हाय रे सियासत… पहले सोनेलाल पटेल की पत्नी और बेटी में लड़ाई और अब बड़ी बेटी, छोटी बेटी आमने-सामने आई

अनुप्रिया और पल्लवी दोनों सगी बहनें हैं। उनके पिता सोनेलाल ने अपना दल पार्टी बनाई थी पिता के निधन के बाद पार्टी की कमान मां के हाथ में आई थी और इसके बाद 2014 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद अनुप्रिया ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिसके कारण अनुप्रिया और उनके पति आशीष को पार्टी से निकाल दिया गया था।

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लखनऊ / दिल्ली ।  अस्मिता की राजनीति के रहबर सोनेेेलाल पटेल ने दो दशक पहले अपना दल नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी उनके निधन के बाद उनकी विरासत की जंग उनकी पत्नी और उनकी बड़ी बेटी के बीच चली पार्टी में टूट फूट हुई लेकिन लगता है अब सोनेलाल पटेल की विरासत को लेकर उन्हीं की दोनों बेटियां आमने-सामने हैैं।

सूत्रों के अनुसार, अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मिर्जापुर की सांसद अनुप्रिया पटेल ने गुुुरुवार को दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की तो वहीं शुक्रवार को उनकी छोटी बहन पल्लवी पटेल ने लखनऊ में पूर्व CM अखिलेश यादव से मुलाकात की। 

अनुप्रिया पटेल ने यूपी में कैबिनेट और गठबंधन पर विस्तार से चर्चा की है जिसमें अनुप्रिया पटेल यह चाहती हैं कि उनकी पार्टी से दो चेहरे कैबिनेट में शामिल किये जायें और केंद्र सरकार में भी वो खुद की हिस्सेदारी चाहती हैं। 

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम रजनीतिक दांव-पेंच चल रहे हैं। सियासी अनुमानों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सांसद अनुप्रिया पटेल और संजय निषाद ने मुलाकत की इस मुलकात के बाद बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) आजकल राजनीतिक गलियारो की चर्चाओं में है।

सूत्रों की मानें तो अनुप्रिया ने केंद्र के साथ उत्तर प्रदेश में भी संभावित मंत्रीमंडल विस्तार में अपना दल के प्रतिनिधित्व को लेकर अमित शाह से बात की। यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष और प्रदेश के निगमों और आयोगों में पार्टी नेताओं को शामिल करने के लिए कहा है ।

उधर, अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल अचानक से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलने पहुंच गईं। अनुप्रिया और पल्लवी दोनों सगी बहनें हैं। उनके पिता सोनेलाल ने अपना दल पार्टी बनाई थी पिता के निधन के बाद पार्टी की कमान मां के हाथ में आई थी और इसके बाद 2014 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद अनुप्रिया ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिसके कारण अनुप्रिया और उनके पति आशीष को पार्टी से निकाल दिया गया था। 

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में पल्लवी पटेल समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ना चाहती हैं और सपा भी इसे सकारात्मक मानकर चल रही है हालांकि पल्लवी ने अखिलेश से मुलाकात से इनकार नहीं किया और न ही इकरार किया है । फिलहाल स्थिति यह हो गई कि पार्टी दो हिस्सों में बंटती नजर आ रही है जिससे उनके समर्थक दुविधा में नजर आ रहे हैं। 

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