लखनऊ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का हाल अगर आपको देखना है तो आईये प्रदेश की राजधानी के शंकर पुरवा द्वितीय वार्ड का जायजा लेते हैं यहाँ स्वच्छता अभियान इस कदर उफान पर है कि पूरे वार्ड की नालियां बजबजा रही हैं, जहरीले कीड़े मकोड़े उसमें अटखेलियाँ कर रहे हैं और नालियों का पानी नालियों के बाहर चोक कर रहा है।
शायद स्वयं मोदीजी ने झाडू उठाकर ऐसे ही स्वच्छ भारत व स्वस्थ भारत की परिकल्पना की थी और हमारे जोनल साहब भगवान कृष्ण के भाई बलराम से विद्या प्राप्त कर समाजवादी सागर में यदुवंश की परंम्परा का निर्वाचन कर रहे हैं और गीता के ज्ञान से सराबोर हैं कि क्या लेकर आएं थे और क्या लेकर जाऐंगे, बस यदुवंशी बलदाऊ की कृपा बनी रहे तो राजयोग को कोई भी योगी या संन्यासी नहीं मिटा सकता है।
उपरोक्त भाव वार्ड के निवासी जेबी सिंह के हैं उन्होंने बताया कि अपर नगर आयुक्त अमित कुमार को अनेकों बार अवगत कराया परन्तु वार्ड को उन्होंने आनन्दमग्न कर दिया और जिस संविदा कर्मचारी रामू को लापरवाही बरतने के आरोप में पूर्व नगर बिकास मंत्री माननीय सुरेश खन्ना साहब ने तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया था, उसे ही पाँच हजार के जुर्माने के साथ सफाई कर्मचारी के रूप में बहाल कर दिया , ऐसे दोनों संबिदा कर्मियों को सुपरवाइजर बनाकर स्थाई सुपरवाइजर सोहन लाल को किसी के इशारे पर हटाकर वार्ड को नरक बनाने का ठेका दे दिया । वो बताते हैं कि अनेकों बार अवगत कराने के बावजूद सफाई ब्यवस्था नहीं दे पा रहे हैं।
आनन्द तो इतना आनन्दमग्न है कि नाले की सफाई का ठेका हुआ परन्तु नाला सफाई नहीं हुआ परन्तु ठेंगा जरूर दिखा दिया क्योंकि इंस्पेक्टर बृजेश प्रजापति कानपुर अपने घर पर बैठकर राजनेताओं की तरह बिडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्भवतः सफाई का निर्देश दे रहे हैैं , जिनकी अनेकों शिकायतें मुख्यमंत्री पोर्टल पर मौजूद हैं और वह मनमाना जबाब देकर निस्तारण कराता रहता है, अब पोर्टल को कहाँ फुर्सत कि सत्यापन कराये।
जेबी सिंह का ये भी कहना है कि नगर बिकास मंत्री से करोना काल में सम्पर्क नहीं हो पाया, परन्तु उनके ओ.एस.डी. कन्नौजिया साहब से अनेकों बार यहां की स्अ्थि्थिति से अवगत कराया गया परन्तु वह हर बार कहते हैं कि “जोनल को बोल रहा हूँ “और जोनल सुनता नहीं है। यह बडी विषम स्थिति है कि ” हम जाएं तो जाएं कहाँ “
उनका कहना है कि तभी रामराज्य सम्भव है जब अकर्मण्य एवं निकृष्ट लोगों को हटा कर कर्मठ एवं क्रियाशील लोगों को पदस्थापित किया जायेगा वरना मोदी एवं योगी की परिकल्पना के पंख उडान नहीं भर पाऐंगे और पंखों के अभाव में सपनों की उड़ान इन्हीं बजबजाती नालियों और टूटी फूटी सड़कों के भंवर में धराशायी हो जाएंगी।






































