उन्नाव: उप संभागीय परिवहन कार्यालय का विवादों से पुराना नाता है। परिवहन कार्यालय में सरकारी बाबू से ज्यादा प्राइवेट कारीगर का वर्चस्व रहता है। छोटे-छोटे कामों के लिए जरूरतमंदों को महीनों भटकना पड़ता है। ऐसे लोगों में रोष बढ़ता है और महौल में गर्माहट आती है। चालक के लाइसेंस रिन्यू के लिए गए वाहन स्वामी के खिलाफ एआरटीओ ने मुकदमा पंजीकृत कराया है। एआरटीओ ने वाहन स्वामी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व अपशब्दों का प्रयोग करने के मामले में शिकायती पत्र थाने में दिया है। पुलिस ने आरोपी वाहन स्वामी को गिरफ्तार कर लिया।
मामला सदर कोतवाली क्षेत्र कहां है लखनऊ कानपुर बाईपास परिस्थित उप संभागीय परिवहन कार्यालय आए दिन चर्चा में बना रहता है।
कभी गोली की गूंज तो कभी अधिकारियों व पुलिस के बूटों की आवाज गूंजा करती हैं। इसी क्रम में आज एक और अध्याय उस समय जुड़ गया जब उप संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासनिक माला बाजपेई ने वाहन स्वामी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत करवाया। माला बाजपेई ने पत्रिका संवाददाता से बातचीत के दौरान बताया कि मार्शल बस सर्विस के मालिक मोहम्मद इस्लाम काम कराने के लिए आए थे। उन्होंने प्रक्रिया के अनुसार काम कराने को कहा तो भड़क गए और सरकारी काम में बाधा डालने लगे। मोहम्मद इस्लाम में अपशब्दों का प्रयोग किया। माला बाजपेई ने बताया कि मोहम्मद इस्लाम के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा व अपशब्दों का प्रयोग करने को लेकर मुकदमा पंजीकृत कराया है। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद सलाह को पकड़ लिया है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि कार्यालय में आकर जो भी लोग बदमशी करते हैं या करने का प्रयास करते हैँ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है और मुकदमा पंजीकृत कराया जाता है। पुलिस आगे की कार्रवाई करती है। उप संभागीय परिवहन कार्यालय में कार्य से आए लोगों ने बताया कि उन्हे कई कई चक्कर लगाने के बाद भी उनके काम नहीं होते हैं। इससे काफी समस्या खड़ी होती है। ना तो लाइसेंस समय से मिलता है और न ही अन्य कार्य पूरे होते हैं। यदि इस विषय में कोई कुछ बोलता या पूछताछ करता है तो उसके साथ विभागीय बाबू व तथाकथित दलाल रूपी कारीगर लड़ने को तैयार रहते हैं।






































