ज्ञानवापी का रार : बोर्ड (AIMPLB) बनायेगा क़ानूनी प्रकोष्ठ, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

सर्वोच्च न्यायालय ( Supreme Court of India)  ने अपनी पहली सुनवाई में तथाकथित शिवलिंग वाली जगह सुरक्षित रखने का आदेश दिया था और निचली अदालत के प्रतिबंधों को समाप्त करते हुए मस्जिद में नमाज पढ़ने की  अनुमति दी थी।

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भारत का सर्वोच्च न्यायालय

लखनऊ / बनारस / दिल्ली । पहले तो ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के आदेश को लेकर भड़का हुआ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB)   मस्जिद के वज़ूख़ाने में तथाकथित रुप से शिवलिंग के प्राकट्य के हिन्दू पक्ष के दावे को लेकर आक्रोशित नजर आ रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की एक आनलाइन हंगामी बैठक (Emergency Meeting ) बुधवार को बुलाई गई।

बैठक में ये निर्णय लिया गया कि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ज्ञानवापी मामले में कानूनी कमेटी का गठन करेगा। बोर्ड ने ये भी कहा कि मुसलमान अब और मस्जिदों का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। प्रस्ताव में आगे कहा गया कि साम्प्रदायिक शक्तियां अराजकता पर उतारू हैं और अदालतें भी पीड़ितों को निराश कर रही हैं।

आपको बता दें कि ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है। जस्टिस  डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस नरसिम्हा की बेंच सुबह 11 बजे मामले की सुनवाई करेगी।

आपको बताते चलें कि ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर पूरे देश में एक तूफान खड़ा हो गया है मेनस्ट्रीम मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक और आमजन में इस मुद्दे पर अलग अलग राय देखने को मिल रही है। लोगों की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट पर लगी हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी मामला 19 नंबर पर लगा है सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार समेत सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।

हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ( Supreme Court of India)  ने अपनी पहली सुनवाई में तथाकथित शिवलिंग वाली जगह सुरक्षित रखने का आदेश दिया था और निचली अदालत के प्रतिबंधों को समाप्त करते हुए मस्जिद में नमाज पढ़ने की  अनुमति दी थी।

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