लखनऊ (राज्य मुख्यालय) । प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने मऊ भ्रमण के दौरान मधुबन तहसील के पदारथपुर में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र का विधिवत भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। लगभग 61.11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अत्याधुनिक विद्युत उपकेंद्र की कुल क्षमता 2×63 एमवीए (126 एमवीए) होगी, जिससे मऊ जनपद की मधुबन तहसील तथा बलिया जनपद की बेल्थरा रोड तहसील के लाखों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर मंत्री एके शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती विद्युत मांग और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए इस नवीन विद्युत उपकेंद्र का निर्माण अत्यंत आवश्यक था। वर्तमान में क्षेत्र के निकटतम 132 केवी उपकेंद्र कटघर महलू, सेभरी जमालपुर एवं सिकंदरपुर (बलिया) काफी दूरी पर स्थित हैं, जिसके कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती थी।उन्होंने बताया कि नए उपकेंद्र के निर्माण के बाद 33 केवी लाइनों की लंबाई कम हो जाएगी, जिससे ब्रेकडाउन की घटनाओं में कमी आएगी तथा लो-वोल्टेज की समस्या से भी राहत मिलेगी। इससे बेलौली, भोलना पार, मधुबन ओल्ड, बेल्थरा रोड, पशुहारी एवं दुपार सहित कई विद्युत उपकेंद्रों की आपूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।
बिजली मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मां सरयू के आशीर्वाद से मधुबन की पावन धरती पर एक और संकल्प साकार हुआ है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक विद्युत उपकेंद्र नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास, उद्योग, शिक्षा और जनसुविधाओं को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के नेतृत्व में गांव-गांव तक बेहतर विद्युत व्यवस्था पहुंचाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों का जीवन आसान हो सके।

मंत्री श्री शर्मा ने कार्यक्रम में पांच हजार से अधिक संख्या में पहुंचे लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मा. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील, मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के आह्वान तथा उनके आग्रह पर भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद सैकड़ों लोग ई-रिक्शा, साइकिल और पैदल कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने इसे जनभागीदारी और क्षेत्रीय विकास के प्रति जनता के विश्वास का प्रतीक बताया। प्रस्तावित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र पदारथपुर के निर्माण से मऊ एवं बलिया जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति अधिक विश्वसनीय एवं निर्बाध हो सकेगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों, व्यापारियों एवं छोटे उद्योगों को पर्याप्त लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई ऊर्जा प्राप्त होगी।






































