मणिपुर सरकार से ये बताने को कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए उन्होंने क्या कार्रवाई की है। मीडिया में दिखाई देने वाले दृश्यों के बारे में जो दिखाया गया है वह गंभीर संवैधानिक उल्लंघन और महिलाओं को हिंसा के साधन के रूप में उपयोग करके मानव जीवन का उल्लंघन दर्शाता है, जो संवैधानिक लोकतंत्र के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार उनके द्वारा उठाए गए कदमों से अदालत को अवगत कराएं

0
485
भारत का सर्वोच्च न्यायालय

लखनऊ /दिल्ली । पूर्वोत्तर का मणिपुर पिछले कुछ दिनों से लगातार साम्प्रदायिक हिंसा की गिरफ्त में है बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court On Manipur Violence) ने कहा है कि मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न कर घुमाने का जो वीडियो सामने आया है वो वास्तव में परेशान करने वाला है। News DON की ताजातरीन रिपोर्ट के लिए यहाँ क्लिक करें। 

A Manipur girl Protest against Violence with Play Card save Manipur
मणिपुर की बेटी Save Manipur की गुहार लगाते हुए

भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) डीवाई चंद्रचूड़ ने सरकार से कार्रवाई करने को कहा है CJI का कहना है कि यह बिल्कुल अस्वीकार्य है कि सांप्रदायिक झगड़े के क्षेत्र में महिलाओं को एक उपकरण के रूप में उपयोग किया जाये। उन्होंने दो टूक कहा कि जो वीडियो सामने आए हैं उससे हम बेहद परेशान हैं। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करेगी तो हम करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया (Supreme Court On Manipur Violence ) का कहना है कि अब समय आ गया है कि सरकार वास्तव में कदम उठाए और कार्रवाई करे। संवैधानिक लोकतंत्र में इस प्रकार की घटना बिल्कुल अस्वीकार्य है। यह बहुत परेशान करने वाली घटना है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court On Manipur Violence) ने केंद्र और मणिपुर सरकार से ये बताने को कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए उन्होंने क्या कार्रवाई की है। मीडिया में दिखाई देने वाले दृश्यों के बारे में जो दिखाया गया है वह गंभीर संवैधानिक उल्लंघन और महिलाओं को हिंसा के साधन के रूप में उपयोग करके मानव जीवन का उल्लंघन दर्शाता है, जो संवैधानिक लोकतंत्र के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार उनके द्वारा उठाए गए कदमों से अदालत को अवगत कराएं।सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले शुक्रवार को तय की है। For more updates follow on X 

LEAVE A REPLY