सहकारिता का भविष्य संवारने के लिए लखनऊ तैयार, कल से तीन दिवसीय सहकार मेले का शुभारंभ

सहकार भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तर प्रदेश में प्रथम बार हो रहा है। इसमें कार्यकर्ताओं के लिए तीन वर्षीय पथदर्शक योजना तैयार होगी। इस अधिवेशन से सहकारिता के पुनरुत्थान के लिए रणनीति तैयार की जायेगी । इस दौरान चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री का निर्वाचन भी होगा।

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लखनऊ (राज्य मुख्यालय) । सहकारिता के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नया इतिहास लिखने जा रहा है। 17, 18 एवं 19 दिसंबर को लखनऊ में आयोजित किया जा रहा सहकार भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन देश के प्रथम केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे । इस अधिवेशन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशिष्ट अथिति के रूप में मौजूद रहेंगे।

सहकार भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तर प्रदेश में प्रथम बार हो रहा है। इसमें कार्यकर्ताओं के लिए तीन वर्षीय पथदर्शक योजना तैयार होगी। इस अधिवेशन से सहकारिता के पुनरुत्थान के लिए रणनीति तैयार की जायेगी । इस दौरान चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री का निर्वाचन भी होगा। यह जानकारी सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीनानाथ ठाकुर ने बुधवार को अधिवेशन के आयोजन स्थल राजकीय पॉलिटेक्निक पर आयोजित प्रेसवार्ता में दी।

न्यूज डॉन के  रिपोर्टर्स प्रिंस और विकास टम्टा के सवाल के जवाब में महामंत्री उदय जोशी ने कहा कि सहकार भारती के इस राष्ट्रीय अधिवेशन का उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों से कोई सरोकार नहीं है यह विशुद्ध रूप से समाज को स्वावलंबी बनाने का एक सतत प्रयास है ये महज एक संयोग है कि इसका राष्ट्रीय अधिवेशन चुनावों से पहले निर्धारित है हालांकि स्थल का निर्धारण तीन वर्ष पूर्व जयपुर के छठे राष्ट्रीय अधिवेशन में ही तय कर लिया गया था।

उन्होंने बताया कि सहकार भारती संगठन 42 वर्षों से सहकारिता के क्षेत्र में कार्यरत है। प्रत्येक तीन वर्ष में इसका राष्ट्रीय अधिवेशन होता है। राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन का दायित्व उत्तर प्रदेश को प्रथम बार मिला है। इस अधिवेशन में यह भी संयोग है कि प्रथम केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित जी इसका उद्घाटन करेंगे । राष्ट्रीय स्तर पर सहकारिता की दिशा तय करने के लिए चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।

इन प्रस्तावों में ‘सशक्त ग्रामीण सहकारी साख वितरण प्रणाली’, ‘सहकारिता के नए आयाम’, ‘सहकारिता के लिए उचित परिवेश निर्माण’ एवं मा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नए सहकारिता मंत्रालय निर्माण के लिए अभिनंदन’ शामिल हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री के निर्वाचन की प्रक्रिया भी संपन्न होगी।

राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी ने पत्रकारों को बताया कि सहकार भारती का 7वां राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संपन्न होने जा रहा है। सम्पूर्ण भारत से सहकार भारती के दायित्ववान 3,000 कार्यकर्ताओं एवं 500 व्यवस्था के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में यह राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न हो रहा है। इस अधिवेशन में ‘हर कदम-हर डगर सहकारिता की ओर’ विषयक विशेष संगोष्ठी भी होनी है।

उन्होंने बताया कि ‘सहकारिता क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विशेष योगदान के लिए सहकार भारती के प्रेरणा पुरुष श्रद्धेय लक्ष्मण राव ईनामदार स्मृति पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। अधिवेशन के दूसरे दिन 18 दिसंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सर कार्यवाह भैयाजी जोशी उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी ने बताया कि इस अधिवेशन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तित्व, सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं शिखर संस्थाओं के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन तीन दिवसों के दौरान संगठनात्मक विषय बिंदुओं के आधार पर विविध सत्रों का संचालन होगा।

राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सहकारी समितियों की शिखर संस्थाओं की प्रेरक कहानियों भी अधिवेशन में सुनाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि सहकार भारती के विगत तीन वर्षों में किए गए कार्यों पर bhi आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। देश की प्रमुख सहकारी समितियों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री एवं प्रदर्शन हेतु सहकार मेला भी लगेगा।

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