मनीष गुप्ता हत्याकांड : वी द पीपल आफ इंडिया से फ़रार पुलिस वाला बोलता था आई एम इंस्पेक्टर… हू आर यू?

हमारी रिपोर्टर ज़ीनत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक की कमेंट्स और रिएक्शन के आधार पर स्टोरी में बताया है कि गोरखपुर में फरार मुख्य अभियुक्त इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह को वहां के लोग नगद नारायण सिंह के नाम से ज्यादा जानते हैं।

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लखनऊ / गोरखपुर /कानपुर । कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता की बीते दिनों गोरखपुर में हुई हत्या से मृतक के परिजनों के अलावा सोशल मीडिया पर उबाल आया हुआ है। मनीष गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी जगत नारायण सिंह की जीवन कुंडली की सोशल मीडिया पर पोस्टमार्टम की जा रही है।

हमारी रिपोर्टर ज़ीनत ने प्रिंस के इनपुट से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक की कमेंट्स और रिएक्शन के आधार पर स्टोरी में बताया है कि गोरखपुर में फरार मुख्य अभियुक्त इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह को वहां के लोग नगद नारायण सिंह के नाम से ज्यादा जानते हैं।

स्थानीय लोगो का कहना कि इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह क्षेत्र में अपनी दहशत बनाये रखने का शौकीन था बजाय इसके कि वहाँ कानून का इकबाल कायम हो वो व्यक्तिगत रूप से अपना भौकाल कायम किये हुए था।

आपको बताते चलें कि जिस संविधान के जरिये हमारा देश शासित होता है उस संविधान को भारत के लोगों ने शासन व्यवस्था के लिए स्वेच्छा से अंगीकार किया है जिसका पहला वाक्य ही हम भारत के लोग हैं उन्हीं भारत के लोगों को फरार इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह बात बात पर अपमानित करते हुए कहता था I am Inspector, Who are you?

आपकों बता दें कि सोशल मीडिया पर फ़रार इंस्पेक्टर के खिलाफ लोगों में काफी गुस्सा एवं आक्रोश है फेसबुक यूजर लव कुमार लिखते हैं कि क्या विकास दुबे की तरह जगत नारायण सिंह का एनकाउंटर होगा और क्या विकास दुबे की तरह उसका भी घर गिराया जायेगा। लव कुमार की सरकार से मांग है कि मृतक के आश्रितों को एक करोड़ की धनराशि दी जाये।

एक दूसरे फेसबुक यूजर डॉ आशुतोष बाजपेयी घटना की प्रथम दृष्टया अवलोकन के आधार पर लिखते हैं कि विकास दुबे भी फरार था और जगत नारायण सिंह भी फरार हैं घर विकास दुबे का गिरा था घर जगत नारायण सिंह का भी गिरना चाहिये।

फेसबुक यूजर राहुल कुमार गुप्ता ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इंगित करते हुए लिखा है, योगी जी वैश्य समाज सदा से बीजेपी के साथ रहा है और आपके गोरखपुर में जिस तरह मनीष गुप्ता का कत्ल हुआ वह निंदनीय तो है लेकिन उससे भी ज्यादा निंदनीय है यह बात है कि सरकार इस पर लीपापोती कर रही है।

उन्होंने आगे लिखा है कि हमें नौकरी नहीं न्याय चाहिये पुलिस वाले सिर्फ सस्पेंड ही नहीं होने चाहिये बल्कि उनके खिलाफ एक निर्दोष की हत्या का अपराध भी है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिये, नहीं तो राह बहुत मुश्किल होगी यह बात अपने दिल में रख लीजिये। राहुल गुप्ता ने लिखा है कि वैश्य समाज ने ना कभी कोई नौकरी मांगी ना कभी कोई आरक्षण लेकिन अगर हमारे साथ इस इस तरह अन्याय होता रहा तो इसकी भारी कीमत, आपका इंतजार कर रही है।

वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की गंभीरता का संज्ञान लेते हुए मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता को कानपुर विकास प्राधिकरण में OSD पद के लिए संस्तुति की है खबर लिखे जाने तक जानकारी मिली है कि मीनाक्षी गुप्ता को ओएसडी पद पर नियुक्ति मिल गई है आपको बताते चलें कि मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने वृहस्पतिवार को  सीएम योगी से मुलाकात की थी।

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