वाराणसी- उत्तर प्रदेश के बनारस पुलिस के आलाधिकारी चाहे जितने भी यह दम्भ भर ले कि पुलिस के रवैये पहले
से सुधर गये है और वह जनता से मैत्री व्यव्हार रखती है हालाँकि यह महज चंद पुलिसकर्मियों ने ऐसे बदलाव अपने अंदर लाये है। आज भी विभाग में बदमिजाज और रौब गांठ कर कानून को ठेंगा दिखाने वाले पुलिसकर्मी मौजूद है। सपा सरकार जाने के बाद भी विशेष पार्टी के रहमोकरम पर थानेदारी या तैनाती पाये दारोगा अपनी मानसिकता में बदलाव नही ला पा रहे है। होली पर्व पर जब पूरा शहर रंग में सराबोर हो रहा था उस वक़्त शिवपुर थाना क्षेत्र के तरना घोरहा स्थित नंदू यादव, मंशा यादव और भरत यादव डीजे पर नर्तकी का डांस करा रहे थे।आयोजक मंडल के लोग शराब के नशे में धुत होकर पड़ोसी डब्बू उपाध्याय के घर चढ़ कर उनकी पिटाई भी किए। इस दौरान शराबियो ने डब्बू के घर में घुसकर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार व तोड़फोड़ भी किया। बीच बचाव करने गए पंकज दुबे को भी मनबढ़ों ने पीट कर घायल कर दिया।मारपीट की सूचना डब्बू उपाध्याय के परिजनों ने वरिष्ठ पत्रकार विनय कुमार मौर्या को दी। सूचना पर मौर्या जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने घटना की जानकारी एसपी सिटी राजेश यादव को दी। सिटी एसपी के निर्देश पर शिवपुर के कार्यवाहक थानाध्यक्ष अनिल सिंह मौके पर गए मगर वह भी नर्तकी के ठुमके देखकर बिना किसी कार्यवाही के वापस लौट आये। इस बाबत श्री मौर्य ने जब थाने के सीयूजी नम्बर पर बात की तो दारोगा अनील पुनः मौके पर पहुंचे और पीड़ित संग पत्रकार को जीप में ठूस कर थाने लेकर आ गए। मनबढ़ दरोगा मनबढई की पराकाष्ठा को पार कर पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार कर 151 सीआरपीसी के तहत चालान कर दिया। घटना से आक्रोशित पत्रकारों का एक प्रतिनिधि मंडल उसी वक़्त डीआईजी वाराणसी रेंज विजय भूषण से मिलकर घटना की जानकारी दी।डीआईजी ने एसपी सिटी को दरोगा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का निर्देश देते हुए थानेदार को फटकार लगाई थी। बाबजूद इसके कार्यवाही होता न देख घटना से उबल रहे पत्रकारों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने पुलिस कप्तान नितिन तिवारी से मिलकर कार्यवाही की मांग की है। एसएसपी ने तत्काल जाँच कर कार्यवाही के आदेश दे दिये है। हालाँकि अब देखना यह है कि क्या पुलिस कप्तान अपने विभाग को बचाते है या फिर पत्रकारों के साथ न्याय करते है।






































