राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति ने कहा लखीमपुर में मारे गए पत्रकार के परिजनों को एक करोड़ की सहायता राशि दे सरकार

संवाददाता समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर  पत्रकार रमन कश्यप के निधन पर शोक व्यक्त किया है एवं इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा की है उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि कायरतापूर्ण कृत्य को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

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लखनऊ ( राज्य मुख्यालय) ।  उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने लखीमपुर खीरी घटना में दिवंगत पत्रकार के परिजनों को एक करोड़ की सहायता राशि  और घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। संवाददाता समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर  पत्रकार रमन कश्यप के निधन पर शोक व्यक्त किया है एवं इस बर्बरतापूर्ण घटना की निंदा की है उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि कायरतापूर्ण कृत्य को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

राज्य मुख्यालय संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, सचिव शिव शरण सिंह समेत सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने रमन कश्यप के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। समिति ने राज्य सरकार से मांग किया है कि रमन कश्यप के परिजनों को एक करोड़ की सहायता तुरंत दे एवं घटना की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे।

क्या आप को पता है कि मान्यताप्राप्त होने के साथ-साथ किसी अखबार में काम कर रहे एक युवा पत्रकार का वेतन कितना होता है। लखीमपुर मामले में किसानों और अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद समझौता होने की खबर आपके संज्ञान में होगी। मृतकों के परिजनों को 45-45 लाख दिये जाने की बात है। घायलों को 10 लाख दिये जायेंगे और मृतक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जायेगी  लेकिन अपने फर्ज को अंजाम दे रहे एक पत्रकार की कर्मभूमि पर हत्या हो गई इस बारे में पत्रकार क्या सोच रहे हैं।

यही जानने के लिए हमारी टीम ( रिपोर्टर ज़ीनत, प्रिंस यादव और विकास टम्टा ) ने राज्य मुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ अभिजीत सिन्हा से बात की।

ज़ीनत वारसी : डॉ साहब, आंदोलनकारियों और सरकार में समझौता हो गया है लेकिन एक पत्रकार अपने पत्रकारीय धर्म को निभाते हुए  कर्मभूमि में मारा गया है उसका कहीं कोई जिक्र नहीं है पत्रकार होने के नाते आपको नहीं लगता कि एक पत्रकार के साथ अन्याय हो रहा है?

डॉ अभिजीत सिन्हा : हॉ ज़ीनत, आंदोलनकारियों एवं सरकार के एजेंडे में मारा गया पत्रकार इस पूरे समझौते में कहीं शामिल नही है जबकि पीट-पीटकर ही पत्रकार की हत्या की गई है। सरकार का ध्यान इस पत्रकार की मौत पर होगा या नहीं, मुझे नही पता लेकिन हम सबको लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में साधना न्यूज़ चैनल के तहसील रिपोर्टर रमन कश्यप के परिजनों को मुआवजे का मुद्दा उठाना चाहिए। मैं तो कहूंगा कि आप एक ट्वीट और एक वाट्सएप पोस्ट के जरिए रमन कश्यप के लिए आवाज उठाईये।

डॉ सिन्हा ने कहा कि रमन कश्यप साधना न्यूज़ चैनल के संवाददाता थे रमन के परिवार में इनके पिता हैं उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनके परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनकी आर्थिक सहायता की जाए एवं घटना की उच्चस्तरीय जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाये।

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